अभिभावक डरें नहीं व भारी फीसों के खिलाफ 8 अप्रैल को होने वाले महाधरने में खुलकर सामने आएं:अभिभावक मंच

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Mega rally against himachal's private schools

शिमला-छात्र अभिभावक मंच पिछले एक महीने से प्रदेश के निजी स्कूलों और सरकार के गले की फांस बना हुआ है! लगातार कई विरोध प्रदर्शनों के बाद अब मंच ने निजी स्कूलों की मनमानी,लूट व भारी फीसों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के तहत लगभग 10 हज़ार पैम्फलेट बांटकर व शिमला शहर में लगभग दो हज़ार पोस्टर लगातार दूसरे चरण के आंदोलन का अभियान पूर्ण किया। आंदोलन के इस चरण में 8 अप्रैल को 11 बजे शिक्षा निदेशालय में महाधरना होगा। ये जानकारी मंच के संयोजक विजेंद्र मेहरा ने एक प्रेस विज्ञप्ति में मीडिया को दी!

उन्होंने शिमला शहर के अभिभावकों से 8 अप्रैल को होने वाले महाधरने में भारी संख्या में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे डरें नहीं व भारी फीसों के खिलाफ खुलकर सामने आएं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों के निरन्तर संघर्ष व आंदोलन के कारण ही 18 मार्च की अधिसूचना जारी हुई है। अभिभावकों की एकता के कारण ही सभी जिलों में उपनिदेशकों को निजी स्कूल प्रबंधनों के साथ बैठक करनी पड़ी व स्कूलों के संचालन के लिए उचित दिशानिर्देशन करना पड़ा। इसके फलस्वरूप ही निदेशक उच्चतर शिक्षा को नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर 15 अप्रैल तक सख्त कार्रवाई करने व उनकी मान्यता रद्द करने की डेडलाइन जारी करनी पड़ी।

मंच ने प्रदेश सरकार को चेताया है कि वह निजी स्कूलों को संचालित करने के लिए शीघ्र ही कानून व पॉलिसी लाए तथा रेगुलेटरी कमिशन का गठन करे अन्यथा आंदोलन और तेज़ होगा। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि वे 18 मार्च 2019 की शिक्षा निदेशालय की अधिसूचना लागू करवाएं व जो स्कूल इसकी अवहेलना कर रहे हैं उनकी मान्यता तुरन्त रद्द की जाए व उन पर हिमाचल उच्च न्यायालय के आदेशों की अवहेलना के कारण काँटेम्पट ऑफ कोर्ट के तहत आपराधिक मुकद्दमे दर्ज किए जाएं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि उसके संरक्षण के कारण ही निजी स्कूल कुकुरमत्तों की तरह फल फूल रहे हैं व शिक्षा के बाजारीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं।

मंच ने हिमाचल उच्च न्यायालय से गुज़ारिश की है कि वह 27 अप्रैल 2016 के हिमाचल उच्च न्यायालय के आदेशों की लागू करवाये व अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर सख्त कार्रवाई अमल में लाये।

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