एक तो बर्फबारी की मार दूसरा प्रशासन की अनदेखी

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shimla covered with snow

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“प्रशासन की बर्फबारी से निपटने के लिए कि गई तैयारियों मे हो रही है देर बिजली , पानी जैसी आम आवश्यकतों की समस्या से जनता को निजात दिलवाने के लिए प्रशासन मांग रहा है कम से कम तीन दिन तक का समय”

शिमला में बर्फबारी से होने वाली समस्याओं से शहर कि जनता को निजात दिलवाने का जिम्मा जिस नगर निगम के हाथों में उस नगर निगम विभाग की कार्यप्रणाली की पोल तो रातधानी में हुए पहले हिमपात ने ही खोल कर रख दी है ।

बर्फबारी से होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए नगर निगम के अधिकारियों ने अपनी तैयारियों की हुकंार तो ऐसी भरी थी की जैसे उन्हें बस बर्फबारी का इंतजार हो और वो जनता को अपनी सेवा दे सकें , पर जैसे ही अपने दावो पर खरे उतरने का समय आया और शिमला शहर में बर्फबारी हुई तो नगर निगम की बर्फ से निपटने की सारी तैयारियों का भाड़ा फुट गया ।

शिमला के जाखू में जहां भारी हिमपात के बाद जहां लोग बिजली और पानी की मुलभुत आवश्यकताओं से जूझना पड़ रहा है वहीं क्षेत्र में हुए दो फुट तक के हिमपात से कई पेड़ बिजली की तारों पर गिर गए है , जिससे यहां के लोग तीन दिनों से अधेंरे में रहने के लिए बेबस है । वहीं क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बिजली विभाग से जब इस समस्या का समाधान करने को कहा गया तो इसके लिए विभाग ने कम से कम तीन दिन के समय की मांग की है। शहर में हुए इस हिमपात के बाद एक बात जो सामने आई है वो ये , कि शिमला का जो नगर निगम प्रशासन शहर में बर्फबारी से निपटने के लिए की गई बड़ी – बड़ी तैयारियों की बातें कर रहा था , उनकी ये सारी तैयारियां शहर में हुई पहली ही बर्फबारी में ही जाम हो गई है।

snowfall-shimla

शिमला में होने वाली बर्फबारी से और बर्फबारी से होने वाली समस्याओं से जब प्रशासन भली-भांति अवगत है तो प्रशासन द्वारा क्या शहर में दो फुट बर्फ गिरने से पैदा हुई समस्याओं से निपटने तक के लिए कोई समाधान नहीं है ? बर्फबारी के कारण बिजली की समस्या के साथ पानी की समस्या तो बनी ही है, वहीं दुसरी ओर प्रशासन द्वारा सड़को से तो दूर की बात पर क्षेत्र के मुख्य मार्गों से भी सही समय से बर्फ नहीं हटाई गई है।

जहां शिमला प्रशासन किसी भी आपदा से निपटने के लिए खुद को सक्षम बताता है तो वहीं शहर में हुई करिब दो फुट की बर्फबारी से निपटने में लगने वाला इतना अधिक समय प्रशासन की किसी भी तरह की आपदा से निपटने की तैयारियों की ओर इशारा तो जरुर करता है।

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