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शिमला शहर में सभी 6 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट खराब, नियमों को ताक पर रखकर लगाए गए थे प्लांट
शिमला- प्रदेश सरकार ने माना है कि शिमला शहर में सभी छह सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट काम के नहीं रहे हैं। सरकार ने सभी प्लांटों को नकारा घोषित कर दिया है। इन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों से शहर की जरूरत पूरी नहीं हो सकती है।
पीलिया के प्रकोप को देखते हुए सरकार ने नगर निगम शिमला को सुझाव दिया है कि शीघ्र नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों के लिए प्रस्ताव तैयार कर भेजे। सरकार नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए राशि देने को तैयार है।
शहरी विकास विभाग की ओर से नगर निगम प्रशासन को आधुनिक तकनीक के दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए लिखा गया है। नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की सुविधा प्रदेश के सभी जिलों को भी मिलेगी। इस संबंध में जिला उपायुक्तों को पत्र लिखा गया है।
सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के पास अभी तक कोई विशेष नीति नहीं है। एक रिपोर्ट के अनुसार इन प्लांटों से अभी तक 13.8 प्रतिशत सीवरेज ही ट्रीट होता रहा है। अब महज एक तिहाई सीवरेज ट्रीट हो रहा है। मल्याणा का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नियमों के विपरीत बनाया गया था।
किसी भी पेयजल योजना के ठीक ऊपर सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट नहीं लगाया जा सकता है। शिमला शहर में सभी नियमों को ताक पर रखकर प्लांट लगाए गए थे। नगर निगम ने शहर की सीवरेज व पेयजल समस्या को दूर करने के लिए अमृत योजना के तहत प्रस्ताव तैयार नहीं किया।
शहर के नए क्षेत्रों को ही इसमें शामिल किया गया है। अमृत योजना सीवरेज व पेयजल के लिए विशेष तौर पर बनाई गई है जिसके तहत नगर निगम जितना चाहे बजट प्राप्त कर सकता है। इसके लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजना जरूरी है।
जहां तक शिमला शहर की पेयजल समस्या दूर करने का सवाल है तो केंद्र सरकार ने कोल डैम से शिमला पेयजल लाने का प्रस्ताव स्वीकृत नहीं किया है।
शिमला में सीवरेज प्लांट
एसटीपी क्षमता
लालपानी-बड़ागांव 19.35 एमएलडी
संजौली मल्याणा 4.4 एमएलडी
ढ़ली बढ़ैया 0.76एमएलडी
नोर्थ डिस्पोजल गोल्छा अनोडेल 5.80 एमएलडी
समर हिल्ल गड़ोग 3.93 एमएलडी
निगम को लिखा है पत्र
नगर निगम शिमला को अवगत करवाया है कि आधुनिक तकनीक के नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का प्रस्ताव भेंजें। इस संबंध में शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने निगम को पत्र लिख दिया है। मौजूदा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों की हालत को देखते हुए अधिक काम लेना संभव नहीं है।
सुधीर शर्मा, शहरी विकास मंत्री।
Photo/Representational image
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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