एचपीयू में फिर हिंसा, भारी पुलिस बल की माजूदगी में 2 जनजातीय छात्रों पर जानलेवा हमला

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वंही दूसरी तरफ कुछ समाचार पत्रों ने इस घटना को किसी और तरह ये कह कर परोसग दिया कि हमला एस एफ आई द्वारा एबीवीपी पर किया गया है!

शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में शनिवार को शुरू हुआ खून खराबा सोमवार को भी जारी रहा! आज (3 अक्टूबर) को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में एबीवीपी के कुछ छात्रों ने मिलकर आरोपन जनजातीय छात्र अध्यक्ष अरुण राणा और उनके साथियों पर सुबह 8:45 के करीब जानलेवा हमला किया!

जनजातीय छात्र संघ के अध्यक्ष अरुण राणा ने कहा कि वे और उनके कुछ साथी नैक की टीम का स्वागत करने के लिए प्रोफसर चन्द्र मोहन परशीरा (विभागध्यक्ष एम्टीऐ) के साथ जा रहे थे! जैसे ही उनकी गाड़ी समरहिल चौक पहुँची तब उन्हें एबीवीपी के कुछ छात्रों द्वारा गाड़ी से जबरदस्ती निकाल कर उनके साथ मार पीट की और साथ ही साथ जनजातीय जाती सूचक टिप्पणीयां करते हुए जान से मारने की भी धमकी दी!

जनजातीय छात्र अध्यक्ष ने हिमाचल वॉचर को बताया कि जब एबीवीपी के कुछ छात्र उन्हें मार रहे थे उस समय वहां खड़ी पुलिस मूकदर्शक की तरह तमाशा देखती रही तथा कुछ देर बाद पुलिस होश में आई!

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वंही दूसरी तरफ कुछ समाचार पत्रों ने इस घटना को किसी और तरह ये कह कर परोस दिया कि हमला एसएफआई द्वारा एबीवीपी पर किया गया है!

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चोटिल हुए राणा ने ये भी कि उन्होने पुलिस में भी इस इस घटना से सम्बन्धित एफआईआर भी की गयी है! राणा ने आरोप लगते हुए ये भी कहा कि इससे पहले भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा जनजातीय छात्रों को जाती सूचक शब्द कहे गए हैं जिससे सम्बन्धित एफआईआर भी 29 सितम्बर, 2016 समरहिल पुलिस चौंकी में शिकयात दर्ज की गयी है!!

राणा ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले शोद्यार्थियों को उनके कमरे में जा कर भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जान से मारने की धमकी दी है!

इस घटना का कड़ा विरोध करते हुए हुए जनजातीय छात्र संघ ने कहा कि दोषी कार्यकर्ताओं के सख्त कार्यवाही की मांग करती है और अगर भविष्य में जनजातीय छात्रों पर कोई भी हमला होता है तो इसके जिम्मेवार विश्चविद्यालय प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन की होगी!

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