हिमाचल के मंडी – कुल्लू में आपदा प्रबंधन की सख्त जरूरत, विशेषज्ञों ने दी है भीषण भूकम्प की चेतावनी

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Disaster Management Himachal

शिमला- हिमाचल मंडी कुछ क्षेत्र जैसे मंडी के कुछ इलाक़े (मुख्यता सुंदर नगर) और कुल्लू के कुछ इलाक़े सबसे ज़्यादा ख़तरे वाली भूकंप ज़ोन में हैं! हाल ही में मणिपुर में हुए भूकंप के बाद गृह मंत्रालय के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि हिमालयन बेल्ट में कभी भी भीषण भूकंप आने के आसार हैं जिसका परिमाण रिक्टर स्केल पर 8.2 या उससे भी अधिक हो सकता है!

विशेषज्ञों के अनुसार 8.2 की तीव्रता वाला यह भूकंप पूरे उत्तर भारत में भारी तबाही मचा सकता है. आशंका जताई गई है कि यह झटके दिए गए आंकड़े से भी ज्यादा हो सकती है.

पिछले दिनों लगातार आए भूकंपों के अध्ययन के बाद विशेषज्ञ इस तरह की आशंका जता रहे हैं. इसी सप्ताह मनिपुर (6.9) में आए भूकंप और नेपाल(7.3) में आए विनाशकारी झटकों के बाद भूगर्भीय प्लेटों में उथल-पुथल बताया गया है. यह भी कहा जा रहा है कि इनमें दरारें आ गई हैं जो खतरनाक साबित हो सकती हैं.

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पिछले दिनों ईटानगर में आयोजित हुई एनआईडीएम (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन) की एक बैठक में पहाड़ों पर मंडरा रहे इस बेहद गंभीर संकट से निपटने के लिए एक कार्यक्रम व योजना शुरू करने का फैसला किया. इस बैठक में 11 पहाड़ी राज्यों के नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया था.

एनआईडीएम के निदेशक संतोष कुमार के अनुसार नेपाल, भूटान, म्यांमार और भारत को सबसे ज्यादा खतरा है. उनके अनुसार बिहार, यूपी और दिल्ली में भी इसके खतरनाक नतीजे हो सकते हैं जो कि पहले से ही संवेदनशील सेस्मिक जोन में आते हैं. इसे लेकर केंद्र की ओर से संबंधित राज्यों को चेतावनी जारी कर दी गई है.

वसुधा ने भूकंप से निपटने के उपाय सुझाए

वसुधा ने पहले भी जिला प्रशासन को इस ख़तरे के बारे में अवगत करवाया है तथा ज़िलाधीश मंडी ने इसका तुरंत संज्ञान लेते हुए संस्था द्वारा दिए गये सुझावों को अमल में लाने के आदेश जारी किए हैं! इसके तहत जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को निर्देश दिए गये हैं कि वे नियमित रूप से मॉक ड्रिल करवाएं तथा विद्यार्थियों को आपदा प्रबंधन कौशल प्रदान करें! इसके अतिरिक्त संस्थान की बिल्डिंग्स की निकास योजना बनाने के भी आदेश दिए गये ताकि आपदा के समय विद्यार्थियों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके!

मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को पूरी प्रतियां

वसुधा के मुख्या कार्यकारी अधिकारी कर्म प्रताप सिंह ने बताया कि उन्होनें मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर आपदा प्रबंधन के लिए सख़्त कदम उठाने का अनुरोध किया है तथा संस्था की तरफ से कुछ सुझाव भी दिए हैं! मुख्यमंत्री से इमारत निर्माण कोड को सख्ती से लागू करवाने का भी अनुरोध किया गया है! उन्होनें लोगों से अनुरोध किया है की वे स्वयं भी आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक रहें तथा इमारर्तों का निर्माण तय मानकों के अनुसार ही करें!

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