सामने आया ट्रीटमेंट प्लांट ठेकेदार का दूसरा गैर जिम्मेदाराना कृत्य, गोल्छा प्लांट पांच साल से बंद, 60 गांवों को पिला रहे गंदा पानी

0
242

शिमला- सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मल्याणा से पेयजल में गंदगी मिलाने के लिए जिम्मेदार ठेकेदार अक्षय डोगर का दूसरा गैर जिम्मेदाराना कृत्य सामने आया है। शिमला नार्थ डिवीजन लक्कड़ बाजार की ओर से सीवरेज की गंदगी खुले में बह रही है। सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा पिछले पांच साल से बंद पड़ा है। ऐसे में शहर के साथ लगने वाले 60 गांवों के लोग गंदा पानी पी रहे हैं।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बंद पड़ा है और मशीनें खराब हैं। इस ट्रीटमेंट प्लांट के कारण गोल्छा, नेरी, चवाग, करयाली, नावंग, कडयाची सहित कई गांवों के लोग सीवरेजयुक्त पानी जो जहर के समान है, पीने को मजबूर हैं। प्रदूषण फैलने के कारण आसपास के क्षेत्रों में लोगों का रहना मुश्किल हो चुका है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य (आईपीएच) विभाग के अधिकारी हर महीने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की पड़ताल के लिए जाते हैं।

हैरानी यह है कि मल्याणा क्षेत्र में पीलिया फैलने के बाद विभाग के अधिकारियों ने जांच करने के लिए रजिस्टर लगाया। उससे पहले कोई जांच नहीं होती थी। अक्षय डोगर के पास मल्याणा व गोल्छा सीवरेज प्लांट का ठेका है। पांच साल से सारी मशीनरी खराब होने पर भी ठेका अक्षय डोगर को दिया गया है। हालत यह है कि शिमला की सारी गंदगी व सीवरेज सीधी नाले में जा रही है।

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा का हाल

1 अलग नहीं हो रही सीवरेज की गंदगी व पानी

गोल्छा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में सबसे पहले इनलैट टैंक बना है। यहां स्क्रीनिंग मशीन खराब होने के कारण सीवरेज की गंदगी व पानी अलग नहीं हो पा रहा है। चौड़ा मैदान, अनाडेल व कैथू से आने वाली सीवरेज लाइन संप वैल मशीन खराब होने के कारण एरिएशन टैंक तक भी न पहुंच कर सीधे नाले में जा रही है। संप वैल मशीन की मोटरें खराब होने के कारण टैंक गाद से भर गए हैं और यह सारी गंदगी नाले में बह रही है।

2 टैंकों में नहीं हो रही सफाई

प्लांट में तीन एरिएशन टैंक बनाए गए हैं। इनमें एक भी टैंक नियमित रूप से कार्य नहीं कर रहा है। एक टैंक में प्लांट के शुरू होने से ही मशीनें खराब पड़ी हैं। दूसरे टैंक में मिक्सर के पंखे टूटे हुए हैं। एक टैंक में ही मिक्सर के पंखे काम कर रहे हैं जिसे बीच-बीच में बंद करना पड़ता है।

3 अधिक लोड से रुकता है टैंक

प्लांट में क्लेरिफाई सिस्टम के दो टैंक बनाए गए हैं। इनमें से एक टैंक काम कर रहा है जबकि एक बीते पांच साल से खराब पड़ा हुआ है। क्लेरिफाई सिस्टम का एक टैंक भी कभी कभार अधिक लोड के कारण रोकना पड़ता है।

4 खराब है एक फ्लैश मिक्सर

प्लांट में दो फ्लैश मिक्सर बनाए गए हैं। इनमें से एक मिक्सर काम कर रहा है और एक खराब पड़ा हुआ है। इस सिस्टम में सीवरेज के पानी को ट्रीट करने के लिए ब्लीचिंग पाउडर मिलाया जाता है। यह सिस्टम भी ब्लीचिंग पाउडर के अभाव में नकारा साबित हो रहा है। इतने बड़े प्लांट में नाममात्र ही ब्लीचिंग पाउडर मिलाया जा रहा है।

5 नाले में बहाई जा रही स्लज

प्लांट में स्लज के लिए अलग से प्लांट लगाया गया है। मशीनरी खराब होने के कारण यह भी कार्य नहीं कर रहा है। ऐसे में स्लज को सीधा नाले में बहाया जा रहा है। इससे नाले का पानी भी दूषित हो रहा है।

6 भूस्खलन से काम का नहीं रहा फ्लाक लीटर का टैंक

फ्लाक लीटर का टैंक प्लांट में बनाया गया है जिसमें पानी को ट्रीट करने के बाद बाहर छोड़ा जाता है। वर्ष 2009 में भूस्खलन होने के कारण यह टैंक प्लांट में नकारा हो गया है। अब सारी गंदगी सीधे नाले में जा रही है। इसे नाले में छोड़ने के लिए बनाई गई नाली भी टूट चुकी है। इसके पाइप नाले में टूटे पड़े हैं जिस कारण प्लांट का गंदा पानी बहकर इधर-उधर पहाड़ियों से बहकर साथ लगते नाले में बह रहा है।

प्लांट की क्षमता

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा की क्षमता 5.80 एमएलडी है। यहां पर केवल 2.30 एमएलडी सीवरेज ही आ रही है। यह सीवरेज भी प्लांट में सही ढंग से ट्रीट नहीं हो रही है।

जेनरेटर की भी सुविधा नहीं

प्लांट में जेनरेटर की सुविधा न होने के कारण लाइट जाने की स्थिति में सीवरेज को ट्रीट नहीं किया जाता है। सारी सीवरेज को सीधा नाले में बहा दिया जाता है।

पशुओं को भी सीवरेजयुक्त पानी

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के साथ लगते नाले में जहां सीवरेज का गंदा पानी मिलाया जाता है, वह आगे जाकर नेरी, चबावग, करयाली, क्यारी, नावग, कड़याहैची, नयासेर, सनयोग आदि गांवों से होकर जाता है। इसी नाले के पानी से लोग खेती, पशुओं को पिलाने के अलावा कई स्थानों पर पीने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।

strong>इन क्षेत्रों से प्लांट में जाती है गंदगी
शिमला के नार्थ डिवीजन गोल्छा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में लौंगवुड, दुधली, भराड़ी, कफ्टाधार, कलैस्टन, लक्कड़ बाजार, चौड़ा मैदान व कैथू से सीवरेज की गंदगी जा रही है।
यह मशीनरी है खराब

स्क्रीनिंग, एरिएशन टैंक, क्लेरिफाई सिस्टम, फ्लैश मिक्सर, पलाक लीटर, स्लज बनाने की मशीन

ठीक करवाई जा रही मशीनरी

सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट गोल्छा में कुछ मशीनरी खराब पड़ी है जिसे ठीक करवाया जा रहा है। प्लांट में पहुंच रही सीवरेज की गंदगी को ट्रीट किया जाता है।

रूप लाल, कनिष्ठ अभियंता, आइपीएच विभाग

PHOTO Hindustan times/Representational image

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS