महापौर की कोरी घोषणाओ के अलावा नहीं हुआ कोई कार्य, निगम ने पुरानी घोषणाओ को नए सिरे से किया पेश : कॉंग्रेस

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Shimla MC Sewerage Cess

पिछले बजट का न कोई पार्क ही बन पाया न कोई खेल कोर्ट ही,वार्ड स्तर पर कोई भी विकास का कार्य नहीं हो पाया,हर वार्ड को क्मुनिटी सेंटर, युवाओ को जिम्नेजियम के वादे धरे के धरे रह गए,रीडिंग रूम केफे सब कागजो मे ही बन गए,एसकीलेटर तो दूर शहर मे कुछ बेन्च लगाने की बात थी वो भी नहीं लग पाये। पिंक टेकसी तो दूर बंदरो व कुत्तो की समस्याओ का कोई ठोस समाधान आज तक नहीं निकाल पाये।

शिमला- जिला कॉंग्रेस कमेटी शिमला शहरी के प्रवक्ता दीपक सुंदरियाल ने कहा की शिमला के महापौर कोरी घोषणाओ के महारथी है,बजट मे कुछ नया नहीं है पुरानी घोषणाओ को नए सिरे से पेश किया गया है और पिछले वर्षो की अति महत्वकांक्षी परियोजनाओ से पल्ला झाड़ कर अपनी नाकामी छुपाने का प्रयास किया गया है।

सुंदरियाल ने कहा की पिछले तीन वर्षो के बजट मे बड़े बड़े सपने थे इस बजट मे मूलभूत सुविधाओ का रोना रोया गया है अपने पूरे कार्यकाल मे महापौर द्वारा कोरी घोषणाओ के अलावा कोई कार्य नहीं हुआ है।

सुंदरियाल ने कहा की,पिंक टेकसी,गोल्फ कोर्ट,रिज व माल रोड का कायाकल्प,विदेशो जैसी लूक,हर तरह से माकपा के महापौर द्वारा जनता को छलावे मे रखा गया। मूलभूत सुविधाओ की बात उठती थी तो महापौर शिमला के नए लूक,विकास,ब्यूटीफीकेशनका राग अलापते थे।युवाओ को वाई फाई,मॉल रोड पर बेंच चार्जर जैसे शगूफे छोड़ते थे। अब वो सारी परियोजनाए गायब हो गई,केवल कागजो मे कायाकल्प हुआ और शिमला की नई लूक भी जनता के सामने है।

सुंदरियाल ने कहा की ,महिलाओ,युवाओ और बुजर्गों को रिझा कर सदन की कुर्सी पर बेठने के बाद महापौर उन्हे ही भूल गए बजट मे महिलाओ ,युवाओ और बुजर्गों के लिए कुछ नहीं है।

पिछले बजट का न कोई पार्क ही बन पाया न कोई खेल कोर्ट ही,वार्ड स्तर पर कोई भी विकास का कार्य नहीं हो पाया,हर वार्ड को क्मुनिटी सेंटर, युवाओ को जिम्नेजियम के वादे धरे के धरे रह गए,रीडिंग रूम केफे सब कागजो मे ही बन गए,एसकीलेटर तो दूर शहर मे कुछ बेन्च लगाने की बात थी वो भी नहीं लग पाये। पिंक टेकसी तो दूर बंदरो व कुत्तो की समस्याओ का कोई ठोस समाधान आज तक नहीं निकाल पाये।

पार्किंग हर वर्ष की तरह केवल निर्माणकार्यो मे ही है,गरीबो के आशियाने जयों के तयों रह गए,स्ट्रीट लाइटों के साथ ही सोलरलाइट लगा दी गई जिसका कोई भी औचित्य नहीं था,अब फिर सोलर सिटि के शगूफे छोड़े जा रहे है, कूड़ा स्यंत्र अभी भी कागजो मे है,तहबजरियों की नीतियाँ पिछले हर बजट मे बनती रही है पर आज तक सिरे नहीं चड़ पाई।

सीवरेज कनक्टिविटी पर हर बार की तरह ज़ोर दिया गया है पर पीलिया का फेलना निगम द्वारा सीवरेज का सही रख रखाव न कर पाने का जीवंत उधारण है,माकपा के कार्यकाल मे पानी की समस्या और जटिल हुई है।

मूलभूत सुविधाओ को सुचारु रूप से आम जनता तक पहुचने की जगह हर क्षेत्र मे राजनीति की गई जिस से पीलिया जैसी बीमारियाँ फेली,शहर मे पानी का डिस्ट्रीब्यूशन व रख रखाव निगम के अंतर्गत आता है यदि उसमे चूक हुई तो महपौर को उसकी नैतिक जिम्मेवारी लेनी चाहिए थी लेकिन उसपर केवल लीपापोथी की गई।

सुंदरियाल ने कहा की बजट मे कुछ भी नया नहीं है इस मर्तबा आम आदमी की बुनियादी सुविधाओ के नाम पर बजट पेश किया गया पिछली मर्तबा विकास व शिमला की नई लूक की बात की गई थी परियोजनाए वही है शब्दो का हेर फेर करके महापौर ने ओपचारिकता पूरी करने का प्र्यास किया है।

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