धर्मशाला का नाम स्मार्ट सिटी के लिए रद्द होने के बाद प्रदेश में सियासी पारा बढ़ा

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शिमला नगर निगम के महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेन्द्र सिंह पंवर ने स्मार्ट सिटी की श्रेणी में शिमला को बाहर करने और धर्मशाला को गलत आंकड़े देकर स्मार्ट सिटी में शामिल करने पर कडा ऐतराज़ जताया था

शिमला- हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट द्वारा धर्मशाला का नाम स्मार्ट सिटी के लिए रद्द करने के बाद प्रदेश में सियासी पारा फिर से बढ़ चुका है! दरसल नगर निगम के महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेन्द्र सिंह पंवर की शिमला को स्मार्ट सिटी से बाहर करने के लिए संयुक्त रूप से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसपर कोर्ट ने धर्मशाला को स्मार्ट सिटी में शामिल करना गलत पाया! वहीँ कोर्ट के इस आदेश के बाद अब बीजेपी और सी पी आई एम् धर्मशाला को स्मार्ट सिटी में शामिल करने के लिए गलत आंकड़े पेश करने का आरोप लगा रहे हैं!

हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट का धर्मशाला को स्मार्ट सिटी में शामिल के फैसले को रद्द किए जाने के बाद सूबे में सियासत उफान पर है! शिमला नगर निगम के महापौर संजय चौहान और उप महापौर टिकेन्द्र सिंह पंवर ने स्मार्ट सिटी की श्रेणी में शिमला को बाहर करने और धर्मशाला को गलत आंकड़े देकर स्मार्ट सिटी में शामिल करने पर कडा ऐतराज़ जताया था ! मामला हाई कोर्ट में पहुंचा जहां दायर की गयी याचिका को कोर्ट ने सही ठहराते हुए सरकार को बड़ा ज़ोरदार झटका दिया! उधर अब याचिकाकर्ता कोर्ट के इस फैसले से बेहद खुश हैं और एक बार फिर सरकार पर धर्मशाला को स्मार्ट सिटी में गलत तथ्य इस्तेमाल कर शामिल करने का आरोप लगा रहे हैं!

हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद बीजेपी इसका श्रय लेने में जुट गई है! शिमला से बीजेपी विधायक सुरेश भारद्वाज का कहना है कि सबसे पहले उन्होंने ही ये मुद्दा उठाया था! सुरेश भारद्वाज ने तो धर्मशाला को गात तथ्यों के साथ स्मार्ट सिटी में शामिल करने के फैसले को धर्मशाला से विधायक और सरकार में श्ह्हरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का व्यव्क्तिगत स्वार्थ तक बता दिया! भारद्वाज ने कोर्ट के इस फैसले को वीरभद्र सरकार के लिए करारा झटका बताया!

उधर शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा इन तमाम आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के लिए दी जाने वाले आंकड़े सरकार नहीं बल्की स्थानीय निकाय देते हैं! बकौल सुधीर शर्मा शिमला को पहले ही अमृत सिटी में शामिल किया जा चुका था जिसके बाद ही धर्मशाला का नाम स्मार्ट सिटी के लिए आगे किया गया था! उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद अब धर्मशाला और शिमला दोनों शहरों के नाम स्मार्ट सिटी के प्रताव में शामिल किए जाएंगे

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