कोल बांध जलाशय में एक वर्ष के भीतर हुआ 1.57 मीद्रिक टन मछली उत्पादन: भरमौरी

0
195
Kold Dam Fisheries

शिमला-वन एवं मत्स्य मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने जानकारी दी कि कोल बांध जलाशय के कसोल, बैरल व सुन्नी स्थित मत्स्य सहकारी सभाओं के सदस्यों द्वारा तीनों स्थानों पर स्थापित मत्स्य केंद्रों से रिकार्ड समय एक वर्ष के दौरान प्रथम अगस्त, 2016 से आजतक 1.5 लाख रुपये मूल्य की 1.57 मीद्रिक टन मछली का कारोबार किया गया। इस दौरान कसोल से 603, बैरल से 634 व सुन्नी से 324 कि.ग्रा. मछली पकड़ी गई।

मत्स्य विभाग द्वारा इन सभाओं के 120 नये सदस्य मछुआरों को प्रशिक्षण प्रदान कर कुल 150 मछुआरों को जाल खरीदने के लिए अनुदान दिया गया। इस जलाशय में बीज संग्रहण के एक वर्ष बाद ही मछली आखेट आरम्भ करवा दी गई है, जिसके सार्थक परिणाम सामने आये हैं। उन्होंने कहा कि पकड़ी गई मछलियों में राहू, कामना कार्प, महाशीर व कुछ अन्य प्रजातियां प्रमुख है।

भरमौरी ने कहाकि इस जलाशय में मछली बीज की मांग को पूरा करने के लिए सुन्नी क्षेत्र के नगर गांव में एक महाशीर हैचरी व कार्य बीज उत्पादन इकाई स्थापित की जा रही है, जिसका निर्माण कार्य शीघ्र ही आरम्भ कर दिया जाएगा।

वन एवं मत्स्य मंत्री ने कहा कि कोल बांध के तहत 1302 हैक्टेयर जल क्षेत्र का एक नया जलाशय गत वर्ष ही अस्तित्व में आया है तथा मत्स्य विभाग ने तत्परता से गत वर्ष ही विभिन्न प्रजातियों का 30 लाख मछली बीज इस जलाशय में संग्रहित कर दिया गया था। एेंकलिंग पर्यटन को बढ़ावा देने के दृष्टिगत सुनहरी महाशीर प्रजाति का बीज भी संग्रहित किया गया है। किसी भी नए जलाशय में मछली उत्पादन को आरम्भ करने के लिए मछली बीज संग्रहण के बाद पूर्ण मत्स्य धन स्थापित करने के लिए 2 से 3 वर्ष का समय लगता है, परन्तु प्रदेश सरकार द्वारा इस जलाशय में मत्स्य गतिविधियां आरम्भ कर दी गई हैं और जलाशय की देखरेख व सुचारू कार्य के लिए विभिन्न श्रेणियों के 14 पद भरे गए हैं।

ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि जून व जुलाई माह के दौरान पूरे प्रदेश में मछलियों के प्रजनन काल के मध्यनजर मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहता है। इस जलाशय में भी प्रायौगिक तौर पर मत्स्य आखेत आरम्भ कर दिया गया है। इस जलाशय में 6 मत्स्य सहकारी सभाओं के 340 सदस्यों को मछली पकड़ने के लाइसैंस जारी किए गए हैं। मछुआरों को आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं। जिसके तहत उन्हें मछली पकड़ने के लिए एक्त व नियमों को जानकारी प्रदान की गई है।

Photo: Hitesh Kapil

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS