हिमाचल की दो छात्राओं ने किया इको फ्रेंडली और ऊर्जा बचने वाले चूल्हे का अविष्कार

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Himachal Pradesh Goverenment School Kullu

शिमला- केंद्र सरकार ने भले ही पारंपरिक चूल्हे को जलाने की प्रथा को समाप्त करने के लिए लोगों को गैस उपलब्ध करवाने की घोषणा की हो, लेकिन हिमाचल की दो छात्राओं ने इको फ्रेंडली और एनर्जी सेविंग चूल्हे और हमाम का अविष्कार कर दिखाया है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में नेशनल इंडियन फाउंडेशन की ओर इनोवेशन आडिया के लिए सम्मानित किया गया है।

कुल्लू जिला के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काइस की छात्रा विदुषी शर्मा और कुल्लू के ही कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल मोहल की पार्वती भारद्वाज को इस अविष्कार के लिए राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में 11 से 19 मार्च तक आयोजित फेस्टिवल ऑफ इनोवेशन में इन छात्रों के अविष्कार को काफी सराहा गया है। अब इन चूल्हों को पेटेंट करके बाजार में उतारने के बारे में सोचा जा रहा है।

एक साथ कई काम

छात्रों ने अपने अविष्कार को फ्यूजन ऑफ हमाम एंड तंदूर नाम दिया है। इसमें एक साथ कई काम किए जा सकते है। पानी गर्म करने से लेकर खाना पकाने और कमरे को गर्म करने तक की सारी सुविधा इस चूल्हे में शामिल की गई। तंदूर को धातु की एक मोटी परत से बनाया गया है। जिसमें लकड़ी जलाने के बाद आग की गर्मी को बाहर नहीं जाने दिया जाता चूल्हे के ऊपर ही पानी गर्म करने के लिए अलग से चैंबर बनाया गया है और उसमें नल लगाया गया है ताकि पानी गर्म किया जा सके। इस चूल्हे में आग की गर्मी को बाहर जाने से रोका गया है।

ये है खासियत

इको फ्रेंडली इन चूल्हों में जहां लकड़ी की खपत आम चूल्हों के मुकाबले 40 से 50 प्रतिशत कम होती है वहीं इनमें खाना पकाने की कार्यक्षमता आम चूल्हों के मुकाबले 25 से 30 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। इन चूल्हों की दूसरी खास बात यह है कि इससे कार्बन डायोक्साइड आम चूल्हे के मुकाबले काफी कम निकलती है। जो स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद है। इसमें छात्रों ने चूल्हे की चिमनी पाइप में चुने की परत और फिल्टर पेपर को जगह जगह पर लगा रखा है जो धुएं को अवशोषित करके कार्बन डाइऑक्साइड को बाहर नहीं निकलने देता।

नेशनल लेवल पर छाए

प्रदेश के विज्ञान एवं तकनीकी विभाग ने वर्ष 2015 में इंस्पायर अवार्ड के लिए प्रदेश भर में जिला व राज्य स्तरीय प्रातियोगिताा आयोजित करवाई। इस प्रतियोगित में विजय प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लिया। इसमें देश भर से 699 बच्चों का चयन हुआ। उनमें से सात बेहतरीन आविष्कारों को चुना गया। जिसमें से हिमाचल के दो अविष्कार का चयन हुआ जो प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इन आविष्कारों की अभी हाल ही में राष्ट्रपति भवन में प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें हिमाचल के बच्चों के अविष्कार को भी शामिल किया गया।

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