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हर वर्ष पाचं महिलाओं को दिया जायेगा “हिमाचल महिला पुरस्कार”: मुख्यमंत्री

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Himachal Mahila Award

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“प्रदेश सरकार हर वर्ष पाचं महिलाओं को उनके शिक्षा , स्वास्थ्य , सशक्तिकरण , खेल , संस्कृति और सामाजिक सेवा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए ” ष्हिमाचल महिला पुरस्कार” से करेगी सम्मानित”

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने आज राज्य स्तरीय अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम कहा कि समाज में महिलाओं द्वारा दिए गए योगदान एवं उत्कृष्ट उपलब्धियों को याद करने का यह एक विशेष अवसर है। इसी के दृष्टिगत प्रदेश सरकार ने उत्कृष्ट महिलाओंए जो अन्यों के लिए प्रेरणादायक हैंए को सम्मानित करने का निर्णय भी लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में महिला आश्रमों को स्थापित किया जाएगा ताकि परित्यक्त महिलाओं के लिए रहने का स्थान उपलब्ध हो सके और इसके साथ ही प्रदेश भर में और अधिक आंगनवाड़ी केन्द्रों को आरम्भ करने के प्रयास किए जाएंगे ताकि महिलाओं और बच्चों को सुविधाएं मिल सके। उन्होंने कहा की प्रदेश सरकार कांग्रेस पार्टी के चुनाव घोषणा पत्र में किए गए वायदों विशेषकर महिलाओं के लिए किए गए वायदों को पूरा करने के प्रति कृतसंकल्प है।

वहीं राज्य में महिला साक्षरता दर और लिगं अनुपात के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में महिला साक्षरता दर 76.60 प्रतिशत तथा लिंग अनुपात 974 है , जो राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है।

उन्होंने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र जैसे शिक्षाए खेलए विज्ञान एवं राजनीति इत्यादि क्षेत्रों में अग्रणी होकर अपनी उपस्थिति का एहसास दिला रही है। उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है तथा वे अपने अधिकारों के प्रति अधिक सचेत हुई हैं। समाज व राष्ट्र के विकास में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
लेकिन यह चिंता का विषय है कि वे आज भी पूरी तरह स्वतंत्र एवं सुरक्षित नहीं हैं और विभिन्न प्रकार के सामाजिक अपराध एवं असमानताओं से जूझ रही है।

महिलाओं के विरूद्ध हाल ही में हुई आपराधिक घटनाओं के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं राष्ट्र पर धब्बा हैं तथा राष्ट्रीय एवं राज्य सरकारें इन घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी पग उठा रही है और इसके लिए उन्होंने समाज के सहयोग को भी महत्वपुर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के प्रति संवेदनशील है तथा उनके सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण को सुनिश्चित बनाने के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विभिन्न विभागों , बैंकों तथा स्वयं सहायता समूहों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। उन्होंने अर्जुन पुरस्कार विजेता तथा युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की संयुक्त निदेशक सुमन रावत तथा अन्तर्राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी प्रियंका नेगी जिन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर तीन स्वर्ण पदक जीतेए को भी सम्मानित किया। उन्होंने वर्ष 2011.12 के लिए एकीकृत बाल विकास योजना के अन्तर्गत उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने के लिए 17 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य पुरस्कार भी प्रदान किए।

वहीं इस अवसर पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि महिलाएं देश की आधी जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करती हैं तथा हर क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। संविधान ने उन्हें समान अधिकार दिए हैं परन्तु यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्हें इस हक से वंचित रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन महिलाओं को उनके अधिकारों , स्वतंत्रता एवं बेहतर जीवन यापन के लिए जागरूक करने के लिए आयोजित किया गया है।

स्टोक्स ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने हमेशा महिलाओं के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है तथा उन्हें लाभान्वित करने के लिए अनेक योजनाएं एवं कार्यक्रम कार्यान्वित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने महिला कल्याण के लिए अह्म भूमिका निभाई तथा यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी भी महिलाओं से जुड़े मामलों पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅण् कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस विश्व भर में आयोजित किया जाता है ताकि महिलाओं के अधिकारों एवं उनसे जुड़े मामलों को उजागर किया जा सके। उन्होंने कहा कि महिलाएं राज्य एवं राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिले की किंकरी देवी ने पर्यावरण से जुड़े मामलों को उठाया तथा बिलासपुर जिले की गंभरी देवी ने पहाड़ी लोक संगीत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने महिला कल्याण के लिए अनेक योजनाएं कार्यान्वित की हैं। उन्होंने कहा कि स्नातक स्तर तक निःशुल्क शिक्षाए मुख्यमंत्री कन्यादान योजनाए किशोरी शक्ति योजनाए बालिका सुरक्षा योजनाए मदर टेरेसा मातृ सम्बल योजनाए इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना तथा महिला उत्थान योजना जैसी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं।

प्रधान सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता पीण्सीण् धीमान ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा विभाग द्वारा कार्यान्वित की जा रही विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी।

