उजाड़ दिए सेब के बगीचे, सैंकड़ों पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी

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रोहड़ू, रामपुर- प्रदेश में सरकारी भूमि पर वर्षों पहले लगाए जा चुके सेब के फलदार पेड़ों पर वन विभाग का आरा चल रहा है। जिन बागवानों ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण कर वर्षों से सेब के पेड़ों को पाला-पोसा है, वे अब परेशान हैं। वन विभाग कोर्ट के फैसले की अनुपालना कर रहा है।
वन विभाग की टीम ने रोहड़ू रेंज के भलूण और खशधार रेंज के तेलगा गांव में अवैध कब्जा हटाओ मुहिम के तहत शुक्रवार सेब के करीब साढ़े चार सौ पेड़ काटे। वन मंडल रोहड़ू की सभी सात वन रेंजों में विभाग की टीमें राजस्व विभाग के साथ निशानदेही कर रही हैं।

उच्च न्यायालय के आदेश के बाद वन विभाग की मुहिम तेज हो गई है। वन भूमि पर अवैध तरीके से लगे सेब के लाखों पेड़ों पर वन विभाग का अभियान चल रहा है। कार्रवाई शुरू होने के बाद अवैध कब्जाधारकों के हाथ-पांव फूल गए हैं।

यहां चली वन विभाग की कुल्हाड़ी

न विभाग की टीम ने शुक्रवार को भलूण गांव की घ्रेमा बीट में दो लोगों के करीब दो सौ तीस फलदार और अस्सी छोटे सेब के पेड़ काट कर नष्ट किए हैं। दस बीघा भूमि से कब्जा छुड़ाया है। खशधार रेंज के तेलगा में पांच बीघा भूमि से सेब के एक सौ पचास पेड़ काटे गए हैं।

जुब्बल तहसील के मंढोल गांव में दो दिन चली कार्रवाई के बाद अभी पेड़ों का कटान रुका हुआ है। वहां राजस्व विभाग की टीम निशानदेही में लगी है। वन विभाग के रोहड़ू मंडल की सभी सात रेंजों में अवैध कब्जाधारकों की वन विभाग ने सूची तैयार की है। अभी तक सभी रेजों में निशानदेही शुरू हो चुकी है। रोहड़ू-जुब्बल वन मंडल में अवैध तरीके से वन भूमि पर लगाए गए लाखों पेड़ों पर विभाग की कुल्हाडी और आरा चलना शुरू हो गए हैं।

यह कहना है वन विभाग का

वन मंडल अधिकारी रोहड़ू चमनलाल ने कहा भलूण और खशधार में शुक्रवार को पंद्रह बीघा भूमि से सेब के 460 पेड़ काटे गए हैं। मंढोल में निशानदेही चल रही है। सभी रेजों में अलग-अलग टीमें काम कर रही हैं। उच्च न्यायालय के आदेश का सरकार और वन विभाग को पालन करना पड़ रहा है। निशानदेही के बाद सभी रेंजों में प्रक्रिया शुरू होने वाली है।

दिल्ली से सीएम के वीरभद्र लौटते ही उठाएंगे मामला : रोहित

मुख्य संसदीय सचिव (कृषि) एवं सेब बहुल क्षेत्र जुब्बल-कोटखाई के कांग्रेस विधायक रोहित ठाकुर ने कहा कि जिन भी छोटे और मझोले बागवानों ने सरकारी भूमि पर आजीविका को बगीचे लगा रखे हैं, उनका मामला सरकार से उठाया जाएगा। वह दिल्ली से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही सीएम आ जाते हैं, उनके समक्ष यह मामला उठाया जाएगा।

कम से कम लीज का प्रावधान तो करें : रावत

कृषि उत्पाद मंडी समिति शिमला एवं किन्नौर के पूर्व अध्यक्ष एवं बागवान केएस रावत ने कहा कि सेब बागवानों के जो पेड़ काटे जा रहे हैं, उनकी बंदोबस्त के दौरान की इंद्राज राजस्व विभाग के पास है। इसमें रिहायशी मकान, गौशालाएं, कृषि-बागवानी गोदाम आदि 40-50 वर्षों से बने हैं। किसानों को इसका बंदोबस्त के दौरान पता लगा। आज जमाबंदी में यह इंद्राज है। कम से कम ऐसी भूमि का छोटे बागवानों के लिए लीज का प्रावधान किया जाए।

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