22 की उम्र में बना अफसर, ये रहा कामयाबी का राज

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हमीरपुर- सबसे कम उम्र में आईएएस अधिकारी बनने वाले उपायुक्त रितेश चौहान की प्रेरणा से ही विश्व मोहन ने कामयाबी की यह इबारत लिखी है। वह प्रदेश के दूसरे सबसे कम उम्र में यूपीएससी परीक्षा पास कर प्रशासनिक अधिकारी बनेंगे। ‘अमर उजाला’ से विशेष बातचीत में विश्व मोहन ने बताया कि उन्हें आईएएस अधिकारी बनने के लिए उपायुक्त रितेश चौहान ने प्रेरित किया था।

रितेश जब बिलासपुर में उपायुक्त के पद पर थे, उस दौरान विश्व मोहन ने 12वीं की परीक्षा में प्रदेश भर में टॉप किया था। सभी अखबारों के पहले पेज पर ‘आईएएस अधिकारी बनना लक्ष्य’ शीर्षक से खबर प्रकाशित हुई थी। इस पर तत्कालीन उपायुक्त रितेश चौहान ने उन्हें अपने ऑफिस बुलाया। उन्होंने 12वीं में टॉप करने पर बधाई दी। साथ ही आईएएस अधिकारी बनने के लिए यूपीएससी की तैयारी करने के टिप्स दिए।

उनसे प्रेरणा लेकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। इस बीच इंजीनियरिंग की पढ़ाई भी चलती रही। चार वर्षीय इंजीनियरिंग को साढ़े तीन वर्ष में पूरा करने के साथ एमएससी में एडमिशन ली। इसकी पढ़ाई के साथ-साथ यूपीएससी की तैयारियों के लिए सुबह-शाम और दिन में जब भी समय मिला, मेहनत की। समाजशास्त्र, भूगोल, राजनीतिक शास्त्र, करंट अफेयर्स की पत्रिका, ऑनलाइन स्टडी के अलावा विभिन्न लेखकों की सामान्य ज्ञान की पुस्तकें पढ़ीं।

विश्व मोहन ने कहा कि वर्ष 2014 में ही एमएससी की पढ़ाई में व्यस्त रहने के चलते उन्होंने कोचिंग नहीं ली। वह बिलासपुर जिले के मतियाल गांव के रहने वाले हैं। यह गांव हमीरपुर जिले की सीमा से सटा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता को दिया है। कहा कि उनका मकसद नि:स्वार्थ भाव से जरूरतमंदों की सेवा करना है।

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