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चित्र: पंजाब केसरी

लोगों ने बताया के बेवजह एसडीएम को निशाना बनाया गया है। लोगों का कहना है कि विकास शुक्ला पर गाज गिराना उचित नहीं है। पिछले 6 महीने में अपने कार्यकाल के दौरान विकास शुक्ला ने क्षेत्र में कई ऐसे कार्य किए हैं जो पिछले कई सालों से सिरे नहीं चढ़ रहे थे। अंदाजन विकास शुक्ला लोगों के चहते बन गए।

सिरमौर- हिमाचल प्रदेश मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सरकार गहन सवालों के घेरे में आ गयी जब क्षेत्र के हजारों लोंगों ने आज सड़क पर उतर शिलाई के एस.डी.एम् के ट्रांसफर के खिलाफ ज़ोरदार प्रदर्शन किया! एसडीएम शिलाई विकास शुक्ला के तबादले का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। एसडीएम के तबादले को रद्द करने की मांग को लेकर शिलाई में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे। लोगों ने सरकार को अल्टीमेटम दिया है कि अगर 7 दिनों के भीतर तबादला आदेश रद्द न किए तो उन्हें मजबूरन आंदोलन के लिए सड़क पर उतरना पड़ेगा। ऐसे में अगर सरकार ने अगर मामले को गंभीरता से ना लिया तो प्रशासन को यहां बड़े विरोध से गुजरना पड़ सकता है।

उल्लेखनीय है कि लड़कियों की कथित तस्करी मामले को लेकर सुर्खियों में आए विकास शुक्ला का सरकार ने तबादला कर दिया है जो स्थानीय लोगों को रास नहीं आ रहा है। लोगों ने बताया के बेवजह एसडीएम को निशाना बनाया गया है। लोगों का कहना है कि विकास शुक्ला पर गाज गिराना उचित नहीं है। पिछले 6 महीने में अपने कार्यकाल के दौरान विकास शुक्ला ने क्षेत्र में कई ऐसे कार्य किए हैं जो पिछले कई सालों से सिरे नहीं चढ़ रहे थे। अंदाजन विकास शुक्ला लोगों के चहते बन गए।

मुख्यमंत्री ने बयान देकर रिपोर्ट को फर्ज़ी बता इस गहन मुद्दे से जुड़ी सभी ख़बरों को जुठला दिया था! मुख्यमंत्री ने कहा था की शिलाई में ऐसी कोई भी समस्या नहीं है जैसा की समाचार पत्रों द्वारा छापा गया था!

एसडीएम शिलाई पद पर रहते हुए विकास शुक्ला बीपीएल सर्वे को लेकर भी सुर्खियों में रहे थे। एसडीएम द्वारा करवाई गई जांच में सरकारी कर्मचारी तक बीपीएल की सूची में पाए गए। 79 परिवार सूची से बाहर हुए हैं। 27 पंचायतों के सर्वे पर एसडीएम के तबादले के बाद तलवार लटक गई है। वहीं एसडीएम उस समय भी चर्चा का विषय बने जब खुले में शौचमुक्त करने के लिए एसडीएम साहब ने दो-तीन दिन के भीतर ही 88 किलोमीटर की पदयात्रा कर डाली।

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