शिमला गोलीकाड़ में दोनो पक्षों को दिया गया गलत करार

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“मामले की न्यायिक जांच में दोनों पक्षों को दिया गया है दोषी करार , पर जांच के अनुसार अगर पुलिस चाहती तो इस घटना को रोका जा सकता था, सरकार तय करेगी की घटना के दोषियों को क्या सजा दी जाए”

शिमला तारादेवी टुट बाई पास रोड पर 9 जनवरी को हुए गोलीकांड के मामले की न्यायिक जांच रिर्पोट आ गई है जिसमें जांच के आधार पर इस पुरे मामले में दानों ही पक्षों को गलत करार दिया गया है और इस पुरी घटना में खुद का बचाव करने में लगी पुलिस की भी गलती सामने आ गई है ।

रिपोर्ट के मुताबिक मौके पर मौजूद पुलिसकर्मि अगर सही कार्यवाही करते तो इस हादसे को रोका जा सकता था।रिपोर्ट में तीनों युवकों मृतक उदय सिंह , हर्ष शर्मा और नितिन को भी दोषी करार देते हुए रिपोर्ट में लिखा गया है कि युवकों ने ही पहले पुलिसकर्मियों पर हमला किया था और साथ ही इनका पिछला क्रिमिनल रिकार्ड भी इस रिपोर्ट में शामिल किया गया है।

क्या था पुरा घटनाक्रम

9 जनवरी को टुट बाईपास रोड पर स्थित पार्किंग में ये घटना हुई थी जिसमें तीन युवकों उदयवीर सिंह पंवर , हर्ष शर्मा और नितिन पुलिस पार्किंग में युवक हर्ष शर्मा की पुलिस के द्वारा जब्त की गई कार को देखने आए थे। वहां डयूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों का दावा है कि वो तीनों यूवक वहां चोरी के इरादे से आए थे और इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में हाथापाई हुई और पुलिस के एक जवान ने गोली चला दी जिससे गोली लगने से युवक उदयवीर की मौत हो गई जबकि एक अन्य यूवक घायल हो गया था

पुरे मामले में सरकार लेगी फैंसला

मामले से जुडी जांच रिपोर्ट जांच अधिकारी एडीएम लॅा एंड आॅर्डर नरेश कुमार लट्ठ ने डीसी दिनेश मल्होत्रा को यह जांच रिपोर्ट सौंपी है। 25 पेज की इस फाइल में घटना का पुरा वर्णन दिया गया है साथ ही इसमें पांच पेज की एक रिपोर्ट भी शामिल है जिसमें पुलिस को दोषी करार दिया गया है। जांच अधिकारी ने उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा को यह जांच रिपोर्ट सौंपी है जिसे उपायुक्त राज्य सरकार को सौंपेगें और सरकार ही इस मामले को लेकर आगे के दिशा निर्देश जारी करेगी।

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