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राहुल गाँधी की गिरफ्तारी और एंडीटीवी प्रसारण पर रोक के खिलाफ हिमाचल कांग्रेस का शिमला में प्रदर्शन

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शिमला- सोमवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित पुरे प्रदेश में जिला स्तर पर सभी जिला मुख्यालय में केन्द्र की मोदी सरकार की तानाशाहीपूर्ण कार्यशैली के विरूद्व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुहं पर काली पटटी बांध कर विरोध व धरना प्रर्दशन किया! इस अवसर पर सैंकड़ो कार्यकर्ता मौजूद थे।

इसी कडी में प्रदेश मुख्यालय शिमला में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ठाकुर सुखविन्द सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के सैंकड़ो कार्यकर्ताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बाहदूर शास्त्री की प्रतिमा के निचे शांतिपूर्ण ढ़ग से विरोध प्रर्दशन किया।

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सुखविन्दर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने झुठे सपने दिखाकर और झुठे प्रलोभन देकर देश की जनता को गुमराह करते हुए केन्द्र में सत्ता प्राप्त की है और जब से वे केन्द्र की सत्ता पर काबिज हुए है उनकी कार्यप्रणाली हमेशा से दमनकारी, तानाशाही व लोकतन्त्रीक मुल्यों के विपरित रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जिस प्रकार से केन्द्र की मोदी सरकार लोकतंत्र के खिलाफ कार्य कर रही है वह हमारे लोकतन्त्र के लिए चिन्ताजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंनें कहा कि केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा लोकतन्त्र की हत्या करने का ताजा उदाहरण हाल ही में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पूर्व सैनिक के परिवार से मिलने से रोकना व गिरफ्तार करना तथा लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ मीडिया के अधिकारो का हनन करते हुए NDTV के प्रसारण पर रोक लगाना है। मोदी सरकार लोकतन्त्र की धज्जियां उड़ाते हुए आम लोगो व मीडिया के अधिकारो का हनन कर रही है और संविधान मे मिले अभिव्यक्ति के अधिकार से वंचित किया जा रहा है जो कि देश के लिए बहुत गम्भीर चिन्ता का विषय है, जिसकी कांग्रेस पार्टी घोर निन्दा करती है।
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सुक्खू ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा वन रेंक, वन पैंशन पर भूपपूर्व सैनिकों को गुमराह किया गया जिस कारण पूर्व सैनिक आत्महत्या करने पर मजबूर हो रहें हैं। उन्होंनें पूर्व सैनिक द्वारा आत्महत्या करने पर उनके परिवारजनों को सांत्वना देने के लिए जब श्री राहुल गांधी व अन्य राजनैतिक दलों के नेता उनके मिलने गये तो उन्हें रोका ही नही गया बल्कि गिरफ्तार किया है और साथ ही आत्महत्या करने वाले पूर्व सैनिक के परिवार को भी गिरफ्तार कर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जो हमारे लोकतन्त्र के लिए बहुत ही शर्म की बात है और इस प्रकरण में केन्द्र सरकार के ईशारे पर काम करने वाली दिल्ली पुलिस की गुण्डागर्दी वाली कार्यप्रणाली सबके सामने उजागर हुई है।
Congress Protest in Shimla

केन्द्र सरकार के विरोधियों, आम लोगो व मीडिया के अधिकारो को जिस प्रकार से जिस प्रकार से मोदी सरकार द्वारा कुचला जा रहा है उसकी कांग्रेस पार्टी कडे शब्दों में निन्दा करती है तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं सहित आम लोगो का आवह्न किया कि हम सब मिलकर केन्द्र की तानाशाही सोच वाली सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलदं करें ताकि हमारे लोकतन्त्र की रक्षा व इसकी मर्यादा बनी रहे।

कांग्रेस ने कहा कि इन 28 महीनों में देश में एक ऐसा माहौल बना दिया गया है कि भारतीय जनता पार्टी से सवाल पूछो तो आप देशद्रोही हो, सरकार से सवाल पूछो तो आप राष्ट्रद्रोही हो, ये सरकार लोकतंत्र को पूरी तरह से खत्म करने पर लगी हुई है। ये बड़ा और बुनियादी चिंता का विषय है और सारी राष्ट्रवादी और प्रगतिशील ताकतों को साथ में खड़े होने की जरुरत है।

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आढ़तियों के विरुद्ध चल रहे धोखाधड़ी के मुकदमें, फिर भी सरकार ने कारोबार करने की दे दी अनुमति

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शिमला– किसान संघर्ष समिति की बैठक 19 जुलाई को गुम्मा, कोटखाई में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता सुशील चौहान की ने की तथा इसमे समिति के सचिव संजय चौहान विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में किसानों व बागवानों के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की

बैठक में बागवानों ने अवगत करवाया कि जिन आढ़तियों ने बागवानों का बकाया भुगतान करना है व उनके विरुद्ध शिकायत दर्ज की गई है, इनमें से कुछ आढ़तियों ने दुकाने खोल कर अपना कारोबार आरम्भ कर दिया है। जबकि ए पी एम सी कह रही हैं कि ऐसे आढ़तियों व कारोबारियों को कारोबार नहीं करने दिया जाएगा। इससे ए पी एम सी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा है और वह इनको कारोबार की इनको कैसे इजाजत दे रही हैं जबकि इनके विरुद्ध मुकदमे चल रहे हैं और कार्यवाही की जानी हैं।

बागवानों ने कहा कि इसके अलावा ए पी एम सी, अधिनियम, 2005 के प्रावधानों को भी लागू नहीं किया जा रहा है। अधिनियम की धारा 39 की उपधारा 2 के नियम xxi में स्पष्ट प्रावधान है कि जो भी कारोबारी होगा उसको लाइसेंस जारी करने से पहले नकद में सुरक्षा के रूप में बैंक गारंटी लेनी है परंतु ए पी एम सी के द्वारा कोई भी ऐसी व्यवस्था नहीं की है जिससे बागवानों को मण्डियों में धोखाधड़ी का शिकार न होना पड़े। ए पी एम सी निर्देश जारी कर रही हैं कि आढ़ती खरीददार की जांच करवाएगा और पता लगाएं कि वह सही है या नहीं। जोकि ए पी एम सी अपने विधिवत दायित्व को निभाने से भाग रही हैं। क्योंकि किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य सुनिश्चित करना ए पी एम सी का वैधानिक दायित्व हैं।

बागवानों ने कहा कि ए पी एम सी अधिनियम, 2005 की धारा 39 की उपधारा 2 के नियम xix में स्पष्ट प्रावधान है कि किसान बागवान का जिस दिन ही उत्पाद बिकेगा उसी दिन उसका भुगतान किया जाए। परन्तु ए पी एम सी का ये बयान कि यदि 15 दिन तक आढ़ती या खरीददार भुगतान नही करता तो उसके बाद उसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी। यह ए पी एम सी अधिनियम, 2005 की खुले तौर पर अवहेलना हैं। इससे ए पी एम सी की मंशा पर सवालिया निशान लगाता है।

बागवानों ने बैठक में ये भी अवगत करवाया कि सरकार द्वारा मजदूरी के रूप में 5 रुपये प्रति पेटी की जो दर तय की गई है कई मण्डियों में यह 25 से 30 रुपए तक ली जा रही हैं। बागवानों ने गत वर्ष भी सरकार व ए पी एम सी से इस बारे शिकायत की थी। परन्तु इस पर भी अभी तक कोई रोक नहीं लगाई गई है।

बैठक में कुछ बागवानों ने अवगत करवाया कि SIT के माध्यम से कुछ बागवानो का आढ़तियों के द्वारा भुगतान भी किया गया है और कुछ बागवानों की बकाया राशी 20 जुलाई, 2019 तक दी जायेगी।

बैठक में कोटखाई के 4 ऐसे बागवान भी थे जिन्होंने भी आढ़तियों से और पैसे लेने है। यह कुल रकम 6,91,605 रुपये बनती हैं।

बैठक में निर्णय लिया गया कि इनकी ओर से भी दोषी आढ़तियों के विरुद्ध मुकदमा दायर किया जाएगा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार किसान संघर्ष समिति द्वारा 24 जून, 2019 को दिये गए मांगपत्र पर शीघ्र कार्यवाही करें। तथा ए पी एम सी की लचर कार्यप्रणाली को सुचारू करने के लिए सख्त आदेश करें ताकि किसानों व बागवानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके और उनको मण्डियों में धोखाधड़ी व शोषण से बचाया जा सके। यदि सरकार इन माँगो पर तुरन्त ठोस कदम नहीं उठती है तो किसान संघर्ष समिति अन्य किसान संगठनों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी

