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नवरात्रौं के लिए सज गया मां चामुंड़ा का दरबार
“श्राद ख़त्म होते ही नवरात्रों की तैयारी में जुटा मंदिर प्रशासन ताकि यहां आने वाले श्रधालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है, हर तरफ पुलिस के जवान तैनात है और चामुंडा मंदिर दुल्हन की तरह सजाया गया है, जिसके साथ ही मंदिर में श्रधालु पहुंचना भी शुरू हो गए है”
हिमाचल प्रदेश देव भूमि, जिला काँगड़ा के मुख्यालय धर्मशाला से मात्र 20 किलोमीटर और पालमपुर से 25 की दुरी पर है माँ चामुंडा नंदिकेस्वर धाम, यूँ तो यहाँ हर वक्त श्रधालुओं का सैलाब यहाँ लगा रहता है लेकिन नवरात्रों में देश विदेश से श्रद्धालु इस धाम के दर्शनों के लिए यहाँ पधारते हैं यहाँ पर माँ चामुंडा व् भगवान भोले शंकर के दर्शन एक साथ होते हैं, श्रद्धालु पहले माँ चामुंडा देवी के दर्शन करते हैं और तत पश्चात् बहुत बड़े पत्थर के निचे गुफा में विराजमान भोले शंकर के दर्शनों के बाद अपनी यात्रा पुरी करते हैं वहीँ देश भर से आए श्रद्धालु अपनी मनोकामना यहीं पुरी करते हैं।
मंदिर के पुजारी के अनुसार इस मन्दिर का निर्माण सातवीं शताव्दी में काँगड़ा के राजा ने करवाया था, ज़ब चंड और मुंड राक्षस का वध करना था तो देवी का आह्वान किया गया क्योंकि इन दोनों राक्षसो को वरदान प्राप्त था तब माँ ने इनका संहार करने के लिए काली का रूप धारण करके चंड मुंड का वध किया था और इसी घटना के आधार पर माँ का नाम चामुंडा देवी पड़ा था ।
चामुंडा मंदिर में भी इन नवरात्रों में आठ दिन लगातार हवन किया जाएगा और छोटी- छोटी कन्याओं का पूजन किया जाएगा चामुंडा मंदिर में शत चंडी का जाप किया जाता है और ख़ास कर महा रूद्र अभिशेख किया जाता है और अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है इसमें साठ पंडित भाग लेते हैं और अनुष्ठान को पूर्ण करते हैं।
इस अनुष्ठान में बाहर से आने वाले श्रधालु भी आहूति डाल सकते हैं और इस हवन की ख़ास बात है की जो भी यहाँ पर मन्नत मांगता है वो जल्द ही पूरी हो जाती है, यहाँ पर अष्टमी के दिन माँ को एक सौ आठ प्रकार के भोग लगाए जाते हैं ।
इस मंदिर में अश्टमी के दिन पूरी रात माँ का गुणगान व पूजा अर्चना की जाती है , अगर सुरक्षा की बात की जाए तो मंदिर प्रशासन ने यहाँ पर एंटी- शोशल एलिमेंट लगा रखे हैं जिससे की गुंडा तत्व और शरारती तत्वों पर भी ख़ास कर नजर रखी जा सके। मंदिर के चारों तरफ सी सी टी वी कैमरे लगा रखे हैं जो की हर आने जाने वाले पर नजर रखेंगे ताकि किसी प्रकार की कोई भी अनहोनी न हो सके। हिमाचल के काँगड़ा जिला में तीन बड़े मंदिर हैं जिन को सुरक्षा के नजरिये से चारों तरफ से चाक चैंकस कर दिया गया है ।
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LSD तस्करी मामले में अब हरियाणा से सप्लायर गिरफ्तार, आरोपी संदीप सप्लायर को बदले में देता था गांजा
शिमला: बीते दिनों न्यू शिमला क्षेत्र में पुलिस ने दो आरोपियों को करीब एक करोड़ रुपये की LSD (Lysergic Acid Diethylamide) ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। जिसमें एक युवक और युवती शामिल थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 11.57 ग्राम एलएसडी और 562 स्टैंप साइज स्ट्रिप्स बरामद की थी। पुलिस ने अब इस मामले में सप्लायर को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान नैवियल हैरिसन (27) ,केरल के रूप में हुई है। पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि जांच के दौरान सामने आया की आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा काफी समय से एक दूसरे के संपर्क में थे और LSD की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि आरोपी नैवियल हैरिसन और आरोपी संदीप शर्मा सिर्फ व्हॉटस्एप कॉल के माध्यम से बातचीत करते थे। आरोपी संदीप नैवियल हैरिसन को बदले में गांजा उपलब्ध करवाता था।
एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी की है। उन्होंने बताया कि मामले में आगामी जांच जारी है।
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हिमाचल प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 15 और 16 मार्च को बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान
शिमला: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार 15 और 16 मार्च के बीच प्रदेश के कई क्षेत्रों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने और बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है।
विभाग के मुताबिक 17 और 18 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि विभाग के मुताबिक 15 से 18 मार्च के बीच प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के खराब रहने के भी आसार हैं। इस दौरान अधिकतर स्थानों पर बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि 14 मार्च की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से प्रदेश में तापमान गिरावट दर्ज की जा सकती है।
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शिमला में 1 करोड़ रुपये का LSD बरामद, जानिए भारत में क्यों प्रतिबंधित है यह नशा और क्या है सजा ?
