जाखू रोप-वे ट्रायल के दौरान मकान पर गिरी केबल कार, नहीं सह पाई 4 ट्रालियों का भार

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शिमला-शिमला में रोपवे से अचानक कुछ ट्रालियां नीचे गिर गई। कुछ ट्रालियां पेड़ में फंस गई तो एक ट्राली नीचे बने एक मकान पर जा गिरी। हादसा दिन में हुआ। आइए जानते हैं कैसे ये हादसा हुआ!

दरअसल यह हादसा बहु प्रतीक्षित जाखू रोप-वे के ट्रायल के दौरान हुआ। एक ट्रॉली रोप से छूट कर लोअर टर्मिनल के पास मकान पर गिर गई, जबकि तीन अन्य ट्रॉलियां पेड़ों में अटककर मकान पर झूल गईं। रोप-वे की अलाइनमेंट जांचने के दौरान बुधवार को दोपहर करीब पौने दो बजे यह हादसा हुआ।

अलाइनमेंट जांचने को जैसे ही खाली ट्रॉलियां रोप पर आगे बढ़ाई गईं अचानक रोप टावर से उतरकर कैचर में फंस गई। रोप झूलने के कारण ट्रालियां पेड़ों से टकराईं और टहनियां टूटने के बाद एक ट्रॉली रोप से अलग हो गई। ट्रायल के दौरान हुई इस घटना के बाद नए साल पर जाखू रोप वे शुरू होने की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। देर शाम जिला प्रशासन की टीम ने मौके का मुआयना किया। उधर, पुलिस प्रशासन ने कंपनी के खिलाफ थाना सदर में मामला दर्ज कर लिया है।

जिस समय रोप-वे की ट्रॉली गिरी, उस समय मकान के भीतर रुकमेश कुमार सो रहे थे। रुकमेश ने बताया कि पौने दो बजे जोरदार धमका हुआ। बाहर निकलकर देखा तो रोप-वे का केबिन छत पर गिरा था और तीन केबिन हवा में लटक रहे थे। जिस समय हादसा हुआ मकान के बाहर बच्चे भी खेल रहे थे। केबिन गिरने से मकान की छत टूट गई है। दरवाजे और दीवार को भी नुकसान हुआ है।

रोप-वे का निर्माण कर रही जैक्सन कंपनी के एक प्रतिनिधि ने बताया कि जिस मकान पर ट्रॉली गिरी है, उसमें रह रहे दो परिवारों को पास के ही एक निजी होटल में ठहराया दिया गया है। प्रभावित लोगों के खाने-पीने का भी इंतजाम कर दिया गया है। मकान पर झूल रही ट्रॉलियां वीरवार को हटा दी जाएंगी। जिला प्रशासन की ओर से बनाई जाने वाली नुकसान की रिपोर्ट के आधार पर कंपनी भरपाई करेगी।

दुर्घटना में जाखू रोप-वे पर लगाया गया एक केबिन बुरी तरह तबाह हो गया है। फाइबर के इस केबिन की कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है। जैक्सन कंपनी ने रोप-वे के लिए यह केबिन स्विट्जरलैंड से मंगवाए थे। हालांकि, कंपनी ने दावा किया है कि जल्द से जल्द नया केबिन मंगवाकर रोप-वे दुरुस्त कर दिया जाएगा।

जाखू मंदिर के ट्रस्टी और राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के निदेशक अतुल गौतम ने जिला प्रशासन और रोप-वे का निर्माण कर रही कंपनी से प्रभावितों को जल्द उचित मुआवजा देने की मांग की है। गौतम ने बताया कि तीन ट्रॉलियां अभी भी मकान पर लटकी हुई हैं और दुघर्टना का अंदेशा बना हुआ है।

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