टांडा अस्पताल में रेडियोथैरेपी तकनीक से होगा कैंसर का इलाज, 15 से 35 हजार आएगा खर्च

0
124
tanda medical college kangra

टीएमसी में अब कैंसर रोगियों को बड़ी सुविधा मिलने वाली है। यहां मई माह से रेडियोथैरेपी तकनीक (बिना चीरफाड़) से इलाज शुरू होने की संभावना है। टांडा में रेडियोथैरेपी तकनीक शुरू होने से कांगड़ा, हमीरपुर, मंडी और चंबा जिले के हजारों मरीजों को लाभ मिलेगा।

इससे पहले मरीजों को इस तकनीक से इलाज करवाने के लिए सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर पीजीआई जाना पड़ता था। रेडियोथैरेपी सुविधा शुरू करने के लिए टांडा के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में जगह के चयन के बाद अब मशीनों के लिए आर्डर कर दिया गया है।

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार नई तकनीक के लिए इसी माह मशीनें अस्पताल में स्थापित हो जाएंगी। इस तकनीक से इलाज करवाने पर मरीज कुछ ही दिनों में ठीक हो जाता है। रेडियोथैरेपी तकनीक नहीं होने से पहले ऑपरेशन कर चीरफाड़ से मरीजों का इलाज किया जाता था।

इससे काफी घाव हो जाते थे। इन घावों को भरने में पांच से छह माह तक लग जाते थे। अब शरीर में जिस जगह पर कैंसर है, उस जगह पर रेडियोथैरेपी से फिक्स डोज रेडिएशन डालकर रोग को समाप्त किया जाएगा। इस तकनीक से उपचार करवाने वाले मरीजों को दर्द भी नहीं होता है।

अब 50 नहीं 15 हजार रुपये में हो जाएगा इलाज

पीजीआई चंडीगढ़ में कैंसर पीड़ितों का रेडियोथैरेपी तकनीक से इलाज करवाने पर करीब 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये खर्चा आता है। लेकिन, टांडा में सुविधा शुरू होने से अब यही इलाज 15 से 35 हजार रुपये में हो सकेगा।

टांडा मेडिकल कॉलेज के एमएस डा. वाईडी शर्मा ने कहा कि रेडियोथैरेपी से कैंसर का इलाज किया जाएगा। इसके लिए मशीनों का आर्डर दे दिया है। रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर की तैनाती हो गई है। रेडिएशन फिक्स डोज देकर कैंसर का इलाज कम दरों पर टीएमसी में होगा।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS