अन्य खबरे
1000 से ज्यादा लोग पीलिया की चपेट में, 2 की मौत पर मुख्यमंत्री को खबर तक नहीं, स्तिथि कंट्रोल में बता रहे
अस्पतालों में पीलिया के मुफ्त टेस्ट की घोषणा कर आप बरगला रहे हैं या फिर सरकार की कही बात को प्रशासनिक अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं? प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी शिमला में पीलिया का टेस्ट करवाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है।
शिमला- शिमला में पीलिया विकराल रूप धारण कर चूका है अब तक एक हजार के करीब लोग इसकी चपेट में आ चुके है और पीलिया से अब तक तीन लोगो की मौते भी हो चुकी है लेकिन हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिमला में पीलिया को कंट्रोल होने की बात कर रहे है ! मुख्यमंत्री को पीलिया से हुई मौतों की खबर तक तक नही है ! रविवार को जब मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री से पीलिया को लेकर जब पूछा गया तो उनोहने कहा की पीलिया अब कण्ट्रोल में है और मरीजो में कमी आई है उन्हें पीलिया से किसी की मौत हुई है इसकी जानकारी उन्हें नही है ! उनका कहना है की कुछ दिन पहले पीलिया के मामलो में बढ़ोतरी हुई थी लेकिन अब मामले कम हो गए है और स्तिथि पर काबू पा लिया गया!
Video
हैरानी की बात है की शिमला में पीलिया से लोगो की मौत हो रही है हजारो लोग इसकी चपेट में है लेकिन हिमाचल के मुख्यमंत्री स्तिथि कंट्रोल में बता रहे है मुख्यमंत्री को पीलिया से मरने वाले लोगो की जानकारी तक नही है!
शिमला के अस्पतालों में प्रतिदिन एक दर्जन से ज्यादा मामले पीलिया के आ रहे है! इसके आलावा दर्जनों लोग पीलिया झड्वाने झड्फुंक वालो के पास पहुच रहे है ! शिमला में पीलिया से ग्रसित लोगो का आंकड़ा दिनप्रतिदिन बढ़ता जा रहा है! वही प्रशासन इस बीमारी पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रहा है !विभाग एक दुसरे को इस बिमारी फैलने के लिए जिम्मेवार ठहरा रहे है!
शहर में ज्यदातर मामले विकासनगर कसुम्पटी छोटा शिमला खालिनी मेहली के इलाको से आ रहे है! पीलिया फैलने का मुख्या कारण शिमला में गंदे पानी की सप्लाई माना जा रहा है !
मंत्री जी.. कहां हो रहे पीलिया के मुफ्त टेस्ट?
अस्पतालों में पीलिया के मुफ्त टेस्ट की घोषणा कर आप बरगला रहे हैं या फिर सरकार की कही बात को प्रशासनिक अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं? प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी शिमला में पीलिया का टेस्ट करवाने के लिए जेब ढीली करनी पड़ रही है।
आलम यह है कि एसआरएल लैब टेस्ट रिपोर्ट देरी से दे रही है लेकिन आइजीएमसी अस्पताल की अपनी लैब में भी शुल्क देकर ही पीलिया से संबधित स्वास्थ्य परीक्षण हो रहा है। दलील यह है कि पीलिया के टेस्ट मुफ्त करने के संबंध में आदेश सरकार व प्रशासन की ओर से लिखित में नहीं आए है। हालांकि स्वास्थ्य मंत्री मुफ्त टेस्ट करवाने के लिए आइजीएमसी दौरे के दौरान भी कह चुके हैं और अब भी कह रहे हैं। वहीं, जब मरीज पूछता है कि पीलिया का टेस्ट तो मुफ्त नहीं है, इस पर अस्पताल की लैब में बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों का तर्क होता है कि कहने से क्या होता है.. लिखित में तो कोई आदेश नहीं हैं। स्वास्थ्य मंत्री की पीलिया के टेस्ट मुफ्त होने की घोषणा के बाद रोजाना इसी उलझन में मरीज दिख रहे हैं। मरीज अस्पताल इस उम्मीद से पहुंच रहे हैं कि टेस्ट मुफ्त होगा लेकिन जब काउंटर पर बैठे कर्मचारी रसीद काटकर 70 रुपये शुल्क मांग रहे हैं तो लोगों के चेहरे लटक रहे हैं।
काहे का बड़ा अस्पताल
आइजीएमसी अस्पताल की स्वास्थ्य प्रणाली इस बार फिर सुर्खियों में है। आलम यह है कि अस्पताल परिसर में निजी लैब स्थापित होने के बाद से अस्पताल की अपनी लैब में तो स्वास्थ्य परीक्षण संबधी किट मुहैया करवाने में सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। नतीजतन एलएफटी जो लीवर से संबंधित टेस्ट है, वो भी इस बड़े अस्पताल में नहीं हो पा रहा है। यदि पीलिया से संबंधित पांच पैनल के टेस्ट की बात करें तो वो भी अधूरा था। कुछ दिनों से ही पीलिया से संबंधित पूरे टेस्ट हो रहे हैं। पीलिया के पांच पैनल में टोटल बिलिरूबीन, कंजुगेटिड बिलिरूबीन, एलकेलाइन फॉस्फेट, एएसटी व एएलटी टेस्ट होता है। इनमें से एलकेलाइन फॉस्फेट, एएसटी व एएलटी तीन टेस्ट कुछ दिनों पहले ही शुरू हुए हैं जो काफी समय से बंद पड़े थे। पैनल में से दो टेस्ट करके ही आइजीएमसी अपना जिम्मा संभाल रहा था।
दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में टेस्ट मुफ्त
स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में टेस्ट मुफ्त कर दिए गए हैं। जिस व्यक्ति को गंभीर पीलिया है, उसका टाइपिंग ऑफ हैपेटाइटिस टेस्ट भी मुफ्त किया जा रहा है जिसका खर्च रोगी कल्याण समिति से पूरा किया जा रहा है।
अन्य खबरे
LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
अन्य खबरे
हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
अन्य खबरे
शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
-
अन्य खबरे4 weeks agoहिमाचल कैबिनेट के निर्णय : 1000 से ज्यादा पद भरने को मंजूरी ,पढें सभी महत्तवपूर्ण निर्णय
-
अन्य खबरे1 month agoबेसहारा पशुओं की सड़कों पर बढ़ती संख्या पर चला कोर्ट का डंडा , शिमला प्रशासन आया हरकत में
-
अन्य खबरे1 month agoराज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट के लिए जनता से मांगे सुझाव
-
अन्य खबरे3 weeks agoहिमाचल में बाहरी राज्यों के वाहनों के लिए बढ़ा शुल्क, जानें किस वाहन पर कितना शुल्क लगेगा
-
कैम्पस वॉच3 weeks agoHP University: 8 से सिर्फ 3 रह गई बसें, छात्रावासों में भी बुनियादी सुविधाओं की कमी
-
मौसम1 month agoप्रदेश में बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी
-
अन्य खबरे4 weeks agoकांगड़ा : चनौर स्कूल में दिन-दिहाड़ें मिड डे मिल वर्कर की दराती से बच्चों के सामने हत्या, आरोपी गिरफ्तार
-
अन्य खबरे4 weeks agoशिमला: रोहड़ू में किसानों-बागवानों का प्रदर्शन, हिमाचल सेब उत्पादक संघ ने MSP लागू करने, विदेशी सेब पर शुल्क और लेबर कोड रद्द करने की उठाई मांग
