पीलिया के कहर के बावजूद आइपीएच बेफिक्र, ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरीन का कोई प्रबंध नहीं

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अपनी कुर्सियां बचाने के लिए आइपीएच विभाग के अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ को पानी की टंकियां साफ करने के निर्देश के साथ ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरीनेशन की हिदायत दी है। वहीं, अधिकारी ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरीन की गोलियों की खरीददारी करना भूल गए हैं।

शिमला -राजधानी शिमला को शुद्ध जल मुहैया न करवाने पर सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य (आइपीएच) विभाग से बड़े अधिकारी की गिरफ्तारी होने के बाद भी सजगता नहीं दिख रही है। अपनी कुर्सियां बचाने के लिए आइपीएच विभाग के अधिकारियों ने फील्ड स्टाफ को पानी की टंकियां साफ करने के निर्देश के साथ ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरीनेशन की हिदायत दी है। वहीं, अधिकारी ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरीन की गोलियों की खरीददारी करना भूल गए हैं। सूत्र बताते हैं कि बरसात में ही विभाग के अधिकारियों ने ऐसी खरीददारी की थी और उसके बाद अब तक ऐसी जहमत नहीं उठाई गई हैं। विशेष जांच दल (एसआइटी) व सरकार से अधिकारी अपनी कुर्सी बचाने के जुगाड़ में व्यस्त हैं। ब्लीचिंग पाउडर व क्लोरीन की गोलियां खरीदने की तरफ बार-बार कहने के बावजूद ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

सीएम आवास व वीवीआइपी क्षेत्र में नहीं बंटा ब्लीचिंग पाउडर

हालत यह है कि बरसात के बाद से अब तक मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास से लेकर वीवीआइपी क्षेत्र में न तो ब्लीचिंग पाउडर बांटा गया है और न ही कभी शुद्धता के लिहाज से कोई टेस्ट आइपीएच विभाग ने किए हैं। इन क्षेत्रों में सरकार के अधिकतर अधिकारी व कर्मचारी रहते हैं।
अधिकारी व कर्मचारी पीलिया से पीड़ित

शिमला के यूएस क्लब क्षेत्र में करीब छह अधिकारी व कर्मचारी पीलिया से पीड़ित हैं। ब्लॉक नंबर चार, 23, 29 व ब्लॉक नंबर दो में पीलिया ने दस्तक दे दी है। जाखू, रिचमंड, लोअर बाजार आदि क्षेत्रों में भी पीलिया ने पांव पसार लिए हैं।

पानी की 50 टंकियों की सफाई
यूएस क्लब क्षेत्र में सोमवार को पानी की करीब 50 टंकियों की सफाई सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के कीमैन ने की। विभाग के मुख्यालय के समीप ऐसे क्षेत्रों के लिए कर्मचारियों की ओर संबंधित अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं गया। कीमैन ने बताया कि टंकियों में ब्लीचिंग पाउडर तब डाला जाएगा, जब पानी की सप्लाई होगी। पानी का आवंटन जाखू, यूएस क्लब, मॉल, आइजीएमसी व रिज के आसपास क्षेत्रों में तीसरे दिन हो रहा है। पानी उन्हीं टंकियों में भरा जा रहा है जिन्हें पीलिया के खौफ के कारण साफ करवाया जा रहा है। यह वीवीआइपी क्षेत्र इसलिए माना जाता है कि सरकार के अधिकतर अधिकारी इन क्षेत्रों में सरकारी आवासों में रहते हैं। अधिकतर कर्मचारियों को भी इसी क्षेत्र में आवास मिले हैं।

कागजों से ही फुर्सत नहीं
दिनभर कागजों से ही फुर्सत नहीं है। सरकार ने बैठक के लिए बुलाया है जिससे संबंधित कागज निम्न स्टाफ के साथ तैयार करने में व्यस्त रहा हूं। ब्लीचिंग पाउडर की सप्लाई हुई है या नहीं, इस पर ध्यान दिया जाएगा।

Photo : Himachal Tribune

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