“सेब सीजन शुरू होने से पहले दुरुस्त होंगे सभी सड़क मार्गः मुख्यमंत्री”

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“सेब सीजन शुरू होने से पहले ऊपरी शिमला के सभी सड़क मार्गांे की मुरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा। मुरम्मत कार्य कर रही निजी कम्पनी को भी शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिए, लोक निर्माण विभाग केवल उन्हीं सड़क मार्गांे पर बसें चलाने की अनुमति प्रदान करे जो बसों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित हों”

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सेब सीजन शुरू होने से पहले ऊपरी शिमला के सभी सड़क मार्गांे की मुरम्मत का कार्य पूरा किया जाएगा। उन्होंने खड़ापत्थर से हाटकोटी सड़क मार्ग का मुरम्मत कार्य कर रही निजी कम्पनी को भी शीघ्र कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री बुधवार को देर सायं रोहड़ू में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों के कार्याें की समीक्षा की और विकास कार्यांे को शीघ्र पूरा करने के निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देश दिए कि खाबल-धनवाड़ी, शील-बराल-करछाड़ी, थली-अमोई-टिपरोली, गोशवाड़ी सहित रोहड़ू उप-मंडल के अंतर्गत सभी सड़क मार्गांे को सेब सीजन शुरू होने से पहले दुरूस्त कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग केवल उन्हीं सड़क मार्गांे पर बसें चलाने की अनुमति प्रदान करे जो बसों की आवाजाही के लिए पूरी तरह सुरक्षित हों।

उन्होंने लोक निर्माण विभाग को क्षेत्र में पुलों के निर्माण को भी प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए जिसमें बरशील, शिशियारा, बखोली पैदल पुल, घुशाली पैदल पुल, निगालु पैदल पुल, बखीरना पैदल पुल और संधोर पैदल पुल शामिल हैं।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि विधायक की प्राथमिकता वाले सड़क मार्गांे की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट शीघ्र तैयार की जाए ताकि सरकार इन्हें मंजूरी प्रदान कर सके। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि डोडरा-क्वार में निर्माण कार्यांे में होने वाले विलंब के दृष्टिगत सरकारी भवनों के निर्माण के लिए पूर्वनिर्मित ढांचों की संभावनाओं को तलाशा जाए। उन्होंने डोडरा में विश्राम गृह के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि के चयन के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि ऊना जि़ला में स्वां नदी की तर्ज़ पर पब्बर नदी के तटीकरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाए ताकि इस योजना को वित्त पोषण के लिए भेजा जा सके। केंद्रीय जल और विद्युत अनुसंधान केंद्र, पुणे पब्बर नदी के तटीकरण के लिए अध्ययन कर रहा है और शीघ्र इस केंद्र से विशेषज्ञों का दल पब्बर नदी का दौरा भी करेगा। उन्होंने कहा कि पब्बर नदी तटीकरण परियोजना लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से कार्यान्वित की जाएगी।

उन्होंने ऊर्जा विभाग को क्षेत्र में विभिन्न क्षमता वाले दस ट्रांसफार्मर स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या का समाधान किया जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में पथ परिवहन निगम की सेवाओं में सुधार लाया जाएगा और आवश्यकता के अनुसार और बसें उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने वन विभाग को भी निर्देश दिए कि वन स्वीकृतियों के लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया जाए ताकि क्षेत्र में विकास कार्यांे में अनावश्यक विलंब न हो।

हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, रोहड़ू खंड कांग्रेस के अध्यक्ष ईश्वर दास छोहारू, उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

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