टूटीकंडी अंतर्राजीय बस स्टेंड पर सुविधाओं का अभाव, जनता परेशान

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ISBT 24.7 (1)

ISBT 24.7 (3)

माननीय मुख्यमंत्री महोदय ,
हिमाचल प्रदेश सरकार !

विषय : टूटीकंडी अंतर्राजीय बस स्टेंड पर सुविधाओं का अभाव –जनता परेशान
1. दोनों लिफ्टें स्वारियों के लिए बनी जी का जंजाल
एक पर लिखा only for hotel guests–एक पर लिखा luggage is not allowed in the lift ​–कैसे जाएँ भारी भरकम सामान लेकर ऊपरी मंजिल में बस लेने !​

​2॰ ​आधे घंटे की पार्किंग फीस –10 रुपये की जाये — जनहित में मांग
​(​सुविधाएं पहले सवारियों के लिए ​उपलब्ध करवाई जाये ​–फिर होटल वालों के लिए — ​ जनहित में मांग ​​​ ​​

महोदय , टूटी-कंडी बस अड्डे पर जनता को उचित सुविधायें ​नहीं मिल रही हैं जिस कारण यात्री परेशान हैं ! महोदय ,​आई॰एस॰बी॰टी॰ में दूसरी मंजिल में बस स्टाप होने की दिशा में सवारियों को भारी भरकम इटायची व सामान उठाने की समस्या को लेकर और लिफ्ट बंद होने की शिकायत ​ को लेकर जब ​हमने पहले भी प्रदेश सरकार से ​ ​बुजुर्गों /अपंगों और महिलाओं को भारी भरकम सामान बस प्रस्थान स्थल दूसरी मंजिल में होने पर एक्सलेटर लगाने व रैम्प बनाने ​ की मांग की थी तो अड्डा प्रशासन ने ​ जनहित की मांग को यह कह कर ठुकरा दिया था की ​ ​​​वहाँ पर चौबीस घण्टे लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध है !

महोदय,​ 19.6.14 ​​की रात जब मैं अपने परिवार सहित अपनी बेटी को 10.15 बजे की वॉल्वो में दिल्ली के लिए बिठाने गए तो दोनों लिफ्टों में लगी स्लिपों ​ को देख कर ​​(1.luggage is not allowed in the lift , 2.only for hotel guests) व लिफ्ट आपरेटर द्वारा सामान न ले जाने पर मना करने के करने पर भारी परेशानी उठानी पड़ी !

महोदय,मैं दिल ​ की बीमारी से भी ग्रस्त हूँ और बेटी उच्च शिक्षा के लिए प्रदेश से बाहर जा रही थी जिसके पास तकरीबन 60 किलो से ऊपर का भारी भरकम व्हील बैग था परंतु मौके पर रैम्प न होने और लिफ्ट में सामान न ले जाने की इजाजत होने पर तथा रात को किसी ​खान /​​​ ​कुली के न होने पर ​ हमे सामान ​को दूसरी मंजिल बस तक पहुंचाने में बहुत परेशानी की सामना करना पड़ा ​!
​महोदय ,मेरी पत्नी व ​बेटी दोनों मिलकर बैग को सीढ़ियों में खींचने की कोशिश करती रही पर भारी ईटायची होने पर उन्हे वहीं रुकना पड़ा तथा सामान उठाने के लिए अन्य ​ युवा ​​​सवारियों की मदद लेनी पड़ी !
महोदय ,​ऐसे कई यात्री ​ हमारे सामने आए जिन्हे भारी बैग -इटायची उठाने में बहुत परेशानी आ रही थी ! ​ यहाँ तक की कई युवा तो सरकार और प्रशासन की खिल्ली भी उड़ाते नजर आए !

महोदय ,माननीय उच्चतम ​न्यायालय के आदेश भी हैं और केंद्र व राज्य सरकार की पालिसी भी है की सभी नए भवनो में ​दृष्टीहीनों/​​अपंगों /बुजुर्गों के लिए बैरीयर फ्री रास्ते ​(रैम्प /लिफ्ट ​/एक्सलेटर इत्यादि ) सुविधाये दी जाएँ परंतु इस नए भवन में रैम्प न होने के कारण उनके इलावा रोजाना आने -जाने वाली सवारियों को दूसरी मंजिल में बस स्टाप होने पर सामान लाने- ले जाने की बहुत समस्या आती है !

महोदय ,ऊपरी मंजिल जहां से बसों का प्रस्थान होता है उस स्थान को जाने के लिए ​ ​​कम से कम 40-50 सीढ़ीयाँ हैं जिस पर बुजुर्गों,​महिलाओं,अपंगों व मेरे जैसे दिल के मरीजों व श्वाश (asthma) जैसे रोगियों ​ को सामान ​ ​​सहित ऊपर -आने जाने में काफी असुविधा होती है ! ऐसे में सामान को ऊपरी मंजिल में पहुंचाने के लिए किस खान को याद करे ​(​खान जो इस बस स्टैंड का मालिक है मै॰खान एंड कंपनी ​जो कभी लिफ्ट बंद ​करवा देते हैं या कभी लिफ्ट के बाहर स्लिप लगा देते हैं ​​) या दूसरे वह कश्मीरी खान जो कुली का कार्य करते हैं ​ ​) ​दोनों ही ​प्रकार के व्यक्ति समस्या का हल निकालने के लिए ​रात के समय मौके पर मौजूद ​ नहीं होते हैं ​ ​​!
​महोदय ,​बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है की हिमाचल की भोली -भाली जनता को उचित सुविधाएं न देकर इस आई एस॰बी॰टी॰पर पार्किंग के नाम पर भी लूटा जा रहा है ! ​
महोदय,अक्सर देखा जाता है की कोई भी परिवार की बेटी या बेटा जब शिमला से बाहर ​प्रस्थान करता है तो उनके माँ-बाप परिजन उसे ​छोड्ने ​ ​(​​c-off ​करने )​ ​बस स्टाप तक आते हैं और मात्र पाँच ​या दस​​मिनट के लिए कार पार्किंग पर उनसे पचास रुपये वसूल कर लिए जाते हैं !​ क्योंकि अंतर्राजीय बस टर्मिनल होने पर किसी भी बस को प्रस्थान करने से 15 मिनट पूर्व की काऊंटर पर आने की इजाजत है !​ ​​

महोदय ,उपरोक्त तथ्यों पर जनहित में आपसे निवेदन है की इस बस स्टाप पर तुरंत एक्सलेटर ​ या ऊपरी मंजिल के लिए यात्रियों के लिए ​रैम्प ​बनाने ​के आदेश अड्डा प्रशासन को दिये जाएँ या मुख्य प्रस्थान स्थल ( बस स्टैंड​)​ निछली मंजिल में शिफ्ट ​ किया जाये ताकि किसी जन साधारण को कोई परेशानी न उठानी पड़े !
महोदय ,छोटे वाहनो की पार्किंग फीस प्रथम प्रति घंटा 10.00 रुपये रखने से वाहनो की आवाहजाही भी अधिक होगी ​और निश्चित तौर पर वाहनो की frequency भी बढ़ेगी तथा वाहन बढ्ने से कंपनी /ठेकेदार को भी आय होगी !

कृपया ​ जनहित में राहत प्रदान करें !​​


नागेन्द्र गुप्ता

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