कोटखाई रेप-मर्डर केस: गुस्साए लोगों के सामने हारी सरकार, सीबीआई को सौंपी जांच

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theog-rape-case-cbi-investigationशिमला- कोटखाई गैंगरेप और हत्या मामले में प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच करवाने का फैसला लिया है। वीरभद्र सरकार को मजबूरन यह फैसला लेना पड़ा। लोगों के गुस्से और दबाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।वहीं ठियोग में एसडीएम ने मुख्यमंत्री की सीबीआई से जांच केआदेश की कॉपी जनता को दिखाई है।

Virbhadra Singh Twitter Account

अब यह मामला हिमाचल पुलिस के हाथों से सीबीआई के पास जाएगा।

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सीबीआई अब इस मामले की जांच करेगी। गुस्साए लोगों का आरोप था कि पुलिस जल्दबाजी और दबाव में गलत लोगों को आरोपी बनाकर इस मामले को रफा दफा करने का प्रयास कर रही है और असली आरोपियों को बचाया जा रहा है। लोगों की मांग है कि इस मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए।

वीडियो: गुड़िया रेप-हत्या मामला : पुलिस जांच से गुस्साए लोगों ने किया पुलिस स्टेशन पर पथराव, गाड़ी तोड़ी, ठियोग बाजार बंद

पुलिस की जांच पर लोगों ने उठाए सवाल

लोग शुरू से ही आरोप लगा रहे थे कि इस मामले में बड़े बड़ों को बचाया जा रहा है और छोटे लोगों को बलि का बकरा बनाया गया है। एसआईटी बनने के 55 घंटे बाद ही पुलिस इस सनसनीखेज मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था। लेकिन पुलिस कई सवालों का जवाब नहीं दे रही थी, जिसकी वजह से लोगों का गुस्सा भड़कने लगा।

1 जब चार जुलाई को गुड़िया की मौत हो गई थी, तो छह जुलाई तक जंगल में जानवरों से लाश कैसे बची रही?

2 शव के साथ अगर उसके कपड़े रखे गए थे तो वे इससे पहले बारिश होने के बावजूद वे सही सलामत कैसे थे?

3 अगर दो दिन तक लाश वहां पड़ी थी तो उसके हाथ पैर और पूरा शरीर बिलकुल साफ सुथरा कैसे था?

4 दुराचार के दौरान छटपटाहट की वजह से उसके हाथों शरीर में मिट्टी क्यों नहीं लगी?

5 जो दो नेपाली जो पकड़े गए, उनके डेरे से घटनास्थल की दूरी करीब 200 मीटर है, ये सवाल उठता है कि नेपालियों ने ये हत्या की होती तो वे वहां शव क्यों फेंकते?

6 आमतौर पर जघन्य हत्या करने के बाद नेपाली भाग जाते हैं। लेकिन हत्या के बाद ये भागे क्यों नहीं?

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