विधायक रवि ठाकुर शिमला नगर निगम के महापौर संजय चैहान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष धनेश्वरी ठाकुर हिमाचल प्रदेश समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष वीना ठाकुर शिमला के उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा महिला एवं बाल विकास की निदेशक मधु बाला पुलिस अधीक्षक अभिषेक दुल्लर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी तथा प्रदेश के विभिन्न विभागों से बड़ी संख्या में आई महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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सनवारा टोल प्लाजा पर अब और कटेगी जेब, अप्रैल से 10 से 45 रुपए तक अधिक चुकाना होगा टोल

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शिमला- कालका-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर वाहन चालकों से अब पहली अप्रैल से नई दरों से टोल वसूला जाएगा। केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से बढ़ी हुई दरों पर टोल काटने के आदेश जारी हो गए हैं। जारी आदेश के अनुसार कालका-शिमला एनएच-5 पर सनवारा टोल प्लाजा पर 10 से 45 रुपए तक की वृद्धि हुई है।

टोल प्लाजा संचालक कंपनी के मैनेजर ने बताया कि 1 अप्रैल से कार-जीप का एक तरफ शुल्क 65 और डबल फेयर में 95 रुपये देने होंगे।

लाइट कामर्शियल व्हीकल, लाइट गुड्स व्हीकल और मिनी बस को एक तरफ के 105, बस-ट्रक (टू एक्सेल) को एकतरफ के 215, थ्री एक्सेल कामर्शियल व्हीकल को एक तरफ के 235, हैवी कंस्ट्रक्शन मशीनरी को एकतरफ के 340 और ओवरसीज्ड व्हीकल को एकतरफ के 410 रुपये का शुल्क नई दरों के हिसाब से देना होगा।

सनवारा टोल गेट से 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले वाहन चालकों को पास की सुविधा भी नियमों के अनुसार दी जाती है। इस पास के लिए अब 280 की जगह 315 रुपये प्रति महीना चुकाना पड़ेगा।

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बच्चों से खतरनाक किस्म की मजदूरी कराना गंभीर अपराध:विवेक खनाल

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शिमला- बच्चों से खतरनाक किस्म की मज़दूरी कराना गंभीर अपराध है। 14 साल के अधिक आयु के बच्चों से ढाबे में 6 घंटे से अधिक काम नहीं लिया जा सकता। उन्हें तीन घंटे के बाद एक घंटे का आराम दिया जाना जरूरी है। यह बात वह उमंग फाउंडेशन द्वारा “मज़दूरों के कानूनी अधिकार, समस्याएं और समाधान” विषय पर वेबिनार में वरिष्ठ सिविल जज एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव विवेक खनाल ने कही।

उन्होंने कहा कि असंगठित मजदूरों के शोषण का खतरा ज्यादा होता है। देश की जीडीपी यानी सकल घरेलू उत्पाद का 50% हिस्सा असंगठित मजदूरों के योगदान से ही अर्जित होता है।

विवेक खनाल ने संगठित एवं असंगठित श्रमिकों से जुड़े विभिन्न कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने कहा की 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को खतरनाक किस्म के कामों में नहीं लगाया जा सकता। इनमें औद्योगिक राख, अंगारे, बंदरगाह, बूचड़खाना, बीड़ी, पटाखा, रेलवे निर्माण, कालीन, पेंटिंग एवं डाईंग आदि से जुड़े कार्य शामिल हैं।

उन्होंने बताया कि 14 से 18 वर्ष तक के बच्चे रेस्टोरेंट या ढाबे में काम के तय 6 घंटे तक ही काम कर सकते हैं। शाम 7 बजे से सुबह 8 बजे के बीच उन से काम नहीं लिया जा सकता।

उन्होंने बताया कि भवन निर्माण एवं अन्य कामगार बोर्ड में पंजीकृत होने के बाद श्रमिकों को अनेक प्रकार की सुविधाएं एवं सामाजिक सुरक्षा मिल जाती है। 

विवेक के अनुसार असंगठित मजदूरों के लिए कानून भी काफी कम हैं। जबकि उनकी स्थिति ज्यादा खराब होती है। उन्होंने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत काम करने वाली महिला मजदूरों के बच्चों को संभालने के लिए उन्हीं में से एक वेतन देकर आया का काम भी दिया जाता है। 

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि कि प्राधिकरण की ओर से समाज के जिन वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता दी जाती है उसमें एक श्रेणी मजदूरों की भी है।

इसके अतिरिक्त महिला, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति, और तीन लाख से कम वार्षिक आय वाले बुजुर्ग इस योजना में शामिल हैं। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से बद्दी में मजदूरों के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है।

इसके अलावा विभिन्न जिलों में वैकल्पिक विवाद समाधान केंद्र चलाए जा रहे हैं। एक अलग पोर्टल पर सरकार ई-श्रम कार्ड भी बना रही है।

