“किन्नौर जिले में 90 जलापूर्ति योजनाएं बहाल”

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“किन्नौर जिले में राहत एवं बचाव कार्य सुचारू रूप से जारी रखने के लिए जिला प्रशासन को चार सैटलाईट फोन उपलब्ध करवाए गए हैं इसके साथ ही क्षेत्र में बागवानी विस्तार अधिकारी हेलिकाॅप्टर के माध्यम से किन्नौर जिले के विभिन्न भागों में पहुंचाए गए हैं ताकि आपदा में हुए बागवानो के नुकसान में वे बागवानों की सहायता कर सकें”

किन्नौर जिले के पियो मण्डल में 74 में से 70 तथा पूह उपमण्डल में 20 जलापूर्ति योजनाएं बहाल कर दी गई हैं। मुख्य सचिव एस.राॅय ने आज यहां कहा कि 8.10 दिनों में जनजातीय जिला किन्नौर में सभी जलापूर्ति योजनाओं को बहाल किए जाने की संभावना है।

राॅय ने कहा कि मुरंग तक विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी गई है, जबकि रिकांगपियोए सांगला और पूह के मुख्य केन्द्रों में दूरसंचार प्रणाली कार्य कर रही है। इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन को चार सैटलाईट फोन उपलब्ध करवाए गए हैं ताकि राहत एवं बचाव कार्य सुचारू रूप से जारी रहंे। उन्होंने कहा कि 31 बागवानी विस्तार अधिकारी हेलिकाॅप्टर के माध्यम से किन्नौर जिले के विभिन्न भागों में पहुंचाए गए हैं ताकि वे बागवानों की सहायता कर सकें। इसके अतिरिक्त राहत कार्यों के लिए बागवानी विभाग को 3.13 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि बेघर लोगों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से 30 टैंट और 400 स्लीपिंग बैग किन्नौर भेजे गए हैं। इसके अतिरिक्त उपायुक्त शिमला द्वारा 1000 कंबल और 500 तिरपाल का प्रबन्ध कर उन्हें किन्नौर भेजा जा रहा है।

राॅय ने कहा कि टापरी से रिकांगपियो तक तथा रिकांगपियो से पूह के समीप सुन्नम घाटी में शियासो तक पुराने हिन्दुस्तान तिब्बत के विभिन्न हिस्सों को राज्य सरकार द्वारा तैयार कर लिया गया है। प्रदेश सरकार पुराने हिन्दुस्तान तिब्बत मार्ग को सभी मौसमों के लिए उपयुक्त मार्ग के रूप में विकसित करने का मामला केन्द्र सरकार से उठाएगी। उन्होंने कहा कि आज सायं 5.00 बजे तक प्राप्त सूचना के अनुसार 158 फंसे हुए व्यक्तियों को आज सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। 18 जून, 2013 से लेकर अब तक कुल 1679 व्यक्तियों को हेलिकाॅप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय आपदा कार्यवाही बल का एक दल भू-स्खलन के कारण सांगला में बंद पड़े क्षेत्रों से लोगों को पैदल बाहर निकलने में सहायता कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेना आपदा से बुरी तरह प्रभावित चुल्लिंग गांव तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग का प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि चुल्लिंग गांव से नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है।

उन्होंने कहा कि फंसे हुए सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है तथा अब उन स्थानीय लोगों को निकालने पर ध्यान दिया जा रहा है, जो जिले के विभिन्न भागों में फंसे हुए हैं।

मुख्य सचिव ने कहा कि पांच उचित मूल्यों की दुकानों को छोड़कर अन्य सभी ने अपनी राशन सामग्री प्राप्त कर ली है और जिले में अब समुचित आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि जिले के विभिन्न स्थानों पर हेलिकाॅप्टर के माध्यम से खाद्य सामग्री पहुंचाने का कार्यक्रम तैयार कर लिया गया है। पूह तथा गेबांग तक राशनए दवाइयां और कीटनाशक हवाई मार्ग से पहुंचाए जा रहे हैं।

राॅय ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की सड़कों को बहाल करने का कार्य प्रगति पर है तथा अब तक 13 सम्पर्क मार्ग बहाल किए जा चुके हैं। उन्होंने आशा जताई की कि किन्नौर जिले में लगभग एक सप्ताह के भीतर सम्पर्क मार्ग बहाल कर दिए जाएंगे।

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