जब तक हैण्डपम्प-ट्रांसफार्मर,खम्बे नहीं हटेंगे कैसे होगी सड़क चौड़ी : विकास समिति टूटू

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अतिक्रमण हटाने के मामले में टुटू की जनता में भारी रोष! मानसिक दवाब में दिन-रात सड़क किनारे के वासी अतिक्रमण मामलों में विभाग दोगली नीति अपना रहा है! आरोप- एक तरफ सड़क बीचो बीच बालूगंज शराब की दूकान को परमिशन,दूसरी ओर तोड़ रहे हैं घरों के रास्ते,न्यायालय हो अँधेरे में रख कर एक तरफ़ा कार्यवाही कर रहा है विभाग!

Lower tutu on nalagarh road (4)

शिमला- अवैध निर्माण के मामले में शिमला-नालागढ़ सड़क पर लोगों ने अपने कहीं अपने आशियाने और कहीं मकानो की सीढ़ियां व् छज्जे खुद ब खुद तोड़ने शुरू कर दिए हैं लेकिन स्थानीय जनता में फिर भी सरकार व् उच्च न्यायालय के आदेशों के प्रति रोष व्यापत है ! सड़क किनारे सीढ़ियां व् छज्जे गिरा रहे कुछ भवन मालिकों का कहना है कि बेशक हमने अपने घरों को आने-जाने के रास्ते तो बेशक तोड़दिए लेकिन मौके पर सड़क चौड़ी होने के कोई आसार नजर नहीं आतें हैं जिससे न्यायालय के आदेशों की अनुपालना को प्रदेश सरकार का लोक निर्माण विभाग अमल में ला सके ! वहीँ विकास समिति टुटू ने विभाग की इस कार्यवाही के प्रति गहरा रोष प्रकट किया है !

विकास समिति अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि विभाग सड़क सुरक्षा और सड़क को चौड़ी करने के लिए बिलकुल भी गंभीर नहीं दिखाई देता है ! उन्होंने कहा कि जब तक सड़क के बीचो बीच लगे सरकारी विभागों के हैण्डपम्प -ट्रांसफार्मर -खम्बे इत्यादि विभाग द्वारा हटाये नहीं जाते तो ऐसे में भवन मालिकों की सीढ़ियों व् रास्तों छज्जों को तोड़ना जनहित में नहीं है ! उन्होंने कहा कि ऐसी कार्यवाही राष्ट्र सम्पति का नुक्सान है !

Lower tutu on nalagarh road (5)

वहीँ समिति के प्रेस सचिव सुरेन्द्र बाटला का कहना है कि स्थानीय जनता और भवन मालिक भी चाहते है कि सड़क को आज के समय में चौड़ा किया जाना चाहिए लेकिन विभाग को इस मार्ग पर टुटू क्षेत्र में अपनी भूमि होने की स्पष्टता ही नहीं है और कहीं खुली सड़क होने के बावजूद भी विभाग 20 से लेकर 40 मीटर तक की सड़क की भूमि होने का दावा करती है तो कहीं मात्र 5 मीटर सड़क चौड़ाई होने पर ही सड़क भूमि बाकी न बची होने पर ही संतुष्ट नजर आती है !

टुटू विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने लाखों रुपये का एरियर सड़क किनारे बसे लोगों को बिना तथ्य इक्क्ठे किये वर्तमान दरों के आधार पर थमा दिए हैं जबकि निर्माण आज से लगभग 30 -40 वर्ष पूर्व हुआ है और सच्चाई यह है की शिमला -नालागढ़ सड़क किनारे की आज से लगभग 30- 40 वर्ष पूर्व विभाग कोई सुध नहीं लेता था !

उन्होंने कहा कि अतिक्रमण मामले में विभाग दोगली नीति अपना रहा है जबकि एक ओर भवनों के रास्ते तोड़ने उतारू हुआ है वहीँ दूसरी ओर इसी सब डिवीजन के अधीन विभाग ने पिछले दिनों बालूगंज जंगल के बीचो बीच सड़क किनारे प्रभावशाली ठेकेदारों को कारोबार चलाने के लिए सड़क की सरकारी भूमि पर ढारे बनाने की इजाजत भी दी है जिसे की विभाग ​सड़क के बीचो -बीच ​ऐसे निर्माण को आज भी
वैध मानता है !

Lower tutu on nalagarh road (6)

समिति के प्रैस सचिव सुरेन्द्र कुमार ने कहा विभाग के आला अधिकारियों को कई मर्तबा जहाँ सड़क को चौड़ा करना अति अनिवार्य है के लिए आग्रह किया गया है लेकिन विभाग के आला अफसर गंभीर नहीं है !

व्यापार मंडल टुटू ने भी दुकानों को आने-जाने वाले रास्तों को तोड़ने के नोटिस देने को जनहित में सही नहीं ठहराया है इससे लोगों का कारोबार भी प्रभावित होगा ! व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि कई बार विभाग को इस मार्ग के बाधित बिजली के पोल व् सड़क किनारे छोटे -छोटे अवरोधों को दूर करने की मांग की गई है ताकि तंग स्थलों पर सड़क को चौड़ा किया जा सके जहाँ रोजाना ट्रैफिक जाम लगता है लेकिन अभी तक पिछले कई वर्षों में कार्यवाही जीरो है ! उन्होंने कहा कि मौके पर लोक निर्माण विभाग द्वारा की गई पैमाइश व् लगाई गई येलो लाईन के दायरे में भवन मालिको के रास्ते या दुकानो को जाने वाली सीढ़ियां या रैम्प इत्यादि ही शामिल है और विभाग को चाहिुए की अतिक्रमण को हटाने की जगह साथ-साथ सड़क को चौड़ा करे ताकि भवन या दुकानों को आने-जाने के लिए खुद-ब -खुद सड़क किनारे से रास्ता मिल जाए !

Lower tutu on nalagarh road (11)

विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने कहा कि टुटू चौक पर सड़क को चौड़ा करने में सबसे बड़ी बाधा लोअर -टुटू को जाने वाला निगम का पैदल मार्ग है जब तक उसे बदला नहीं जाता सड़क की चौड़ाई होना सम्भवं नहीं ! उन्होंने कहा की वह माननीय न्यायालय के आदेशों का मान-सम्मान करते है और आमजनता भी चाहती है कि रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से भी जनता को राहत मिले विशेषकर जब एम्बुलेंस जैसी आपातकाल सेवायें प्रभावित होती हैं लेकिन अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग को अपनी भूमि को काबिज करने तथा चौड़ा करने के आदेश जारी होने चाहिए ! उन्होंने कहा कि प्राय: देखा गया है कि सड़क किनारे भवनों को आने -जाने वाले पक्के ब्रिज व् रास्ते तोड़ दिए जाते है और उन स्थलों को चौड़ा करने की जगह मालिको को स्टील ब्रिज बनाने की इजाजत दे दी जाती है जो कि सिर्फ राष्ट्र संपत्ति का नुकसान है ! गुप्ता ने कहा कि न्यायालय के आदेशों को ढाल बना कर विभाग कई मर्तवा बेक़सूर को भी कसूरवार साबित करने की कोशिश करता है जो कि न्यायसंगत नहीं है !

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