भूमि की खरीद फरोखत से पहले भू-मालिक नगर एवं ग्राम योजना विभाग से लें स्वीकृति

0
124
hp-town-and-country-planning-act
चित्र: Cobuildit सांकेतिक

ऊना- नगर एवं ग्राम येाजना विभाग के उप-मण्डलीय कार्यालय ऊना में आज एक बैठक में जानकारी देते हुए सहायक नगर योजनाकार ऊना रसिक शर्मा ने बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने अनाधिकृत प्लॉटस जो 24 नवम्बर, 2015 से पहले खरीदे गए हैं को योजना स्वीकृति प्रदान करने के लिए पॉलिसी बनाई है तथा इस प्रकार के प्लॉटस को योजना स्वीकृति केवल भूमि के अन्य हिस्सेदारों से अनापत्ति प्लॉटस प्रमाण पत्र के साथ ही दी जाएगी। उन्होने बताया कि इसके बाद खरीदे जाने वाले किसी भी अनाधिकृत प्लॉटस को योजना स्वीकृति नहीं दी जाएगी।

बैठक में नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम 1977 की धारा 16सी में निहित प्रावधानों की विस्तृत जानकारी भी दी। जबकि राजस्व विभाग के उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इसकी अनुपालना करने का आग्रह किया गया ताकि किसी भी प्रकार की भूमि का अनाधिकृत बंटवारा करके उसे बेचा ना जा सके। उन्होने बताया कि ऐसा करने से नियोजित विकास की अवधारणा को ठेस पहुंचती है। साथ ही आग्रह किया गया कि किसी भी प्रकार की भूमि की खरीद फरोखत करने से पहले भूमि मालिकों को नगर एवं ग्राम योजना विभाग से नियमानुसार भूमि का उप-विभाजन या विभाजन करवाकर स्वीकृति लेने को कहा जाए ताकि नियोजित मकान या कॉलोनी का प्रारूप तैयार हो सके। साथ ही भूमि व प्लॉटस खरीदने वालों को सभी प्रकार की सुख-सुविधाएं प्रदान की जा सकें।

योजना क्षेत्र व विशेष क्षेत्रों में कोई भी भू-मालिक अपनी भूमि को बिना विभागीय स्वीेकृति के न तो भूमि को बांटा और न ही बेचा जा सकता है।यदि कोई भू-मालिक बिना विभाग की स्वीकृति के भूमि का बंटवारा करके रजिस्ट्री करवा लेता है तो उसे हिमाचल प्रदेश नगर एवं ग्राम योजना अधिनियम की धारा 16सी का उल्लंघन माना जाएगा और ऐसी रजिस्ट्री को अनाधिकृत समझा जाएगा।

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS