शिमला को बनाया जाएगा स्लम मुक्त शहर

0
428

300-houses-to-be-built-to-make-Shimla-slum-free

“राजधानी शिमला के कृष्णानगर क्षेत्र में 34 करोड़ रुपये लागत से निर्मित होने वाली 300 आवासीय इकाइयों की पायलट परियोजना की आज आधारशिला रखी गई इस परियोजना के अन्तर्गत सामुदायिक कंेद्र ,पार्क, पुस्तकालय,वृद्धाश्रम,चिकित्सालय और नशामुक्ति केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा। इस योजना के अन्तर्गत 87 चिन्हित मलिन बस्तियों को शामिल किया जाएगा, ताकि शिमला को स्लम मुक्त शहर बनाया जा सके, दो वर्षों में पूरी की जाएगी परियोजना”

राजीव आवास योजना के अन्तर्गत राजधानी शिमला के कृष्णानगर क्षेत्र में 34 करोड़ रुपये लागत से निर्मित होने वाली 300 आवासीय इकाइयों की पायलट परियोजना की आधारशिला आज रखी मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने रखी । इस परियोजना के अन्तर्गत सामुदायिक कंेद्र,पार्क,पुस्तकालय,वृद्धाश्रम,चिकित्सालय और नशामुक्ति केंद्र जैसी आधुनिक सुविधाओं को भी विकसित किया जाएगा।

इस योजना के अन्तर्गत 87 चिन्हित मलिन बस्तियों को शामिल किया जाएगा ताकि शिमला को स्लम मुक्त शहर बनाया जा सके। यह परियोजना दो वर्षों में पूरी की जाएगी। प्रथम चरण में 224 जरूरतमंद परिवारों को मकान दिए जाएंगे जबकि 76 आवास किराए पर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परियोजना के तहत कृष्णानगर क्षेत्र में 300 आवासों के निर्माण के लिए तीन स्थानों का चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्थानीय लोगों और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए विशेष ध्यान दे रही है। तारादेवी-टुटू सड़क पर भरियाल में ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना स्थापित की गई है, जिसकी प्रतिदिन 100 मीट्रिक टन की क्षमता है। उन्होंने कहा कि भरियाल में ही ठोस कचरा के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए सेनेटरी लैंड फिल साईट के निर्माण का मामला विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि नगर निगम शिमला द्वारा 11.20 करोड़ की ई-गवर्नेंस परियोजना कार्यान्वित की जाएगी ए जिसका उद्देश्य 22 माॅडयूलस उपलबध करवाना हैए जिनमें कर एवं अन्य रखरखाव शुल्क की ई-अदायगी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि आश्याना-प्प् परियोजना के अन्तर्गत 14 करोड़ रुपये की लागत से 176 आवासीय मकानों का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि शिमला शहर में सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) मोड के आधार पर चार पार्किंग का निर्माण किया जा रहा है। इसके तहत संजौली, छोटा शिमला, लिफ्ट और विकासनगर में 1500 वाहनों की पार्किंग सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्तए शहर में 87 अन्य पार्किंग स्थल भी चिन्हित किए गए हैं। लिफ्ट के नजदीक 3.71 करोड़ रुपये की लागत से व्यवसायिक परिसर का निर्मण भी किया जाएगा ,जिसमें 222 दुकानों की सुविधा उपलब्ध होगी।

वीरभद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार समाज के गरीब व उपेक्षित वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी सभी वर्गों के कल्यासण एवं समान विकास पर विश्वास रखती है और सभी को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।

शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार राज्य के सभी शहरों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाकर उन्हें विकसित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नगर परिषद एवं नगर पंचायतों में राजीव आवास योजना कार्यान्वित करेगी ताकि बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवासीय एवं अन्य सुविधाएं मिल सकें।

उन्होंने कहा कि राजीव आवास योजना के अन्तर्गत शिमला शहर को स्लम मुक्त शहर बनाने के लिए नगर निगम शिमला 250 करोड़ रुपये व्यय कर रही है। उन्होंने कहा कि शिमला में 1110 मकानों का परियोजना सर्वेक्षण किया गया है जिनमें से 224 परिवारों को पहले चरण में आवासीय सुविधा के लिए चुना गया है। शेष 886 लाभार्थियों को दूसरे चरण में परियोजना के दायरे में लाकर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS