एचपीयू में विचारधाराओं के टकराव ने लिया हिंसक रूप, संगठनों के बीच बहस, मारपीट और पत्थरबाजी

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शिमला- जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में विचारधाराओं के टकराव से भड़की आंग की चिंगारी हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय तक आ पहुंची और हिंसक हो गई। सोमवार को शहीदी दिवस पर अपने-अपने संगठनों को शहीदों के सम्मान में अधिक समर्पित साबित करने से शुरू हुई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एसएफआई की बहस मारपीट, लात घूसे और पत्थरबाजी में बदल गई। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय छावनी में तबदील हो गया है और स्थिति तनावपूर्ण रही।

सोमवार को एबीवीपी ने रक्तदान शिविर के आयोजन के अतिरिक्त विभिन्न विभागों में शहीदों के सम्मान में व्याख्यान रखे थे। इस बीच जब विधि विभाग में एबीवीपी कार्यकर्ता एक कक्षा में छात्रों को संबोधित कर रहे थे तो एक छात्र ने सवाल कर दिया कि शहीदों का इतना सम्मान है तो चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम भगत सिंह से बदलकर संघ के कार्यकर्ता मंगलसेन के नाम पर क्यों रख दिया? सवाल करने वाला छात्र एसएफआई समर्थित बताया जा रहा है जिससे दोनों तरफ से इस सवाल पर बात कहासुनी तक पहुंच गई। संबोधित कर रहे छात्र कक्षा से चले गए। उसके बाद आ‌र्ट्स ब्लॉक के बाहर चल रहे एबीवीपी के रक्तदान शिविर के बीच एबीवीपी व एसएफआई के कार्यकर्ताओं में फिर बहस हुई जो मारपीट तक जा पहुंची।

HPU ABVP

दोपहर करीब तीन बजे एसएफआई के 70 कार्यकर्ताओं के साथ एबीवीपी कार्यकर्ता चेतन गुलेरिया, नवनीत कौशल, प्रदीप आदि कार्यकर्ताओं के बीच ये झड़प हुई है और दोनों तरफ से हाथापाई शुरू हई। जब दोनों संगठनों में हाथापाई और पत्थरबाजी होने लगी। परिसर में तैनात पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। फिर दोनों संगठनों को शांत करवाया गया। इसके बाद एबीवीपी और एसएफआई ने विवि परिसर के भीतर उग्र धरना प्रदर्शन करते हुए एक दूसरे पर आरोप लगाए। लेकिन उक्त झड़क के बाद एक बार फिर विवि में माहौल तनावपूर्ण हो गया

ये हुए घायल

हाथापाई के दौरान एबीवीपी की कार्यकर्ता हेमा, आरती प्रीति घायल हुई है। एबीवीपी ने आरोप लगाए है कि सबसे पहले हेमा पर एसएफआई कार्यकर्ताओं ने हमला किया। इसके साथ ही चेतन गुलेरिया, नवनीत कौशल, सन्नी शुक्ला, हेमा को चोटें आई। दोनों छात्र संगठनों ने एक दूसरे के खिलाफ पुलिस मे शिकायत दर्ज करवा दी है।

SFI and ABVP Clash
हाइपावर कमेटी का किया गठन

विवि प्रशासन ने इस मामले में अधिष्ठाता अध्ययन प्रो.गिरिजा की अध्यक्षता में हाइपावर कमेटी का गठन कर दिया है जो तीन दिन में रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ प्रति कुलपति, मुख्य सुरक्षा अधिकारी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता और एक अन्य प्रोफेसर कमेटी में हैं। कमेटी ने दोनों छात्रों के कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी कर पक्ष मांगा है।

केंद्र के इशारे पर चल रही एबीवीपी

एबीवीपी के कार्यकर्ता से पूछा गया कि चंडीगढ़ के एयरपोर्ट का नाम बदल संघ के कार्यकर्ता के नाम पर क्यों रखा गया? इसी बात पर एबीवीपी का कार्यकर्ता उग्र हो गया और एसएफआई कार्यकर्ता को कक्षा से बाहर मिलने को कहा। आ‌र्ट्स ब्लॉक से गुजरते वक्त एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। एबीवीपी घटते जनाधार की वजह से ये सब कर रही है। केंद्र सरकार के इशारे पर इस तरह के हमले सभी विश्वविद्यालयों में हो रहे हैं, जहां पर एबीवीपी हाशिये पर है।’

नोबल ठाकुर,अध्यक्ष एसएफआई

यह एसएफआई का सुनियोजित हमला

एसएफआई ने सुनियोजित तरीके से पूरी वारदात को अंजाम दिया। सोमवार को सभी कक्षाओं में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं से एसएफआई कार्यकर्ता पूछ रहे थे। वहीं समरहिल चौक पर भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं को एसएफआई कार्यकर्ता घूर रहे थे। जब लॉ विभाग में एक कार्यकर्ता ने सवाल पूछा तो उसका जबाव एबीवीपी ने दिया। मगर एसएफआई कार्यकर्ता ने बाहर देख लेने की धमकी दी। दोपहर बाद एसएफआई 50 से अधिक कार्यकर्ता शिविर में पहुंच कर एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। ‘

गौरव अत्री, इकाई अध्यक्ष एबीवीपी

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