अभिजीत मुखर्जी पहले दिया विवादित बयान फिर मांगी माफी

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“अभिजीत मुखर्जी का बयान,कैड़ल मार्च करना लड़कियों के लिए बन गया है फैंशन, सज धज कर प्रदर्शन में शामिल होने आती है महिलांए”

दिल्ली गैंग रेप पर पश्चिम बंगाल के जंगीपुर से कांग्रेसी सांसद और राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी के प्रर्दशनकारि महिलाओं पर किए गए विवादास्पद बयान से देश की हर महिला के बारे में उनका क्या नजरिया है इस बात को देश के सामने सपष्ट कर दिया है , बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान अभिजीत मुखर्जी ने आदोलन में हिस्सा लेने वाली लडकियों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि कैडल लेकर मार्च करना आज कल की लड़कियों का फैशन बन गया है, जो लड़किया दिन में अच्छे से सज धज कर हाथ में मोमबती लेकर प्रर्दशन करने आती है वही लड़किया रात को डिस्को चली जाती है, मुखर्जी ने कहा की लड़किया सच्चाई से रुबरु नहीं है और इन्हें बस दिखावा करना आता है और इस तरह से सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन करने से कुछ नहीं होता है। अभिजीत मुखर्जी के इस बयान ने दिल्ली गैंग रेप के विरोध में न केवल दिल्ली अपितु देश के हर उस शहर में जो दिल्ली में हुई अमानवीय घटना का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारि ने विरोध किया है। अभिजीत मुखर्जी के महिलाओं के प्रति दिये गए इस विवादास्पद बयान कि जहां राजनैतिक हलको में खुल कर विरोध हुआ है वहीं सामाजिक कार्यकताओं ने भी उनके इस बयान को बेहद खेदजनक और निदंनीय बताया है । अभिजीत मुखर्जी के इस बयान पर उनकी बहन ने भी विरोध जताया और अपने भाई की तरफ से देश की हर महिला और पुरुष से इसके लिए माफी मांगी है।

वहीं दूसरी ओर मामले को बिगड़ता हुआ देख अभिजीम मुखर्जी ने जल्द ही अपने शब्दों के लिए माफी भी मांग ली, पर क्या उनकी ये माफी उनकी महिलाओं के प्रति पिछड़ी सोच को दूर कर पाई है इसका जवाब तो शायद ही मिल पाए। पर अपने इस बयान से उन्होंने देश की महिलाओं पर ही नहीं बल्कि देश में सबको एक समान जीवन जीने फिर चाहे वो महिला हो या फिर पुरुष अपनी आजादी का सही रुप से आंनद उठाने जैसे अधिकारो पर भी प्रशन चिन्ह लगा दिया है।

मुखर्जी के बयान के आधार पर तो यही लग रहा है कि उनकी नजर में महिलाओं को इस देश में इतनी भी आजादी नहीं है कि वो अपनी इच्छा अनुसार कपड़े पहन सके और अपनी इच्छा से इधर उधर घुम सकें ,तो अपनी सुरक्षा की मांग को लेकर और सड़को पर प्रदर्शन करने वाली लड़किया अगर अपनी आवाज उठाती है तो उन्हें सही सुरक्षा दिलवाने के लिए तो अभिजीत मुखर्जी जैसे लोग अपनी आवाज बुलंद नहीं कर सकते है पर हां उन महिलाओं पर आपतिजनक बयान जरुर दे सकते है , जिससे यह सदेंश मिल सके कि इस देश में महिलाओं के प्रति अमानविय घटनाओं को अजांम देने वालों के लिए सख्त सजा दिलवाने के लिए प्रत्यन करने वाले गलत है और अपराधि सही।
Image:blogs.reuters

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