शिमला निगम सुवधायें देने में नाकाम फिर भी प्रापर्टी टैक्स दोगुना कर तिरिक्त बोझ क्यों : विकास समिति टुटू

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shimla mc property tax hike

विकास समिति का यह भी कहना है कि ना सीवरेज व्यवस्था,पीने के पानी की उचित व्यवस्था,उचित पार्किंग,उचित सड़कें,ना स्ट्रीट लाईट और फिर टैक्स दोगुना कर क्या दर्शाना चाहता है नगर-निगम शिमला!

शिमला- विकास समिति टुटू ने वित सविंदा योजना समिति की सिफ़ारिशों पर शिमला निगम क्षेत्र में सेल्फ एकूपेन्सी के इलावा अन्य वर्गों में प्रापर्टी टैक्स को बढ़ाने का विरोध किया है! समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि लेटआऊट रेजीडेंशीयल प्रापर्टी और नान रेजीडेंशीयल प्रापर्टी पर टैक्स लगाने से किरायेदारों और व्यवसायियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाली प्रापर्टी पर टैक्स पहले से दोगुना हो जाएगा जो कि तर्कसंगत नहीं है!

समिति ने कहा कि नगर-निगम शिमला ने भवन मालिकों को खासकर नए शामिल क्षेत्रों में बेहतर सुविधाएं देने की आड़ लेकर पिछले दिनों पहले ही सुविधाओं से ज्यादा टैक्स लगा दिया है और अब दोगुना कर अतिरिक्त बोझ में डालने की कवायद कर रहा है!

विकास समिति का यह भी कहना है कि ना सीवरेज व्यवस्था,पीने के पानी की उचित व्यवस्था,उचित पार्किंग,उचित सड़कें,ना स्ट्रीट लाईट और फिर टैक्स दोगुना कर क्या दर्शाना चाहता है नगर-निगम शिमला!

ये भी बताया कि नगर-निगम कों चाहिए की वे अपनी फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाए न की आम जनता पर बोझ डाले! समिति अध्यक्ष ने कहा कि जोन ए शिमला शहर में जहां नए निगम क्षेत्र से ज्यादा सुविधाएं हैं वहाँ पर 50% और जोन बी जहां शिमला शहर के मुक़ाबले उचित सीवरेज,पानी,स्ट्रीट लाईटें व पक्के रास्ते व खेल के मैदान व पार्किंग न होने पर भी इन क्षेत्रों में 100% बढ़ौतरी करना जायज नहीं है!

समिती ने कहा कि 100 वर्ग मीटर सेल्फ ओकुपाईड प्रापर्टी पर बढ़ौतरी न करना सिर्फ जनता कों गुमराह करना है जबकि लेटआऊट रेजीडेंशीयल प्रापर्टी और नान रेजीडेंशीयल प्रापर्टी पर बढ़ौतरी करना सीधे-सीधे किरायदारों और व्यापारी वर्ग या कमर्शीयल कार्य कर रहे अन्य वर्गों पर कुठाराघात है! समिति ने जनहित में नगर-निगम शिमला और निगम पार्षदों से इस प्रस्ताव कों निरस्त करने की मांग की है!

Photo: Amit Kanwar/TNS

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