बाहरा विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग छात्रों ने स्कूटर इंजन से बनाया कम लागत वाला हैंड ट्रैक्टर

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Bahra University Shimla

शिमला- बाहरा विश्वविद्यालय के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के होनहार छात्रों ने अपनी बुद्धिमता का प्रदर्शन करते हुए कम लागत वाले हैंड ट्रेक्टर का निर्माण किया है ।इस विषय में अधिक जानकारी देते हुए बाहरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ एस के बंसल ने बताया कि ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के आठवें सेमेस्टर के छात्र इंजीनियर जनक भारद्वाज, इंजी. विनीत ठाकुर और वि0वि0 के मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र इंजी.राकेश शर्मा ने ये कारनामा कर दिखाया है। डॉ. बंसल ने कहा कि इस हैंड ट्रैक्टर की खासियत है कि बाज़ार में उपलब्ध अन्य ट्रैक्टरों कि तुलना में इसके स्पेयर पार्ट्स आसानी से व् सस्ते मिल सकते हैं।

Bahra University Waknaghat

जनक भारद्वाज ने कहा कि उनके इस हैंड ट्रेक्टर में चार ब्लेड लगे हुये हैं , जिसको बजाज चेतक के इंजन से निर्मित इंजन से जोड़ा गया है और उसे स्टार्ट करने के बाद यह जुताई के लिए तैयार हो जाता है। उन्होंने ये भी बताया कि अपने 7 लीटर के ईंधन टैंक कि वजह से ये ट्रैक्टर दो घंटे से ज़्यादा तक चल सकता है।

गौरतलब बात ये है कि अगर उपयोगकर्ता को कम लागत में काम निकलवाना है तो वो एक बार चालु करने के बाद इसे ईंधन से मिटटी के तेल पे स्विच कर सकते हैं ।हिमाचल कि दुर्गम परिस्थितियों को देखते हुए इसको एक वरदान से कम नहीं समझा जा सकता क्यूंकि अकेला व्यक्ति दो हिस्सों में करके इसे खेत तक पहुंचा सकता है। जनक भरद्वाज ने बताया कि जहाँ आम ट्रैक्टर कि कीमत 60 हज़ार से 1 लाख के बीच होती है, वहीँ उनके द्वारा निर्मित इस हैंड ट्रैक्टर कि कीमत मात्र 20 से 25 हज़ार रुपये है।

भरद्वाज का यह भी कहना है कि उनके इनोवेशन को हिमाचल में किसानों ने टेस्ट ड्राइव करने के बाद अधिक सराहा है और उन्हें अभी तक 50 के करीब बुकिंग्स मिल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी क्षमता में निर्माण करने के लिए अभी वो असमर्थ हैं लेकिन इस कृति को वे शीघ्र ही पेटेंट करवा देंगे एवं अगर कोई कंपनी उनके साथ जुड़ना चाहती है तो वो तैयार हैं। प्रधानमंत्री के स्किल इंडिया प्रोग्राम का हवाला देते हुए कहा कि भविष्य में वे अपनी ऑटोमोबाइल कंपनी का निर्माण करने के इच्छुक हैं और वो चाहेंगे कि गरीब छात्र, जो कि महंगी इंजीनियरिंग की पढाई न कर सकें उन्हें वे ऑटोमोबाइल प्रौद्योगिकी की ट्रेनिंग दें।

जनक भारद्वाज समेत तीनो छात्रों ने वाकनाघाट समीप कियारिबंग्ला में एक छोटी सी रिपेयर वर्कशॉप खोली हुई है जहाँ पर ये रोज़ नए नए प्रयोग करते रहते हैं। उनकी वर्कशॉप में खेती के लिए उपयोग में लाये जाने वाले अधिकतर ट्रैक्टर रिपेयर के लिए आते रहते हैं और इस से उन्हें ऐसा ट्रैक्टर बनाने की प्रेरणा मिली जिसकी रिपेयर कम हो और स्पेयर पार्ट्स आसानी से मिल सकें। इन् तीनो दोस्तों ने डेढ़ माह की कड़ी मेहनत के बाद इस हैंड ट्रैक्टर का निर्माण किया।

जनक भरद्वाज को 2015 में दूरदर्शन कि तरफ से उनकी रचनात्मकता के लिए सम्मानित किया गया था । ये ही नहीं जनक ने 2011 में पांच सीटर बाइक के अतिरिक्त अन्य कई प्रोजेक्ट्स का सफल निर्माण किया है व् वे अपनी वर्कशॉप में वि.वि के अन्य विद्यार्थियों को मुफ्त में प्रशिक्षित करने का कार्य भी करते हैं ।

जनक ने बाहरा वि0वि0 के ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के अध्यापकों, विशेषकर की रुपिंदर कँवर, विक्रांत शर्मा और चेतन शर्मा का आभार जताया जिन्होंने समय समय पे उनकी वर्कशॉप में आकर उन्हें प्रोत्साहित किया व् उनका मार्गदर्शन किया ।

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