ऊना- जिले में एड्स तेजी से पांव पसार रहा है। जिले में एचआइवी मामलों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पर अधिक चिंता की बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास इस बात की जानकारी नहीं है कि कौन सा वर्ग इसकी चपेट में अधिक है। उस वर्ग की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है, जिसके कारण एचआइवी संक्रमण बढ़ा है। ऊना जिले में एचआइवी संक्रमितों की संख्या 418 तक पहुंच गई

इनमें से दस की मौत हो चुकी है। हालांकि, 395 मरीज एआरटी सेंटर में उपचार करवा रहे हैं। संक्रमितों में से महिला मरीजों की तादाद अधिक है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन तक किसी माध्यम से संक्रमण पहुंचा है। यहां महिला मरीजों की तादाद 191 है तो पुरुष मरीज 168 हैं। वहीं, संक्रमित बच्चों की संख्या 30 है।

छह माह में जिले में 33 मामले एड्स के सामने आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग का राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम जिले में सक्रिय है। यह कार्यक्रम मरीजों को चिन्हित कर उपचार दे रहा है पर जागरूकता का अभी भी अभाव है। विभागीय आंकड़ों में विवाहित व युवा वर्ग की तादाद अधिक दिख रही है। हाल ही में प्रशासन के साथ हुई बैठक में भी इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इसमें सबसे अधिक प्रभावित वर्ग की पहचान कर उन्हें जागरूक करने पर विचार हुआ था।

अप्रैल से सितंबर तक 2016 में आए एचआइवी मरीज

कुल मरीज आइसीटीसी ऊना आइसीटीसी ऊना
33 27 6

एआरटी में पंजीकृत एचआइवी – 418

संक्रमित पुरुष महिला संक्रमित संक्रमित बच्चे
168 191 30

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रकाश दड़ोच ने कहा है कि

ऊना जिले में एचआइवी एड्स को लेकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। संबंधित ¨वग एचआइवी संक्रमितों की पहचान कर उन्हें दवाइयां व उपचार दे रहा है। इसके साथ ही ऐसे वर्गो की पहचान पर काम होगा, जिनसे एचआइवी संक्रमण का प्रसार हो रहा है।

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