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10 कार्यकर्ताओं के निष्कासन पर ऐबीवीपी का धरना प्रदर्शन,विश्वविद्यालय पर एक तरफा कार्यवाही का लगाया आरोप

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शिमला– आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई ने विश्वविद्यालय में पिंक पेटल्स चौक पर धरना प्रदर्शन किया । इकाई सचिव अंकित चंदेल ने जानकारी देते हुए बताया की पिछले कल विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से एक तनशाही फैसला निकाला गया जिसमें 10 ऐबीवीपी कार्यकर्ताओं को विश्वविद्यालय से निष्कासित कर दिया गया।

गौरतलव है की पिछले 11 जुलाई को विद्यार्थी परिषद ने कैम्पस मे धरना प्रदर्शन किया था जिसके चलते 10 छात्रों का निष्काशन कर दिया है।

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धरने को संबोधित करते हुए इकाई सचिव अंकित चन्देल ने बताया की एक तरफ जब कर्मचारियों द्वारा कुलपति कार्यालय में नारेबाजी की जाती है तो उन कर्मचारियों क खिलाफ कुलपति साहब की कोई प्रतिक्रिया नही आती, परन्तु जब ऐबीवीपी कैम्प्स में धरना प्रदर्शन करते है तो उन्हें तुरन्त प्रभाव से निष्कासित कर दिया जाता है जोकि सरासर एकतरफा कार्यवाही है।

चन्देल ने कहा कि विश्वविद्यालय अपनी कमियों को छुपाने क लिए तरह-2 के हथकण्डे अपना रहा है। जहाँ अधूरे परिणामों की वजह से प्रदेश भर के छात्र परेशानी में हैं वहीँ प्रशासन अपने मुंह मिया मिठु बनने में कोई कसर नही छोड़ता।

ABVP Protest at HPU over suspension of members

चन्देल ने कहा कि सभी को ज्ञात है विवि में नौ महीने में पीएचडी (P.hD) और एमसीऐ (MCA) में फर्जी तरीके से प्रवेश के मामले सामने आते है, और इन सभी गडवड़ियों के विरोध करने वाले छात्र संगठनों की आवाज को दबाने का प्रयास विश्वविद्यालय प्रशासन् कर रहा है।

धरने क माध्यम से प्रशासन को चेताते हुये परिषद ने मांग उठाई विश्वविद्यालय अपना काम करे न कि छात्र संगठनों के कार्य मे दखल दे। ऐबीवीपी ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द परिषद कार्यकर्ताओं का निष्कासन् वापिस नही करता है तो प्रदेश स्तरीय आंदोलन करने में कोई गूरेज़ नही होगाI ऐबीवीपी ने साथ ही यूजी UG के सभी परीक्षा परणामों को पूरा करने की मांग भी प्रशासन के सामने रखी है।

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सेब के सर्मथन मुल्य में मात्र 50 पैसे बढ़ौतरी बागवानों से भद्दा मजाकः राठौर

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शिमला -हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने वर्तमान भाजपा सरकार द्वारा सेब के सर्मथन मुल्य में की गई मात्र 50 पैसे की बढ़ौतरी को बागवानों के साथ किया गया भद्दा मजाक करार दिया है।

आज शिमला से जारी प्रेस वयान में कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में जब बागवानों को अपनी फसल तैयार करने के लिए भारी मंहगाई का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि जी.एस.टी के चलते सेब से संबंधित पैकिंग से लेकर फफूंद नाशक दवाईयां एवं अपनी फसलों को मंण्ड़ियों तक पहुॅचाने के लिए किराया भी कई गुणा बढ़ गया है इसके चलते सेब के सर्मथन मुल्य कम से कम 10 रूपये होना चाहिए।

कुलदीप राठौर ने कहा कि सेब इलाकों में बहुत जगह सड़कों की हालत खराब पड़ी है और सेब को मण्ड़ियों तक पहुॅचाने वाले ट्रक व गाड़ियों के मालिक खराव सडकों पर गाडियाॅं भेजने को मना कर रहे हैं इसलिए सरकार को चाहिए कि ख़राब सडकों को जल्दी से जल्दी ठीक करवायें।

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