अब हिमाचल में यूजीसी मापदंड पूरा करने वाले कॉलेज प्राध्यापक भी करवा सकेंगे पीएचडी

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PHD in Himachal
चित्र:हिंदुस्तान टाइम्स/ सांकेतिक

शिमला- हिमाचल में यूजीसी के मापदंड पूरा करने वाले कॉलेज प्राध्यापक अब पीएचडी करवा सकेंगे। एचपीयू कार्यकारी परिषद ने कॉलेज प्राध्यापकों के पीएचडी गाइड बनने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से जहां विद्यार्थी गृह क्षेत्र के कॉलेजों में ही पीएचडी कर सकेंगे, वहीं एचपीयू में शिक्षकों की कमी के कारण पीएचडी गाइड नहीं मिलने की समस्या का समाधान भी हो जाएगा।

इस मुद्दे को लेकर डीन प्लानिंग की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज प्राध्यापकों को गाइड के रूप में ईसी ने वीरवार को मंजूरी दे दी। यह मामला लंबे समय से लंबित था। पांच साल तक नियमित सेवाएं देने वाले प्राध्यापक ही पीएचडी गाइड बनने के लिए पात्र होंगे। वह स्वयं पीएचडी डिग्री धारक हो और कम से कम उनके तीन रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हों। इसका लाभ प्रदेश भर के कॉलेजों में पढ़ाने वाले पात्र सैकड़ों प्राध्यापकों और पीएचडी में पंजीकृत हुए छात्रों को होगा। अब उनकी डिग्री समय से पूरी हो सकेगी।

यूजी, पीजी उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन ऑनलाइन

ईसी ने एचपीयू के परीक्षा परिणाम में देरी को कम करने के लिए ऑनलाइन ऑन स्क्रीन इवेल्यूएशन शुरू करने का फैसला लिया। इसके लिए जल्द कमेटी गठित की जाएगी। छात्र की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर सीधे परीक्षा केंद्र से मूल्यांकनकर्ता को ऑनलाइन भेजा जाएगा। यह प्रक्रिया यूजी और पीजी दोनों परीक्षाओं के मूल्यांकन में लागू होगा। कार्यकारी परिषद ने रूसा यूजी परीक्षाओं के परिणाम तैयार करने में एब्सोल्यूट ग्रेडिंग को लागू करने का निर्णय भी लिया। छात्र जितने अंक प्राप्त करेगा, उसी आधार पर उसका परिणाम तैयार होगा।

छठे सेमेस्टर की उत्तर पुस्तिकाओं का होगा स्पॉट मूल्यांकन

अंडर ग्रेजुएट कक्षाओं में लागू रूसा सीबीसीएस (विद इन फैकल्टी) सिस्टम के छठे व अंतिम सेमेस्टर में पढ़ रहे छात्रों का परीक्षा परिणाम घोषित करने को परीक्षा केंद्र कॉलेजों में ही स्पॉट मूल्यांकन करने का भी फै सला लिया गया।

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