गाड़ी का मालिक 2008 से कोई और,चालान के सम्मन किसी और को

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RTO-Shimla

चालान किसी और का परेशान कोई और –मुख्यमंत्री /परिवहन मंत्री जी ज़रा करें गौर
भेजा ई-मेल से पत्र
. परिवहन विभाग का सॉफ्टवेयर अपडेट लेकिन वाहन मालिक का नाम अपडेट नहीं
. सॉफ्टवेयर में पंजीकरण 23.06.14 तक अपडेट लेकिन 2008 को बेचा गए वाहन का मालिक 6 साल बाद भी नहीं बदला
. गाड़ी किसी और की ,चालान के सम्मन किसी और को जारी
. चालान किसी और मालिक का मानसिक /आर्थिक परेशानी किसी और को निपटनी पड रही है
. दो बार बिक चुका वाहन — अपडेट नहीं हुआ मालिक नाम

परिवहन विभाग व् पंजीकरण कार्यालय की लापरवाही के कारण आम वाहन मालिक परेशान है ! यह बात विकास समिति टुटू के अध्यक्ष नागेन्द्र गुप्ता ने प्रदेश के मुख्यमंत्री व् परिवहन मंत्री के ध्यान में एक पत्र भेज कर लाई है ! गुप्ता ने कहा की उनके ध्यान में टुटू निवासी सीमा ने लाया है की उन्होने वर्ष 2000 में एक मारुति-800 कार का पंजीकरण लाइसेंस व् पंजीकरण प्राधिकारी शिमला ग्रामीण कार्यालय में वाहन संख्या HP-52-0640 के तहद करवाया था ! सीमा गुप्ता ने बताया की वर्ष -2008 में उन्होंने यह कार बलदेव सिंह को बेच दी थी और संबंधित ग्रामीण पंजीकरण कार्यालय को क्रेता /विक्रेता ने इस वाहन का मालिक बदलने के दस्तावेज भी जमा करवा दिए थे ! उन्होंने बताया की यह कार बलदेव सिंह ने वर्ष 2010 में आगे परमजीत कौर शिमला निवासी को बेच दी जिसके जरूरी दस्तावेज भी पंजीकरण कार्यालय शिमला शहरी को जमा करवा दिए गए हैं !
सीमा गुप्ता ने बताया की विभागों की लापरवाही के कारण वाहन बेचने के बाद भी कार का चालान होने की सूरत में उन्हें न्यायालय से दूसरी मर्तवा चालान भुगतने के सम्मन प्राप्त हुए हैं जो की दुर्भाग्य पूर्ण है !
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विकास समिति अध्यक्ष नागेंन्द्र गुप्ता ने जब व्यक्तिगत तौर पर मंगलवार सुबह सुगम में जाकर शिमला ग्रामीण व् शहरी पंजीकरण कार्यालय से मामले की जानकारी विस्तार से ली तो पाया की पंजीकरण शाखाओं का रिकार्ड उचित है परन्तु चूक या तो पुलिस विभाग की लापरवाही से हुई है या ऑनलाइन परिवहन विभाग के रिकार्ड का अपडेट न होने के कारण सीमा गुप्ता को सम्मन जारी हुए हैं ! गुप्ता ने कहा की बहुत ही हैरानगी का विषय है की परिवहन विभाग का वाहन पंजीकरण दर्शाने वाला सॉफ्टवेयर 23.06.14 तक तो अपडेट कर दिया गया है परन्तु जिस वाहन के मालिक वर्ष 2008 व् आगे 2010 में दो बार बदल चुके हैं उनके पंजीकरण का रिकार्ड आजतक अपडेट नहीं किया गया है जिस कारण हो सकता है की पुलिस विभाग ने भी कार मालिक का नाम व् पता सॉफ्टवेयर से डाऊनलोड किया होगा ! गुप्ता ने मुख्यमंत्री तथा परिवहन मंत्री से विभाग को ऐसी चूक दोबारा न दोहराये जाने के लिए परिवहन विभाग को सख्त निर्देश देने की मांग की है ताकि किसी को बेवजह न्यायालय से सम्मन आने पर मानसिक व् आर्थिक परेशानी न उठानी पड़े !

seema-gupta

समिति अध्यक्ष ने कहा की मामला डी.एस.पी.(ट्रैफिक) दिनेश शर्मा के ध्यान में भी लाया गया है ताकि सॉफ्टवेयर संबधित कार्यालय से अपडेट करवाया जा सके और भविष्य में किसी वाहन मालिक को कोेई परेशानी न उठानी पड़े !

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