इस दौरान उन्होंने युवाओं के सवालों के जवाब भी दिए।

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हिमाचल कैबिनेट के फैसले:प्रदेश में सस्ती मिलेगी देसी ब्रांड की शराब,पढ़ें सभी फैसले

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शिमला- मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित प्रदेश मंत्रीमंडल की बैठक में आज वर्ष 2022-23 के लिए आबकारी नीति को स्वीकृति प्रदान की गई।

इस नीति में वर्ष के दौरान 2,131 करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्ति की परिकल्पना की गई है, जो कि वित्त वर्ष 2021-22 से 264 करोड़ रुपये अधिक होगा। यह राज्य आबकारी राजस्व में 14 प्रतिशत की कुल वृद्धि को दर्शाता है।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 राज्य में प्रति इकाई चार प्रतिशत नवीनीकरण शुल्क पर खुदरा आबकारी ठेकों के नवीनीकरण को स्वीकृति प्रदान की गई। इसका उद्देश्य सरकारी राजस्व में पर्याप्त बढ़ोतरी प्राप्त करना और पड़ोसी राज्यों में दाम कम करके होने वाली देसी शराब की तस्करी पर रोक लगाना है।

लाइसेंस फीस कम होने के कारण देसी शराब ब्रांड सस्ती होगी। इससे उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर अच्छी गुणवत्ता की शराब उपलब्ध होगी और उन्हें अवैध शराब खरीदने के प्रलोभन से भी बचाया जा सकेगा और शुल्क चोरी पर भी निगरानी रखी जा सकेगी।

नई आबकारी नीति में खुदरा लाइसेंसधारियों को आपूर्ति की जाने वाली देसी शराब के निर्माताओं और बॉटलर्ज के लिए निर्धारित 15 प्रतिशत कोटा समाप्त कर दिया गया है। इस निर्णय से खुदरा लाइसेंसधारी अपना कोटा अपनी पसंद के आपूर्तिकर्ता से उठा सकेंगे और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्यों पर अच्छी गुणवत्ता की देसी शराब की आपूर्ति सुनिश्चित होगी। देसी शराब का अधिकतम खरीद मूल्य मौजूदा मूल्य से 16 प्रतिशत सस्ता हो जाएगा।

इस वर्ष की नीति में गौवंश के कल्याण के लिए अधिक निधि प्रदान करने के दृष्टिगत गौधन विकास निधि में एक रुपये की बढ़ोतरी करते हुए इसे मौजूदा 1.50 रुपये से बढ़ाकर 2.50 रुपये किया गया है।

राज्य में कोविड-19 के मामलों में कमी को देखते हुए कोविड उपकर में मौजूदा से 50 प्रतिशत की कमी की गई है।

लाइसेंस शुल्क के क्षेत्र विशिष्ट स्लैब को समाप्त करके बार के निश्चित वार्षिक लाइसेंस शुल्क को युक्तिसंगत बनाया गया है। अब पूरे राज्य में होटलों में कमरों की क्षमता के आधार पर एक समान लाइसेंस स्लैब होंगे।

जनजातीय क्षेत्रों में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा प्रदान करने और होटल उद्यमियों को राहत प्रदान करने के लिए जनजातीय क्षेत्रों में बार के वार्षिक निर्धारित लाइसेंस शुल्क की दरों में काफी कमी की गई है।

शराब के निर्माण, संचालन, थोक विक्रेताओं को इसके प्रेषण और बाद में खुदरा विक्रेताओं को बिक्री की निगरानी के लिए इन सभी हितधारकों को अपने प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है।

विभाग की ओर से हाल ही में शराब बॉटलिंग प्लांटों, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं में पाई गई अनियमितताओं को ध्यान में रखते हुए हिमाचल प्रदेश आबकारी अधिनियम, 2011 को और सख्त किया गया है।

राज्य में एक प्रभावी एंड-टू-एंड ऑनलाईन आबकारी प्रशासन प्रणाली स्थापित की जाएगी जिसमें शराब की बोतलों की ट्रैक एंड टेक्स की सुविधा के अलावा निगरानी के लिए अन्य मॉडयूल शामिल होंगे।

मंत्रिमंडल ने वर्ष 2022-23 के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य पथकर नीति को अपनी मंजूरी प्रदान की है जिसमें राज्य में सभी पथकर बेरियर की नीलामी व निविदा शामिल हैं। वर्ष 2021-22 के दौरान टोल राजस्व में गत वर्ष के राजस्व के मुकाबले 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मंत्रिमंडल ने हिमाचल प्रदेश आपदा राहत नियमावली, 2012 में संशोधन को अपनी मंजूरी प्रदान की जिसमें मधुमक्खी, हॉरनेट और वैस्प के काटने से होने वाली मृत्यु, दुर्घटनाग्रस्त डूबने, और वाहन दुर्घटना मंे होने वाली मृत्यु के मामलोें को राहत नियमावली के अंतर्गत शामिल किया गया है।

मंत्रिमंडल ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से राजस्व विभाग में नियमित आधार पर सीधी भर्ती के माध्यम से तहसीलदार श्रेणी-1 के 11 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की।

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