sunni-bhajji-region
Photo: LoOp-WhOlE

शिमला- सुन्नी-भज्जी विकास संस्था इस क्षेत्र के बहुआयामी विकास के उद्देश्य से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर किसानों तथा छोटे उद्यमियों के हित के लिये अनेक मांगें रखी हैं। संस्था के अध्यक्ष गुरुदत्त शर्मा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि सुन्नी में सब डिविजिनल मैजिस्ट्रेट तथा जूडिशियल मैजिस्ट्रेट के कार्यालय खोले जाने चाहिए क्योंकि इस क्षेत्र के गांवों से शिमला बहुत दूर पड़ता है। लम्बे समय से चली आ रही यह मांग क्षेत्र की जनता द्वारा बार-बार उठाई जाती रही है।

गुरुदत्त शर्मा ने आगे कहा कि सुन्नी-भज्जी क्षेत्र के छोटे किसान और फल-सब्जी उत्पादक जंगली जानवरों और बंदरों की बहुतायत से दुखी हैं। इस मामले में बातें बराबर होती रही हैं लेकिन कोई कारगर कदम अभी तक नहीं उठाया गया। फसलों के अतिरिक्त अब जंगली जानवर पालतू पशुओं और लोगों पर भी घातक हमले कर रहे हैं इसलिए बंदरों तथा हिंसक जंगली जानवरों से ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कारगर उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के कृषक खेती के लिए वर्षा के जल पर निर्भर करते हैं।

पास ही बहने वाली सतलुज नदी से इस क्षेत्र की खेती के लिए अभी तक सिंचाई की व्यवस्था नहीं हो सकी है। यह किसानों के हित में जरूरी है।

संस्था के प्रधान गुरुदत्त शर्मा ने कहा कि किसानों की फसलों के विक्रय हेतु वसंतपुर में सब्जी मंडी की स्थापना भी की जानी चाहिए। इसके साथ ही फूल लकड़ी तथा कांग्रेस घास को हटाने के भी स्थायी व्यवस्था होनी चाहिये। उन्होंन कहा कि पब्लिक-प्राईवेट-पार्टनरशिप के तहत सुन्नी में गौ सदन का निर्माण भी किया जाना चाहिये और जैविक खेती के प्रोत्साहन के लिए भी योजना चलाई जानी चाहिए।

गुरुदत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का चुनाव क्षेत्र होने के नाते इस क्षेत्र के लोगों को पूरी उम्मीद है कि सरकार द्वारा ये जायज मांगें यथाशीघ्र पूरी की जाएंगी। क्षेत्र की जनता के जागरण के लिए संस्था की ओर से इन मांगों से सम्बंधित इश्तहार प्रकाशित करके प्रचारार्थ जारी किए हैं।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS