अपात्र परिवारों को सूची से बाहर करने के लिए बीपीएल परिवारों के घर के सामने साइन बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू

0
537
hp bpl families

शिमला- राज्य में बीपीएल परिवारों को अलग से चिन्हित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत चयनित बीपीएल परिवारों के घरों के सामने साइन बोर्ड लगाया जा रहा है। साइन बोर्ड लगाने की यह प्रक्रिया कांगड़ा जिला से शुरू हो गई है। बीपीएल परिवारों के घर के सामने साइन बोर्ड लगाने के पीछे सरकार का तर्क यह है कि इससे अपात्र लोगों को सूची से बाहर किया जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि यदि बीपीएल सूची में अपात्र परिवार को शामिल किया गया है, तो उसका पता आसानी से चल सकेगा। बीपीएल परिवारों को चिन्हित करने संबंधी यह मामला विधानसभा के बजट सत्र में भी उठा था, जिस पर पंचायती राज और ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा था कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर ऐसा किया जा रहा है। उनका कहना था कि इससे अपात्र परिवारों को सूची से बाहर करने में मदद मिलेगी।

हिमाचल में 2,82,278 बीपीएल परिवार

हिमाचल प्रदेश में इस समय बीपीएल परिवारों की संख्या 2,82,278 है जबकि राज्य में यह संख्या 2,82,370 तय की गई है। यह निर्धारित लक्ष्य से 92 कम है। बीपीएल चयन की नई प्रक्रिया के अनुसार अब 1 पंचायत से 10 परिवारों को बीपीएल की सूची में शामिल किया जा सकेगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य में 3 बार बीपीएल परिवारों की समीक्षा हुई है।

पहले यह समीक्षा 6 अप्रैल, 2008, दूसरी बार 3 मार्च, 2011 और तीसरी मर्तबा 7 अप्रैल, 2013 को की गई। चयन प्रक्रिया के बाद यह सूची केंद्र सरकार को फाइनल करनी है। बीपीएल चयन का अधिकार ग्राम सभा को दिया गया है और गलत चयन करने पर पहले एसडीए कार्यालय और बाद में डीसी के पास इसकी शिकायत की जा सकती है।

कांगड़ा से शुरू हुई प्रक्रिया: ओंकार शर्मा

सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज ओंकार शर्मा का कहना है कि सरकार की घोषणा के अनुसार कांगड़ा जिला से बीपीएल सूची में शामिल किए गए परिवारों के घर के बाहर साइन बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य अपात्र परिवारों को सूची से बाहर करना है।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS