खलीनी वार्ड के लोग दूषित बावड़ी का पानी पीने को मजबूर, प्रतिदिन 10 मरीज पहुंच रहे स्वास्थ्य केंद्र

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शिमला- राजधानी शिमला के नगर निगम वार्ड खलीनी के लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। इससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हो रहा है। नगर निगम ने खलीनी वार्ड के झंझीड़ी में स्थित बावड़ी से पानी के सैंपल लिए, जो पानी शुद्धता की कसौटी पर खरा न उतर सका। पानी पीने लायक नहीं है और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यहां पर करीब आठ हजार लोग रहते हैं। नगर निगम ने झंझीड़ी स्थित बावड़ी के पास पानी पीने योग्य नहीं है सूचना पट्ट लगाकर अपना पल्ला झाड़ लिया है लेकिन शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करने में नगर निगम नाकाम रहा है।

मजबूरन लोगों को इसी बावड़ी से पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। क्षेत्र पूरी तरह पीलिया की चपेट में आया हुआ है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक लोगों को क्लोरिन की गोलियां नहीं दी गई हैं। हालांकि सीएमओ शिमला ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक वार्ड में चार स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को जागरूक करेंगे और क्लोरिन की गोलियां बांटेंगे लेकिन सीएमओ के आदेश भी कागजों में ही सिमटते नजर आ रहे हैं।

पेट दर्द के मामलों में हो रही वृद्धि

दूषित पेयजल से लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। लोगों में उल्ट, दस्त व बुखार के साथ पेट दर्द के मामले बढ़ रहे हैं। पेट की बीमारियों से पीड़ितों की संख्या में प्रतिदिन वृद्धि हो रही है।

प्रतिदिन करीब दस मरीज पहुंच रहे स्वास्थ्य केंद्र

स्वास्थ्य केंद्र खलीनी में प्रतिदिन करीब दस मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें तीन से चार मरीज बुखार व उल्टी, दस्त से ग्रस्त हैं। ऐसे मरीजों को रिपन अस्पताल टेस्ट के लिए भेजा जाता है।

क्या कहते हैं लोग

तीन माह से पेयजल किल्लत

खलीनी में तीन माह से पेयजल किल्लत चल रही है। चार दिन बाद भी सिर्फ आधे घंटे के लिए पानी की सप्लाई की जा रही है। इस कारण मजबूरन लोगों को दूषित बावड़ी से पानी लाना पड़ता है।
उमा दत्त

पानी की आपूर्ति करने में निगम विफल

जल जीवन है जल के बिना कोई कार्य संभव नहीं है। नगर निगम पानी की आपूर्ति करने में विफल हो रहा है। मजबूरन लोगों को दूषित बावड़ी से पानी लाना पड़ता है।
पूजा

उबाल कर पीना पड़ रहा पानी

प्रतिदिन पानी उबाल कर पी रहे हैं। नगर निगम पानी उपलब्ध करवा नहीं पा रहा है, तो मजबूरन दूषित पानी को उबाल कर पीना पड़ रहा है। ऐसे में सिलेंडर की खपत भी दुगनी हो गई है।
निशा

आम आदमी नहीं खरीद सकता पानी

आम आदमी खरीद कर पानी ला नहीं सकता, नलकों में पानी आ नहीं रहा है। ऐसे में बावड़ी ही विकल्प है। मजबूरन यही से पानी भरना पड़ता है।
पल्लवी

टैक्स देने के बावजूद नहीं मिल रहा पानी

पहले नगर निगम ने लोगों को सीवरेज युक्त पानी पिला दिया और अब पानी दे नहीं रहे हैं। ऐसे में बावड़ी ही एक विकल्प था, यहां पर भी पानी पीने योग्य नहीं है। टैक्स देने के बावजूद पानी लोगों को नहीं मिल रहा है।
विरेंद्र कुमार

Photo/Representational

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