शिमला: बुधवार को पुलिस ने न्यू शिमला क्षेत्र में एक भवन से करीब एक करोड़ रुपये की LSD (lysergic acid diethylamide) ड्रग्स बरामद की है। बता दें कि भारत में एलएसडी प्रतिबंधित है। एलएसडी रखना, बेचना या तस्करी करना एक गंभीर अपराध है और मात्रा के आधार पर इसकी सजा तय होती है।
मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिसमें एक युवक और युवती शामिल है। आरोपियों की पहचान प्रिया शर्मा, निवासी सिरमौर, संदीप शर्मा, निवसी पंजाब (मोगा) को रुप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास कुल 11.57 ग्राम एलएसडी ड्रग्स बरामद की गई है। दोनों आरोपियों को खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि हमें गुप्त सूचना मिली थी कि राजधानी में एलएसडी की तस्करी हो रही है। सूचना के आधार पर पुलिस ने एक टीम का गठन किया और न्यू शिमला के हिम निवास में एक कमरे में ठहरे युवक और युवती की तालाशी ली। इस दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से एलएसडी के साथ 562 स्टैंप साइज सिट्रप्स बरामद किए। एएसपी हेडक्वार्टर अभिषेक ने मामले की पुष्टी करते हुए कहा कि आगामी जांच जारी है।
क्या होता है LSD ?
एलएसडी (Lysergic Acid Diethylamide) एक बेहद शक्तिशाली हैलूसिनोजेनिक (मतिभ्रम पैदा करने वाला) नशीला पदार्थ है, जो दिमाग की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। यह एक सिंथेटिक रासायनिक ड्रग है, जो मस्तिष्क में मौजूद सेरोटोनिन रिसेप्टर्स पर असर डालकर व्यक्ति की सोच, भावनाओं और वास्तविकता की अनुभूति को बदल देता है। एलएसडी बहुत कम मात्रा में भी तेज असर दिखाता है। इसे आमतौर पर छोटे कागज़ के टुकड़ों (ब्लॉटिंग पेपर), टैबलेट, जेल टैब या तरल बूंदों के रूप में बेचा जाता है।
यह कैसे बनता है?
LSD एक सिंथेटिक (कृत्रिम) नशा है जिसे ‘लाइसर्जिक एसिड’ से बनाया जाता है। यह एसिड ‘अर्गट’ (Ergot) नामक एक फंगस (कवक) में पाया जाता है, जो राई और अन्य अनाजों पर उगता है। यह नशा इतना शक्तिशाली होता है कि इसकी खुराक माइक्रोग्राम (mcg) जैसे बेहद सूक्ष्म स्तर पर मापी जाती है।
सेवन करने पर क्या होता है?
एलएसडी का सेवन करने के बाद इसका असर आमतौर पर 30 से 60 मिनट में शुरू हो जाता है और 8 से 12 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकता है। इस दौरान व्यक्ति को एक तरह का “ट्रिप” अनुभव होता है, जिसमें उसकी वास्तविकता को समझने की क्षमता बदल जाती है।
सेवन करने वाले व्यक्ति को निम्न अनुभव हो सकते हैं:
- ऐसी चीजें देखना या सुनना जो वास्तव में मौजूद नहीं होतीं (हैलूसिनेशन)
- समय और स्थान की समझ में बदलाव
- भावनाओं में अचानक परिवर्तन
- वास्तविकता और कल्पना के बीच फर्क समझने में कठिनाई
- अत्यधिक डर, घबराहट और मानसिक तनाव हो सकता है।
- दिल की धड़कन तेज होना, शरीर का तापमान बढ़ना, हाई ब्लड प्रेशर, आंखों की पुतलियों का फैलना, मतली, भूख न लगना, शुगर बढ़ना, नींद न आना, मुंह सूखना और शरीर में कंपन या दौरे पड़ना।
भारत में एलएसडी के खिलाफ कानून
भारत में एलएसडी पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसके खिलाफ कड़े प्रावधान Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act (NDPS Act), 1985 के तहत लागू हैं। इस कानून के तहत एलएसडी का उत्पादन, खरीद-फरोख्त, परिवहन, भंडारण या सेवन करना अपराध है।
सजा का प्रावधान
| मात्रा | सजा |
|---|---|
| छोटी मात्रा | अधिकतम 1 वर्ष की जेल या ₹10,000 तक जुर्माना |
| मध्यम मात्रा | 10 वर्ष तक की जेल और ₹1 लाख तक जुर्माना |
| व्यावसायिक मात्रा | 10 से 20 वर्ष तक कठोर कारावास और ₹1–2 लाख तक जुर्माना |
दोबारा अपराध करने पर सजा और भी कठोर हो सकती है।
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