मंडी की महिलाओं ने कर दिखाया कमाल, कबाड़ बेच कमाए करीब 30 लाख रुपए

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चित्र : दिव्य हिमाचल

4490 महिला मंडलों की सदस्यों ने किया कारनामा , 50 और रोजगार से जुड़ीं

मंडी- कोई सोच नहीं सकता है लेकिन कबाड़ को बेच कर महिलाएं भी लाखों कमा सकती हैं। मंडी की महिलाओं ने यह कमाल कर दिखाया है। मंडी के महिला स्वयं सहायता समूहों व मंडलों ने एक वर्ष में एक हजार क्विंटल से ज्यादा का कबाड़ बेच डाला है। जिसमें महिला मंडलों ने लाखों रुपए कमा डाले हैं।

एक वर्ष मंडी के 4490 महिला मंडलों ने यह कारनामा किया है। बताया जा रहा है इस कबाड़ को बेचकर इन महिला मंडलों ने 20 से 30 लाख रुपए कमाए हैं। यही नहीं मंडी के इन महिला मंडलों की वजह से जिला के ग्रामीण क्षेत्रों में बीस नए कबाडि़यों का भी जन्म हुआ है और इस कारण 50 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी मिला है।

इन महिला मंडलों ने यह कबाड़ अपने गांव व सार्वजनिक स्थानों से सफाई अभियान के तहत एकत्रित किया है। वहीं,सारी पहल उपायुक्त मंडी संदीप कदम द्वारा शुरू किए गए मंडी विकास अभियान के तहत हुई है। इसी अभियान के तहत महिलाओं ने बिना कुछ खर्चे ही करोड़ों के कार्य सामूहिक रूप से अपने क्षेत्रों कर डाले, जिससे जिला के ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर ही बदल गई है।

क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार मंडी जिला के 99 प्रतिशत घरों में गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था है, जबकि 95 प्रतिशत सार्वजनिक स्थान स्वच्छ पाए गए हैं। वहीं इन ग्रामीण महिलाओं ने जिला के 72419 घरों में कूड़ा-कर्कट के लिए डस्टबिन रखवाए हैं। वहीं पर 28925 सोक्ता गड्ढों और 22298 वर्मी कंपोस्ट और गोबर के गड्ढों का निर्माण करवाया।

मंडी के यह महिला मंडल एक वर्ष में 37444 स्थानों, स्कूल आंगनबाड़ी स्तर पर पेयाजल स्रोतों टंकियों की सफाई कर चुके हैं। वहीं, एक साल के दौरान इन महिलाओं ने मंडी जिला में एक साल के दौरान 108828 गतिविधियों का आयोजन किया, जिसमें जिला की हजारों महिलाओं ने शिरकत की। इस मुहिम का यह असर हुआ कि जिला के सभी घरों में शौचालय बन गए।

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