शिमला में गर्मियों से पहले ही पेयजल संकट, लोग प्रदूषित बावड़ियों पे निर्भर, निजी वाहनों से पानी मंगवाने पे मजबूर

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Water Contamination in Shimla

शिमला- राजधानी शिमला के उपनगरों में लोगों को पेयजल की समस्या के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीन दिन बाद पेयजल सप्लाई हो रहा है। गर्मी अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन लोगों को पेयजल की समस्या से दो-चार होना पड़ रहा है। उपनगर टुटू, समरहिल, बालूगंज और विकासनगर के लोग पानी के लिए या तो बावड़ियों पर निर्भर हैं या फिर निजी वाहनों से पानी मंगवा रहे हैं।

लोगों ने कहा कि सर्दी में ही पानी की समस्या है तो गर्मियों में उन्हें पानी की समस्या से खासी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अश्वनी खड्ड से पानी की आपूर्ति न होने के कारण लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गर्मियों में शिमला शहर के लिए जल आपूर्ति करने वाली योजनाओं में पानी कम हो जाता है। पर्याप्त बर्फबारी और बारिश न होने के कारण प्राकृतिक जल स्द्दोतों में भी पानी जमा नहीं सका है। इस कारण गर्मियों में और भी दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

शिकायत करने पर भी नहीं हो रही कार्रवाई

समरहिल के साथ लगते सांगटी क्षेत्र में भी पेयजल की बहुत कम मात्रा में सप्लाई हो रही है। लोगों ने कहा कि वह बावड़ी से पानी लाने के मजबूर हैं। बावड़ी का पानी पीने से पीलिया जैसी बीमारी के लिए खतरा बना हुआ है। रामपाल ने बताया कि उन्हें तीन दिन छोड़कर पानी की सप्लाई हो रही है लेकिन सिर्फ दो बाल्टियां ही पीने का पानी उन्हें उपलब्ध होता है। उन्होंने आईपीएच विभाग में शिकायत भी की है, लेकिन समस्या वैसी ही बनी हुई है।

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