बारिश में भवन ढहने के बाद 3 साल से खुले मैदान में लग रही कुल्लू के प्राइमरी स्कूल की कक्षायें

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कुल्लू- कड़कड़ाती सर्दी, बारिश हो या तेज धूप, खुले मैदान में पिछले साढ़े 3 सालों से बच्चे जहां पढ़ रहे हैं। बता दें कि ये नजारा कुल्लू के प्राइमरी स्कूल खल्याणी का है। जहां नौनिहाल खुले आसमान के नीचे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यह स्कूल प्राइमरी से सीनियर सेकेंडरी तक पहुंच गया है। बीते करीब 23 महीने के बीच सरकार के मंत्री दो बार यहां पहुंचे, लेकिन छत उड़े और क्षतिग्रस्त स्कूल की तरफ ध्यान नहीं दिया। स्कूल में बार-बार मंत्री और विधायक के दौरे का क्या फायदा, इसका कायाकल्प नहीं हो रहा है। स्कूल प्रबंधन, पंचायत और एसएमसी भी शिक्षा विभाग और प्रशासन से पत्राचार कर थक गए हैं।

HP Govt School

2013 में बारिश से ढह गया था स्कूल

यहां तैनात अध्यापक ने कार्यालय के लिए मिडल स्कूल से छोटा सा एक कमरा किराए पर लिया है। कभी मजबूरी में 5 कक्षाओं को इसी कमरे में ही पढ़ाना पड़ रहा है। खल्याणी स्कूल का यह भवन 6 फरवरी, 2013 को बारिश से ढह गया था। इसे ठीक नहीं किया जा रहा है। नौनिहाल खुले आसमान के नीचे पढ़ रहे हैं।

HP Govt Eelementary Department

स्कूल प्रबंधन समिति की प्रधान रीता देवी ने कहा कि 2013 में ही क्षेत्र के 45 लोगों ने हस्ताक्षर कर मांगपत्र सर्व शिक्षा अभियान के प्रोजेक्ट ऑफिसर को सौंपा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ। 16 मई, 2015 को उपायुक्त को भी एस्टीमेट बनाकर सौंपा था, लेकिन कुछ नहीं हो रहा है।

अध्यापक राजकुमार ने कहा कि स्कूल में पहली से पांचवीं तक 36 बच्चे पढ़ते हैं। 3-4 कमरों वाला भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त है। बच्चों को बारिश और धूप के दौरान पढ़ाने में काफी समस्या आती है। एक अध्यापक सालों से 5 कक्षाओं को पढ़ा रहा है। यदि शिक्षा महकमा अनदेखी कर रहा है तो विभागीय अधिकारी से जवाबतलबी की जाएगी।

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