Connect with us

पर्यटन

पर्यटक व पर्यावरण के तहत रोहतांग में किया जा रहा ईको फ्रैंडली मार्केट का निर्माण

eco-friendly-market-rohtang

शिमला- रोहतांग दर्रे के समीप मढ़ी और अन्य पर्यटक स्थलों में पर्यावरण मित्र(ईको फ्रैंडली) मार्केट का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्केट को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटन सीजन के दौरान देश-विदेश के सैलानियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार रोहतांग के लिए गठित मानीटरिंग कमेटी की वीरवार को डीआरडीए के सम्मेलन कक्ष में हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव तरुण कपूर ने यह जानकारी दी।

मढ़ी में पर्यटकों की सुविधा के लिए 14 रेस्तरां के निर्माण के अलावा छह दुकानों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। प्रधान सचिव ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को शेष कार्य को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला प्रशासन को इन रेस्तरां व दुकानों के आवंटन में पूरी पारदर्शिता बरतने को कहा। प्रधान सचिव ने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे गुलाबा के आस-पास पिकनिक स्पाॅट विकसित करें और वहां अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित करें।

जिला प्रशासन को गुलाबा में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था और गुलाबा बैरियर पर सोलर लाइट लगाने के निर्देश दिए। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को एनजीटी के निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए ब्यास नदी में सीवरेज और अन्य किसी भी तरह की गंदगी न डालने और नदी की पवित्रता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाने को कहा।

हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा कुल्लू जिला में ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें होटल एसोसिएशन के सदस्यों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रधान सचिव ने बताया कि गुलाबा, मढ़ी और रोहतांग के कुछ क्षेत्रों को साडा के अंतर्गत लाने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि वहां सफाई व्यवस्था दुरुस्त हो सके।

एनजीटी के आदेशों की अनुपालना के लिए परिवहन विभाग को बैरियरों पर वे-इन-मोशन ब्रिज शीघ्र स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए। उन्होंने सभी विभागों से कहा कि वे एनजीटी के आदेशों से संबंधित कार्यों को शीघ्र पूरा करें और यातायात को सुचारू बनाने के लिए पुलिस भी विशेष योजना तैयार करे।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Featured

शिमला में इलेक्ट्रिक बस ट्रायल सफल, रोहतांग के लिए जुलाई महीने में चलाई जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें

Electric bus in Himachal

शिमला- हिमाचल के लोग अब इलैक्ट्रिक बसों में सफर का आनंद उठा सकेंगे। जल्द ही इन बसों को सड़कों पर उतारने की तैयारी की जा रही है। पर्यटन नगरी मनाली में हुए सफल ट्रायल के बाद अब राजधानी शिमला में इलैक्ट्रिक बस का ट्रायल किया गया है। बस को सफलतापूर्वक शिमला से परवाणु तक चलाया गया है। एक बार बैटरी चार्ज करने के बाद यह बस करीब 200 किलोमीटर तक चल सकती है।

इस बस की बैटरी चार्ज करने के लिए 4 से 5 घंटे का समय लगता है। इन बसों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए है जोकि राज्य में किसी भी बस की कीमत में सबसे ज्यादा है।

रोहतांग के लिए जुलाई महीने चलाई जाएंगी इलेक्ट्रिक बसें

परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि रोहतांग के लिए जुलाई महीने से इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। जानकारी के मुताबिक परिवहन निगम में 50 बड़ी बसें और 75 छोटी बसें खरीदी जानी हैं। पहले चरण में प्रदेश में 25 इलैक्ट्रिक बसें खरीदी जा रही हैं। 26 सीटर इन बसों के चलने से जहां पर इस पर खर्च होने वाले ईंधन की बचत होगी, वहीं पर पर्यावरण संरक्षण के लिए ये बसें वरदान साबित होंगी। इलैक्ट्रिक बसों को चलाने वाला हिमाचल उत्तर भारत में पहला राज्य होगा। इन बसों को पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित घोषित किया गया है।

ऑफ सीजन में दौड़ेंगी इलैक्ट्रिक बसें

पर्यटकों को मनाली से रोहतांग के बीच इसी साल के पर्यटन सीजन में इलैक्ट्रिक बसें शुरू होने की उम्मीद थी। इसका ट्रायल भी सफल रहा था। अब जुलाई में इलैक्ट्रिक बसों की आवाजाही शुरू होगी। ऐसे में पर्यटन सीजन ढलान पर होगा। इसके चलते कुछेक सैलानियों को ही इस सुविधा का लाभ मिल पाएगा।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Continue Reading

Featured

रोहतांग पास जाने वाले पर्यटकों के लिए ‘ऑनलाइन परमिट’ की सुविधा शुरू, पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा परमिट

Online Permit for Rohtang Pass

कुल्लू- गर्मी की छुट्टियों में रोहतांग पास घूमने की इच्छा रखने वालों के लिए अच्छी खबर है। इस बार रोहतांग पास जाने वाले पर्यटकों के लिए ‘ऑनलाइन परमिट’ सुविधा शुरू की गई है। ये परमिट पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेंगे। नैशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों के बाद हिमाचल सरकार ने पहली बार गुलाबा व कोकसर में ‘हाईटैक बैरियर’ स्थापित किए हैं। ये चैक प्वाइंट्स सैलानियों की संख्या को सीमित करने के लिए बनाए गए हैं। जिला प्रशासन के मुताबिक इस बार 800 पैट्रोल व 400 डीजल के वाहन ही रोजाना दोनों चैक बैरियरों को क्रॉस कर पाएंगे।

लाहौल व लद्दाख जाने के लिए अलग से लेना होगा परमिट

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक गुलाबा व कोकसर में सभी वाहनों की जानकारी कम्प्यूटर में फीड की जाएगी ताकि परमिटों के दुरुपयोग को रोका जा सके। इसके अलावा लाहौल व लद्दाख जाने के नाम पर रोहतांग पास घूमने वालों पर भी सख्ती रहेगी। अधिकारियों का कहना है कि लाहौल व लद्दाख जाने वाले वाहनों को अलग से परमिट लेना अनिवार्य किया गया है।

बैरियरों में तैनात स्टाफ चैक करेगा परमिट

एसडीएम मनाली हेमराज बैरवा ने कहा कि दोनों बैरियरों में तैनात स्टाफ इंटरनैट के जरिए वाहनों के परमिटों को चैक करेगा, साथ ही यह भी सावधानी बरतेगा कि लाहौल व लद्दाख के नाम पर सैलानी रोहतांग पास में प्रवेश न करें। उन्होंने कहा कि एनजीटी ने राज्य सरकार को निर्देश जारी किए थे कि इन दोनों प्वाइंट्स को हाईटैक सुविधाओं से जोड़ा जाए। इन आदेशों की अनुपालना करते हुए ही राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है।

आदेशों के उल्लंघन पर ब्लैक लिस्ट होंगे वाहन

एसडीएम ने कहा कि प्रशासनिक अमला एनजीटी के आदेशों को लेकर गंभीर है और इन आदेशों की उल्लंघना करने वाले वाहनों को ‘ब्लैक लिस्ट’ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लैक लिस्ट होने पर ऐसे वाहनों को भविष्य में बैरियर प्वाइंट्स क्रॉस करने की अनुमति नहीं मिलेगी।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Continue Reading

Featured

शिमला एयरपोर्ट पर एटीआर-42 सीटर विमान का ट्रायल कामयाब, जल्द ही नियमित होंगी उड़ानें

Shimla Airport

17 सदस्यीय टीम ने किया हवाई अड्डे का मुआयना; अब राजधानी शिमला के लिए होंगी नियमित उड़ानें, बढ़ेगा पर्यटन

शिमला- पिछले चार वर्षों से बंद पड़े शिमला के जुब्बड़हट्टी स्थित एयरपोर्ट में मंगलवार को एलाइंस एयरवेज के एटीआर-42 का ट्रायल सफल रहा है। अब जल्द ही यहां नियमित उड़ानें शुरू की जाएंगी। पिछले कई वर्षों से हिमाचल में ठप पड़े हाई एंड टूरिज्म को भी गति मिलेगी।

एयर इंडिया के पायलट्स व तकनीकी विशेषज्ञों की 17 सदस्यीय टीम मंगलवार को 12 बजे जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट पहुंची। इस टीम के नेतृत्व में यह ट्रायल किया गया, जो सफल बताया जा रहा है। उल्लेखनीय रहेगा गत माह ही 16 व 17 मार्च को डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन, एयरपोर्ट अथारिटी ऑफ इंडिया व भारतीय मौसम विभाग के आला अधिकारियों ने एयर इंडिया के चीफ पायलट्स की टीम के साथ यहां का दौरा किया था। टीम ने जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट को नियमित उड़ानों के लिए फिट करार दिया था। दिक्कत यही थी कि एलाइंस एयरवेज के पास एटीआर-42 नहीं थे। अब इनकी उपलब्धता के बाद मंगलवार को जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट में ट्रायल किया गया, जो सफल रहा है।

शिमला एयरपोर्ट देश में ऐसा पहला हवाई अड्डा है, जिसकी वजह से हिमाचल की राजधानी शेष विश्व से एयर कनेक्टिविटी से अलग-थलग पड़ी है। हालांकि यहां नॉन शेड्यूल्ड फ्लाइट्स तो आती हैं, मगर शेड्यूल्ड नहीं। अब उम्मीद बंधी है कि आगामी हफ्ते से यहां नियमित उड़ानें शुरू होंगी। पिछले चार वर्षों से शिमला एयरपोर्ट के लिए 300 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट तैयार होने के बावजूद इसे शेड्यूल्ड फ्लाइट्स के लिए खोला नहीं जा सका था। एयरपोर्ट में शेड्यूल्ड फ्लाइट्स के लिए किसी तरह की दिक्कतें न हों, लिहाजा एयरपोर्ट की लंबाई को बढ़ाया जा चुका है।

बहरहाल, आगामी हफ्ते से शिमला अब एयर कनेक्टिविटी के जरिए शेष विश्व से नियमित तौर पर जुड़ पाएगा, जिससे पर्यटन व व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

300 मीटर बढ़ाई रन-वे की लंबाई

जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे के रन-वे की लंबाई 1164 मीटर थी। इसे करीब 300 मीटर तक बढ़ा दिया गया है, जबकि चौड़ाई 30 मीटर है। हवाई पट्टी के विस्तार के साथ-साथ एयरपोर्ट में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है।

पहले एयरपोर्ट पर उतरता था 40 सीटर विमान

अभी तक जुब्बड़हट्टी स्थित हवाई पट्टी पर 40 सीटर विमान ही उतरता था। अब एयर इंडिया से जुड़े एलाइंस एयरलाइन ने यहां जो सर्वेक्षण किया था, उसके तहत एटीआर-72 व एटीआर-42 सीटर विमानों को उतारा जा सकता है।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

Continue Reading

Trending