Shimla Sabzi Mandi Parking
File Photo: Himachal Watcher

शिमला- जिला कॉंग्रेस कमेटी शिमला शहरी इकाई ने सब्जी मंडी सड़क पर चल रही अवैध वसूली पर निगम के सुस्त रवैये की कड़ी आलोचना की है व इसके पीछे निगम के अधिकारियों की मिली भक्त की आशंका जाहीर की है।

काँग्रेस ने आरोपलगाते हुए कहा कि निगम ने शहर की सड़को को ठेकेदारों के हाथो गिरवी रख दिया है। ठेकेदारो द्वारा पार्किंग ने नाम पर जहां तहां शहर की जनता की ज़ेब काटी जा रही है और निगम मूक दर्शक बना हुआ है। राम बाजार वार्ड के अंतर्गत आने वाली सब्जी मंडी सड़क जो की कार्ट रोड से सब्जी मंडी पहुचने का मुख्य मार्ग है। काँग्रेस ने कहा कि निगम की कारस्तानी के चलते शहर की सबसे महंगी सड़क बन गई है और निगम ने 10 गाड़ियो की पार्किंग को 14 लाख के ठेके पर देकर सड़क पर ठेकेदारों को अवैध वसूली के सारे अधिकार दे डाले है ।

काँग्रेस का यह भी कहना है कि निगम द्वारा सड़क की टायरिंग के बाद पार्किंग के लिए यलो लाइन लगाना प्र्स्तवित था व सड़क मे 10 गाड़ियों की पार्किंग व्यवस्था की जानी थी लेकिन निगम ने सड़क की पार्किंग को 14 लाख मे ठेकेदारो को दे डाला जो की अपने मुनाफे के चक्कर मे 10 गाड़ियों के स्थान पर ज्यादा से ज्यादा गाड़ियो को खड़ी करने की फिराक मे पूरी सड़क पर कब्जा कर चुके हैं।

ये ही नहीं सड़क पर ऊपर गाड़ी ले जाने वालो से भी मनमर्जी की वसूली की जा रही है, 10 गाड़ियो के स्थान का ठेका 14 लाख मे अपने आप मे ही कई सवाल खड़े करता है पर अपना पैसा पूरा करने को ठेकदारों द्वारा अवैध वसूली होना स्वाभाविक है क्योंकि उन्हे निगम अधिकारियों का संरक्षण मिल रहा है। काँग्रेस ने कहा कि राम बाजार वार्ड की पार्षद द्वारा इस मामले मे निगम के आयुकत से बार बार शिकायत करने के बावजूद स्थिति मे कोई सुधार नहीं आया है न तो कोई कार्यवाही अमल मे लाई गई है ।

काँग्रेस का कहना है कि सड़क पर ज्यादा गाड़ियों के खड़े होने से आने जाने वालो को ख़ासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है वहीं सब्जी मंडी मे अपना सामान लाने ले जाने वाले किसान व स्थानीय लोग भी आए दिन ठेकदारों की अवैध वसूली का शिकार हो रहे हैं लेकिन निगम द्वारा किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की गई है ।

नगर निगम पर सवालो का आरोप लगते हुए कांग्रेस ने कहा कि की ऐसी कौन से गणित के तहत 10 गाड़ियो की पार्किंग को 14 लाख के ठेके पर दिया गया है और यदि यलो लाइन के तहत यहाँ 10 गाड़ियों की पार्किंग प्र्स्तवित थी तो उस प्रस्ताव के तहत यलो लाइन क्यूँ नही लगाई गई ? यदि निगम को ठेकेदारो की अवैध वसूली की शिकायते मिली हैं तो उस पर आज तक कोई कार्यवाही क्यूँ नही की गई ? ठेकेदारों द्वारा अवैध रूप से आने जाने वालो से शुल्क वसूला जा रहा है उसपर निगम का क्या रुख है?

आरोप लगते हुए कांग्रेस ने कहा कि क्या शिमला शहर की सड्को को निगम ने ठेकेदारो के पास गिरवी रख दिया है या कोई मिलीभक्त के तहत सब कुछ जानते हुए भी निगम आंखे मूँद कर कुंभकरणी नींद के मजे ले रहा है ।

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