15 वर्षों से खाली वर्कशाप को स्वास्थ्य विभाग को देने से इंकार

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प्रैस विज्ञप्ति
मुख्यमंत्री के आदेशों को किया दरकिनार
बिजली विभाग ने रच डाला ड्रामा —
15 वर्षों से खाली वर्कशाप को स्वास्थ्य विभाग को देने से इंकार
बिजली बोर्ड ने किया मुख्यसलाहकार के सामने ड्रामा
बिजली विभाग के अधिकारियों की जिम्मेवारी सुनिश्चित की जाये –जनहित में मांग —

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विकास समिति टूटू के अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता ने कहा की अभी हाल ही में पिछले दिनो मुख्यमंत्री ने स्थानीय जनता तथा विकास समिति टूटू की मांग पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने निर्वाचन क्षेत्र शिमला ग्रामीण के टूटू क्षेत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देने की घोषणा की जिसकी नोटिफिकेशन भी जारी हो चुकी है जिसको खोलने के लिए स्थानीय जनता ने यादगार 132 के वी स्टेशन के पास बिजली विभाग के कब्जे में खाली पड़ी वर्कशाप को उचित बताया ! इस संदर्भ में विकास समिति टूटू तथा व्यापार मण्डल टूटू का एक सांझा प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से उनके सरकारी आवास पर भी मिला !

समिति अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता ने बताया की मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इस स्थान को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए उचित बताया तथा प्रतिनिधिमण्डल को आश्वासन दिया की यदि वर्कशाप खाली पड़ी है तो जनहित में स्वास्थ्य केंद्र अस्थाई रूप से इसी स्थान पर ही खोला जाएगा तथा अधिकारियों को इस दिशा में उचित कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये !

नागेंद्र गुप्ता ने कहा की उन्हे पता चला था की इस बीच उपायुक्त शिमला तथा मुख्यमंत्री के निजी सलाहकार टी॰जी॰नेगी के मौके का निरीक्षण करने का दौरा भी निर्धारित कर दिया गया जिसकी भनक लगते ही बिजली विभाग ने पिछले 15 वर्षों से खाली पड़ी वर्कशाप में कुछ वाहन लाकर उन्हे धोना शुरू कर दिया और एक बोर्ड लटका दिया ! अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता ने कहा की मुख्यम्न्त्री के निजी सलाहकार टी॰जी॰नेगी ने पिछले दिनो स्थानीय जनता और व्यापार मण्डल अध्यक्ष दिनेश कपूर तथा बिजली विभाग के एस॰ई॰ के साथ जब मौके का निरीक्षण किया तो एस॰ई॰ने कहा की यहाँ तो वाशिंग का कार्य चलता है तथा इस स्थान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए नहीं दिया जा सकता है !

समिति अध्यक्ष नागेंद्र गुप्ता ने कहा की उन्होने इस वर्कशाप के राजस्व दस्तावेजों की जांच –पड़ताल की है तथा यह भूमि हिमाचल प्रदेश सरकार की है और बिजली विभाग का नाजायज कब्जा इस भूमि पर है जिसकी सूचना राजस्व अधिकारी जिलाधीश शिमला को भी कई मर्तबा दी गई है !

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