एचपीयू में यूजीसी नियमों में बदलावों का पढ़ने-पढ़ाने के स्तर पर पड़ेगा गलत असर: छात्र

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एसिस्टैंट प्रोफेसर के लिए पढ़ाने के घंटे 16 प्रति सप्ताह से 24 घंटे तथा एसोसिएट प्रोफेसर के पढ़ाने के 14 घंटे 22 प्रति सप्ताह कर दिए गए है!

शिमला- हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के छात्र संगठन ने मोदी सरकार द्वारा हाल में गजट नोटिफिकेशन के ज़रिये यूजीसी के नियमों में लाए गए बदलावों के खिलाफ हिमाचल प्रदेश विश्विधालय सहित अन्य इकाइयों में विरोध प्रदर्शन किया!

छात्र संगठन का सीधे तौर पर मनना है कि इन बदलावों का विश्विधालय में पढ़ने-पढ़ाने के स्तर पर गलत असर पड़ेगा इसका मुख्य तौर पर असर इस तरह रहेगा!

एसिस्टैंट प्रोफेसर के लिए पढ़ाने के घंटे 16 प्रति सप्ताह से 24 घंटे तथा एसोसिएट प्रोफेसर के पढ़ाने के 14 घंटे 22 प्रति सप्ताह कर दिए गए है!

प्रैक्टिकल के 2 घंटे के पीरियड को अब एक लेक्चर के बराबर माना जाएगा!

एड हॉक पर रखे शिक्षकों की नौकरियों को खत्म किया जा रहा है! जबकि एमफिल,पीएचडी के अधिकांश छात्र एड हॉक शिक्षक के रूप में पढ़ाते है! जो बंद होने से सीधा असर छात्र शिक्षक अनुपात पर पड़ेगा!

वि0वि0 में खाली पड़े पदो को भरने के स्थान पर उन पदो की ही कटौती कर दी जाएगी! यह सब बजट कटौती नतीजा है!

छात्र संगठन ने कहा कि उनका मानना है की ये बदलाव उस प्रक्रिया का हिस्सा है जिसकी शुरुआत रूसा व सेमेस्टर से हुए थी और जो हमारी सरकारी उच्च शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करना चाहता है!

गौरतलब है कि दिल्ली वि वि प्राध्यापक संघ (DUTA) द्वारा इसके खिलाफ लाडे जा रहे आंदोलन का छात्र संगठन पूर्ण समर्थन करती है!

छात्र संगठन ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा यूजीसी के फंड में की गयी कोताही का सीधा प्रमाण अब बिगड़ते छात्र-शिक्षक अनुपात, महंगी होती शिक्षा, रिसर्च स्कालरशिप में कटौती या बंद करने आदि रूप से सामने आ रहा है!

विश्वविद्यालय प्रशासन राज्य कमेटी इन शिक्षा विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध जताते हुए वि0वि0 विश्वविद्यालय सहित अन्य इकाइयों में इसके विरोध सवरूप प्रदर्शन किये गए! छात्रों ने चेताया है कि आने वाले समय में इस आंदोलन को और तीखा किया जियेगा!

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