नगर निगम ने सरकार पर लगाया 25 लाख दबाने का आरोप

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शिमला: स्मार्ट सिटी परियोजना के बाद अब अमृत मिशन को लेकर भी प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन आमने सामने आ गए हैं। नगर निगम ने प्रदेश सरकार पर अमृत मिशन के तहत केंद्र सरकार से मिले 25 लाख रुपये दबाने का आरोप लगाया है।

नगर निगम के डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर ने शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा को पत्र लिख कर अमृत मिशन के लिए सर्विस लेबल इंप्लिमेंटेशन प्लान बनाने को मिली 25 लाख रुपये की राशि जारी करने की मांग की है। टिकेंद्र पंवर ने अपने पत्र में कहा है कि बार बार आग्रह के बावजूद प्रदेश सरकार अमृत मिशन के तहत मिला पैसा नगर निगम को जारी नहीं कर रही है।

पहले शिमला शहर को गलत तरीके अपना कर स्मार्ट सिटी से बाहर कर दिया गया और अब जबकि शहर अमृत मिशन में शामिल हो गया है तो वांछित सहयोग नहीं दिया जा रहा। अमृत मिशन के तहत पैसा लेने के लिए नगर निगम को पहले सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान तैयार करना है। यदि तय समय में प्लान तैयार नहीं होता तो मिशन के तहत मिलने वाली राशि लैप्स हो सकती है।

यदि पैसा लैप्स हुआ तो शहरी विकास विभाग की लापरवाही का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ेगा। लिहाजा नगर निगम के लिए यह पैसा जल्द जारी करना चाहिए ताकि इसे पैसे का सदुपयोग किया जा सके।

गहरी नींद में है मंत्री का विभाग

डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर का कहना है कि शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का महकमा गहरी नींद में है। नगर निगम की ओर से लगातार फोन कॉल, ई मेल और दर्जनों पत्रों से भी नींद नहीं खुल रही। पहले गलत तरीके अपनाकर शिमला से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट छीन लिया गया और अब अमृत मिशन के लिए सर्विस लेवल इंप्लिमेंटेशन प्लान के लिए आया पैसा नगर निगम को नहीं दिया जा रहा है।

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा का कहना है कि एमसी के मेयर, डिप्टी मेयर की लापरवाह कार्यप्रणाली के कारण पहले स्मार्ट सिटी योजना शिमला के हाथ से फिसली और अब अगर यही हाल रहा तो अमृत मिशन का पैसा जाएगा। जहां तक बात रही 25 लाख की तो यह राशि तभी जारी होगी जब एमसी अमृत मिशन के लिए विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर लेगा। नगर निगम को बताना होगा कि यह पैसा वह कहां खर्च करना चाहता है।

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