शिमला की सड़कों पर इलेक्ट्रिक वैन का ट्रायल सफल

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शिमला- एचआरटीसी टैक्सियों की जगह राजधानी शिमला में अब जल्द ही इलेक्ट्रिक वैन चलेंगी। मंगलवार को शिमला में एचआरटीसी ने ई-मैक्सिमो पैसेंजर वैन का ट्रायल किया। यह पूरी तरह सफल रहा। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रब्यूलन) की ओर से प्रदूषण रहित वाहनों के संचालन को लेकर दिए निर्देशों के तहत यह ट्रायल किया गया। ट्रायल सफल रहने के बाद अब शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर इलेक्ट्रिक वैन चलाने का रास्ता साफ हो गया है।

एचआरटीसी के महाप्रबंधक रघुवीर सिंह चौधरी और क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी की अगुवाई में मंगलवार सुबह ग्यारह बजे ओल्ड बस स्टैंड से ई-मैक्सिमो पैसेंजर वैन का ट्रायल शुरू किया गया। एचआरटीसी की टीम ने कार्ट रोड पर क्लॉक और एंटी क्लॉक वाइज इलेक्ट्रिक वैन को दौड़ाया। इसके बाद ओक ओवर, कुसुम्पटी-मैहली, अनाडेल रूटों पर भी इलेक्ट्रिक वैन चलाई गई।

दोपहर दो बजे तक ट्रायल के बाद वैन की दोबारा चार्जिंग की गई और शाम को समरहिल और आईजीएमसी रूटों पर ट्रायल किया गया। एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक देवासेन नेगी ने बताया कि शिमला की सड़कों पर वैन का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। यह गाड़ी पूरी तरह प्रदूषण मुक्त है।

यह है इलेक्ट्रिक वैन की खासियत

8 घंटे चार्जिंग पर दौड़ सकती है 110 किलोमीटर
आठ घंटे की चार्जिंग में महज 10 यूनिट बिजली खर्च
वैन की अधिकतम रफ्तार 50 किमी प्रति घंटा
15 एंपेयर शू से कहीं भी चार्ज की जा सकती है कार
एक साथ 7 लोग कर सकते हैं वैन में सफर

इलेक्ट्रिक वैन शहर की सड़कों पर तो आसानी से दौड़ गई लेकिन जाखू मंदिर और कैथू की चढ़ाई चढ़ाना इस वैन के मुश्किल साबित हो सकता है। स्टीप चढ़ाई में वैन का दम फूल सकता है हालांकि मंगलवार को एचआरटीसी ने इन दोनों रूटों पर वैन का ट्रायल नहीं किया। उधर कुसुम्पटी, नवबहार और अनाडेल की चढ़ाई में गाड़ी को बार बार रोककर इसकी क्षमता जांची गई। चढ़ाई में ब्रेक लगने के बावजूद गाड़ी ने दोबारा रफ्तार पकड़ ली।

राजधानी में नगर निगम भी बैटरी चलित गोल्फकार्ट का सफल ट्रायल कर चुका है लेकिन प्रदेश सरकार से शहर के बंधित और प्रतिबंधित मार्गों पर गोल्फ कार्ट चलाने की अनुमति न मिलने से प्रोजेक्ट लटका हुआ है। निगम महापौर संजय चौहान और उपमहापौर टिकेंद्र पंवर जनहित में कई मंचों पर इस मुद्दे को उठा चुके हैं।

जीएस बाली परिवहन मंत्री-

शिमला में इलेक्ट्रिक मिनी कैब का मंगलवार को किया गया ट्रायल सफल रहा है। मनाली, धर्मशाला और डल्हौजी में यह वाहन चलाए जाएंगे। शिमला में एचआरटीसी की टैक्सियों की जगह इलेक्ट्रिक मिनी कैब से रिप्लेस की जाएंगी।

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