हिमाचल के 2,000 से ज्यादा सरकारी स्कूलों में बनेंगे स्मार्ट क्लास रूम: सरकार

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शिमला- प्रदेश के दो हजार से अधिक हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम में बच्चे पढ़ाई करेंगे। इंफोरमेशन एंड काम्यूनिकेशन टेक्नालाजी (आईसीटी) प्रोजेक्ट के तहत स्कूलों के कंप्यूटरीकरण का काम पूरा हो गया है। आईसीटी प्रोजेक्ट के फेज दो में सरकार ने 1525 अन्य स्कूलों में भी स्मार्ट क्लास रूम की सुविधा देने का फैसला लिया है।

फेज एक के तहत 628 स्कूलों में यह सुविधा दी जा रही है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रिंसिपलों को आईसीटी लैब को सुचारु तौर पर चलाने के निर्देश शुक्रवार को जारी किए हैं। 1525 स्कूलों में लैब शुरू करने की अधिसूचना शुक्रवार को निदेशालय ने जारी की है।

आईसीटी प्रोजेक्ट के तहत हर स्कूल में दो स्मार्ट क्लास रूम बनाए जाएंगे। प्रोजेक्टर और डिजीटल बाइट बोर्ड पर बच्चों को पढ़ाई कराई जाएगी। इसके अलावा दस कंप्यूटर सिस्टमों की एक लैब बनाई जाएगी। शिक्षा निदेशालय में लैपटॉप से स्कूलों पर उच्च अधिकारी नजर रखेंगे।

प्रोजेक्ट के तहत नवीं से लेकर जमा दो कक्षा के लिए 350 जीबी का ई कंटेंट भी डेवलेप किया जाएगा। छात्रों की जरूरतों के हिसाब में इसमें जानकारी दी जाएगी। आईसीटी प्रोजेक्ट के तहत छात्रों की पढ़ाई पहले से ज्यादा सुविधाजनक और हाईटेक हो जाएगी।

स्कूलों में ब्लैकबोर्ड की जगह प्रोजेक्टर और बाइट बोर्ड पर पढ़ाई करवाई जाएगी। टीचर के हाथ में चॉक की जगह स्टाइलस डिवाइस दिखेंगे। पढ़ाई के इस नए तरीके में बच्चों को हर चीज वीडियो, पिक्चर्स और ग्राफिक्स के जरिए समझाई जाएगी।

पढ़ाई का तरीका बदलने वाली ये टेक्नोलॉजी न सिर्फ बच्चों के लिए दिलचस्प है बल्कि टीचर्स के लिए भी आसान होगी। स्कूलों में कंप्यूटरीकरण करने का जिम्मा निजी कंपनी को सौंपा गया है। लैब चलाने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

दो सर्वर, हर सर्वर पर पांच-पांच कंप्यूटर जुड़ेंगे। एक प्रिंटर, एक बाइट बोर्ड, एक प्रोजेक्टर, यूपीएस, तीस कुर्सियां मुहैया करवाई जाएगी। इसके अलावा कंप्यूटर लैब, स्मार्ट क्लास रूम में फ्लोरिंग, अरथिंग सहित अन्य फर्नीचर उपलब्ध करवाया गया है।

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