15,000 की आबादी वाले सिमिट्री क्षेत्र में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं, न गाड़ी पार्किंग की कोई व्यवस्था

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Image:en.wikipedia.org

शिमला- सर्व हितकारी कल्याण संघ की सिमिट्री इकाई की बैठक में शिमला शहर में सफाई व्यवस्था की दयनीय स्थिति पर चिंता व्यक्त की गई। शहर के शौचालय बंद पड़े हुए हैं और शहर में पानी की राशनिंग की जा रही है। सिमिट्री क्षेत्र में पन्द्रह हजार की आबादी रहती है लेकिन वहां एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है जो सरकार की साफ-सफाई की पोल खोल रही है। जगह-जगह कूड़ा-कचरा बिखरा हुआ है, जिससे शहर बदसूरत बनता जा रहा है। यह कहना है संघ के प्रदेश प्रधान गुरुदत्त शर्मा का!

गुरुदत्त शर्मा ने कहा कि सिमिट्री व साथ के क्षेत्र में गाड़ी पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां-वहां सड़कों पर वाहन खड़े रहते हैं। यदि सरकार सुरंग के पास लोक निर्माण विभाग के पुराने भवन को गिराकर यहां पार्किंग का निर्माण कराए तो इस क्षेत्र के लोगों की पार्किंग की समस्या का हल निकल सकता है।

उल्लेखनीय है कि इस वार्ड में पहाड़ के विभिन्न क्षेत्र के लोगों ने मकान बनाए हुए हैं और परिवार सहित यहां रहते हैं, लेकिन इस वार्ड का अभी तक योजनाबद्ध विकास नहीं हो पाया है। यही कारण है कि लोगां के भवन नियमित नहीं हो पाए हैं। साथ ही बिजली की समस्याएं खड़ी हो गई है जबकि क्षेत्र की जनता लम्बे समय से नगर निगम शिमला को कर (टैक्स) अदा कर रही है।

सर्व हितकारी कल्याण संघ के प्रधान गुरुदत्त शर्मा ने आगे कहा कि शिमला शहर में ट्रैफिक की व्यवस्था गहरी चिंता का विषय है। जाम के कारण स्थानीय जनता को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की गलियों की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है और शहर की सड़कें खस्ताहाल हैं। पेयजल की अनियमित व्यवस्था के चलते शहरवासियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तथा शिमला शहर की आधी जनसंख्या के लिये पेयजल की व्यवस्था नहीं है।

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