खाली पेट ही खिला दी कीड़े मारने की दवाई, 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ी ,6 की हालत गम्भीर,सरकार के अभियान पर उठे सवाल

0
395
HP Govt school Students

बच्चें को पेट दर्द, सिर चकराने और उल्टी की शिकायत होने लगी, 108 एंबुलेंस द्वारा बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी पहुंचाया गया, सिरमौर जिला के सराहां के कोटला बडोग उच्च पाठशाला में दवा खिलाने के बाद ऐसे मामले आए, बच्चों ने उल्टियां और पेट दर्द होने की शिकायत की

शिमला- राष्ट्रीय कृमि दिवस पर बुधवार को प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को पिलाई गई पेट के कीड़े मारने की एलबेंडाजोल दवा की खुराक से 47 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। सोलन, सिरमौर और रामपुर के स्कूलों में दवा खाने के बाद रियेक्शन होने का मामला सामने आया।

बच्चों ने उल्टियां और पेट दर्द होने की शिकायत की। प्रदेश भर में स्कूलों में 19 वर्ष आयु तक के बच्चों को खुराक दी गई। जिला सोलन के बनलगी प्राथमिक स्कूल के 17 बच्चों को पेट के कीड़े मारने की एलबेंडाजोल दवा की खुराक रिएक्शन कर गई।

बच्चें को पेट दर्द, सिर चकराने और उल्टी की शिकायत होने लगी। 108 एंबुलेंस द्वारा बच्चों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चंडी पहुंचाया गया। चिकित्सक डा. इंद्र ठाकुर ने बताया कि केंद्र में 17 बच्चों को उपचार के लिए लाया गया। इनमें छह की हालत को गंभीर देखते हुए आधा घंटा आब्जरवेशन में रखा गया। इसके बाद सेहत में सुधार देखते हुए उन्हें छुटटी दे दी गई।

उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा खाली पेट दवा खाने से शरीर पर यह प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्कूल में पेश आए इस हादसे के बाद सरकार के इस अभियान पर कई सवाल उठ रहे हैं। कृष्णगढ पंचायत के प्रधान रामनाथ वशिष्ठ व उप प्रधान पवन शर्मा ने बताया कि स्कूली बच्चों की सेहत के साथ इस प्रकार का लापरवाह पूर्ण रवैया विभागों की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है

इन स्कूलों में भी बिगड़ी बच्चों की तबीयत

सिरमौर जिला के सराहां के कोटला बडोग उच्च पाठशाला में दवा खिलाने के बाद ऐसे मामले आए। स्कूल में सुबह सवा 10 बजे ऐलबेंडाजोल दवा खाने के बाद करीब 22 स्कूली बच्चों को खारिश, उल्टियां, आंखों में जलन व पेटदर्द शुरू हो गया। सभी बच्चों को प्राथमिक उपचार दिया गया।

19 बच्चों को उपचार के बाद आराम मिला। केवल तीन लड़कियों शालिनी, पूजा शर्मा व सुनाक्षी को राजगढ़ अस्पताल भेजा गया। राजगढ़ के डीएवी स्कूल की अध्यापिका उपासना ने बताया कि स्कूल की छात्रा विशाखा, कार्तिक व निश्चय राज की तबीयत बिगड़ी।

पांवटा ब्लॉक के तारुवाला प्राथमिक स्कूल में 2 बच्चों को दवा खाने के बाद रियेक्शन हुआ। उधर, रामपुर उपमंडल के तहत आने वाले प्राथमिक स्कूल दत्तनगर में भी दवा खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी। दवाई खाने के बाद तीन बच्चों को उल्टियां लग गई।

कभी भी दे सकते हैं यह दवा

पेट के कीड़े मारने की दवा बच्चों को कभी भी दी जा सकती है। हालांकि किसी को गैस की समस्या हो सकती है। तब ही ऐसा होता है।
डा. प्रवीण भारद्वाज, शिशु रोग विशेषज्ञ, आईजीएमसी

स्वास्थ्य अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट

बच्चों की तबीयत बिगड़ने को लेकर स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जाएगी। जिन बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनकी तबीयत बिगड़ सकती है। रिपोर्ट आने पर पूरी जानकारी दे सकेंगे।-डा. डीएस गुरुंग, स्वास्थ्य निदेशक

हिमाचल वॉचर हिंदी के एंड्रायड ऐप के लिए यहां क्लिक करें

NO COMMENTS